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HPCL Murder Case: पीलीभीत में हर्षित मिश्रा के पिता और पत्नी को मिलेगा शस्त्र लाइसेंस, कागजी प्रक्रिया पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Published by: Mukesh Kumar
Updated Tue, 17 Mar 2026 01:27 PM IST
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सार
पीलीभीत के पूरनपुर निवासी हर्षित मिश्रा के परिवार को शस्त्र लाइसेंस दिया जाएगा। इसकी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। हर्षित मिश्रा एचपीसीएल प्लांट के सहायक मुख्य प्रबंधक थे। 12 मार्च को प्लांट में हर्षित और उप महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता की हत्या कर दी गई थी।
शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करते नायब तहसीलदार पूरनपुर
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बदायूं के गांव सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में पूरनपुर के हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या मामले में पीलीभीत जिला प्रशासन अब हर्षित के पिता और पत्नी को शस्त्र लाइसेंस मुहैया कराएगा। मंगलवार को पूरनपुर के नायब तहसीलदार ने हर्षित के घर पहुंचकर पिता और पत्नी से मिलकर जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी की। बताया कि जल्द ही शस्त्र लाइसेंस दिया जाएगा। उधर, मंगलवार को हर्षित के परिजन बदायूं गए हैं। हर्षित के पिता, मां, पत्नी और मामा को कड़ी सुरक्षा के बीच बदायूं ले जाया गया है। बताया जा रहा है परिजन बदायूं में डीएम-एसपी और अन्य अधिकारियों से मिलेंगे। कार्रवाई को लेकर अपनी बात भी अफसरों के समक्ष रखेंगे।
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बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव सैंजनी में बने हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की 12 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सोमवार को एसपी बदायूं के प्रतिनिधि के रूप में सीओ बिल्सी सुनील कुमार सिंह सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा के घर पहुंचे। उन्होंने परिजन से जानकारी ली। हर्षित के पिता ने बंद लिफाफे में तहरीर और पेन ड्राइव में घटना के कुछ सुबूत दिए।
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एसपी बदायूं ने हर्षित के पिता से फोन पर की बात
हर्षित की मां रानी मिश्रा ने एक सप्ताह में संतोषजनक कार्रवाई न होने पर पूरे परिवार सहित आत्मदाह की चेतावनी दी। सीओ के कहने पर हर्षित के पिता सुशील मिश्रा ने एसपी बदायूं से मोबाइल फोन पर भी बात की। हर्षित के पिता ने बताया कि एसपी बदायूं के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे सीओ को उन्होंने बंद लिफाफा में तहरीर और पेन ड्राइव में सुबूत दिए हैं। सीओ के कहने पर एसपी बदायूं से मोबाइल पर बात की। बातचीत के दौरान उन्होंने घटना के बाद की जा रही लीपापोती का आरोप लगाया। साथ ही न्याय की गुहार की। हर्षित मिश्रा की मां रानी मिश्रा ने सीओ को बताया कि उनका बेटा ईमानदार था और झुका नहीं, इसलिए मार दिया गया।
हर्षित की पत्नी सुमति बोलीं कार्रवाई के नाम पर लीपापोती
हर्षित मिश्रा की पत्नी सुमति मिश्रा का कहना है कि घटना के दिन पति बैठक में नहीं जाना चाहते थे। अफसर उनको फोन कर लगातार बैठक में आने का दबाव बना रहे थे। बैठक में शामिल हुए एक प्रमुख अफसर के पास मुख्य आरोपी का लगातार कई बार फोन भी आया था। इसकी जानकारी हर्षित ने बैठक से हटकर उनको मोबाइल पर दी थी।
दबाव और दबंगई से परेशान हर्षित कई दिनों से चल रही गतिविधियों की जानकारी देते थे। वह दूसरे उप महाप्रबंधक के आने के बाद लंबी छुट्टी लेने का मूड बना रहे थे। सुमति ने बताया कि उनके पति के साथ कई दिनों से अभद्रता हो रही थी। हत्यारोपी अक्सर रास्ते में उनकी गाड़ी को रोककर अभद्रता करता था। डीएम, एसपी से मिलकर उसके पति ने शिकायत के साथ सुरक्षा मांगी। विधायक से भी मिले। विधायक ने भी उनकी नहीं सुनी।
हर्षित मिश्रा की पत्नी सुमति मिश्रा का कहना है कि घटना के दिन पति बैठक में नहीं जाना चाहते थे। अफसर उनको फोन कर लगातार बैठक में आने का दबाव बना रहे थे। बैठक में शामिल हुए एक प्रमुख अफसर के पास मुख्य आरोपी का लगातार कई बार फोन भी आया था। इसकी जानकारी हर्षित ने बैठक से हटकर उनको मोबाइल पर दी थी।
दबाव और दबंगई से परेशान हर्षित कई दिनों से चल रही गतिविधियों की जानकारी देते थे। वह दूसरे उप महाप्रबंधक के आने के बाद लंबी छुट्टी लेने का मूड बना रहे थे। सुमति ने बताया कि उनके पति के साथ कई दिनों से अभद्रता हो रही थी। हत्यारोपी अक्सर रास्ते में उनकी गाड़ी को रोककर अभद्रता करता था। डीएम, एसपी से मिलकर उसके पति ने शिकायत के साथ सुरक्षा मांगी। विधायक से भी मिले। विधायक ने भी उनकी नहीं सुनी।