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Pilibhit News: गर्भवती महिलाओं को महिला अस्पताल की अधूरी दवाएं भी दें रही दर्द

Thu, 30 Jul 2026 12:00 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Thu, 30 Jul 2026 12:00 AM IST
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Incomplete supply of medicines at the women's hospital is causing distress to pregnant women.
पूजा
पीलीभीत। गर्भवती महिलाओं को एमसीएच (मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य) विंग में इलाज नहीं अधूरी दवाओं का का दर्द मिल रहा है। अस्पताल में एएनसी (प्रसवपूर्ण देखभाल) जांच कराने पहुंच रहीं गर्भवतियों को चिकित्सक की ओर से जो दवाएं पर्चे पर लिखीं जा रहीं हैं, वह दवा काउंटर से पूरी नहीं मिल रही हैं। ऐसे में मरीज बाहर से दवा लेने के लिए मजबूर हैं। इससे निशुल्क इलाज की आस में दूरदराज से पहुंचने वाली गर्भवतियों को सुविधा की जगह एमसीएच से दर्द मिल रहा है।
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बुधवार को एमसीएच विंग में सुबह नौ बजे से ही चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं का एएनसी क्लीनिक में परामर्श लेना शुरू कर दिया। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचीं गर्भवती महिलाएं पहले तो पर्चा काउंटर की लंबी कतार में लगीं, पर्चा बनवाने के बाद उनको परामर्श के लिए घंटों का इंतजार करना पड़ा।
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भीड़ अधिक होने के चलते महिलाओं को नंबर देर से आया। परामर्श में गर्भवतियों को बरतने वाली विशेष सलाह देते हुए चिकित्सकों की ओर से पर्चे पर दवा भी लिखी गईं। लेकिन, यह दवाएं काउंटर से उपलब्ध नहीं हो सकीं। महिलाओं ने बताया कि चिकित्सक की ओर से जो दवाएं पर्चे पर लिखीं गईं, वो पूरी तरह से दवा काउंटर पर हैं ही नहीं। लगभग हर पर्चे पर एक या दो गोली की उपलब्धता नहीं है जो बाहर से खरीदने को कहा जा रहा है। महिलाओं ने बताया आए दिन यहां दवा, अल्ट्रासाउंड में देरी आदि जैसी समस्याएं होती हैं। जिला महिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि दवाओं की उपलब्धता लगातार देखी जाती है। बावजूद अगर कोई बाहर की दवा लिख रहा है। तो यह भी जांच कराई जाएगी।
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काफी दूर गांव से आना होता है, लेकिन हर बार आधी दवा ही दी जाती है। इससे बाकी दवा बाहर से लेनी पड़ती है। दिक्कत तो होती है। - पूजा मौर्य

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प्रत्येक महीने में चिकित्सक को दिखाना होता है, हर बार वह दवाएं भी लिखती है। दवा की ज्यादातर शॉटेज ही देखी गई है। - रोली

पूजा

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