{"_id":"6a14ae7fe548b0e8210e2af1","slug":"leopard-safari-to-be-developed-with-rs-49-crore-leopards-to-be-seen-in-30-km-area-pilibhit-news-c-121-1-pbt1009-160356-2026-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: 49 करोड़ से विकसित होगी लेपर्ड सफारी, 30 किलोमीटर क्षेत्र में होंगे तेंदुओं के दीदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: 49 करोड़ से विकसित होगी लेपर्ड सफारी, 30 किलोमीटर क्षेत्र में होंगे तेंदुओं के दीदार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
1700 हेक्टेयर जंगल को संवारा जाएगा, शासन को भेजी गई डीपीआर में पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण पर फोकस
पीलीभीत। जिले में प्रस्तावित लेपर्ड सफारी परियोजना अब आकार लेने लगी है। करीब 49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले प्रोजेक्ट की डीपीआर शासन को भेज दी गई है। परियोजना के तहत 1700 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 30 किलोमीटर लंबे जंगल क्षेत्र को विकसित कर सुरक्षित किया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि यह सफारी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बनेगी और यहां तेंदुओं की श्योर शॉट साइटिंग संभव होगी।
जिले के गोपालपुर जंगल क्षेत्र में तेंदुआ सफारी को लेकर पिछले माह प्रयास शुरू किए गए थे। एक दिन पूर्व मुख्य वन संरक्षक एवं एफडी पीपी सिंह ने अधिकारियों के साथ संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति देखकर विस्तृत जानकारी जुटाई थी। एफडी पीपी सिंह ने उपेक्षित पड़े जंगल क्षेत्र को सुरम्य और व्यवस्थित बनाने के लिए सोशल फारेस्ट्री विभाग को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
योजना के तहत चिह्नित जंगल क्षेत्र को फेंसिंग के जरिए सुरक्षित किया जाएगा। साथ ही सोशल फारेस्ट्री की दियोरिया रेंज और खुटार क्षेत्र को भी पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक गोपालपुर के पास स्थित जंगल क्षेत्र में पेड़ों के अत्यधिक झुकाव और रास्तों में आ रही बाधाओं को दूर करने पर विशेष काम होगा, ताकि पर्यटकों की आवाजाही आसान हो सके। जंगल में पानी और हरियाली की बेहतर उपलब्धता के कारण यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
विज्ञापन
डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि परियोजना को लेकर शीर्ष अधिकारियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। डीपीआर में हर आवश्यक बिंदु को शामिल किया गया है, जिससे यह सफारी भविष्य में पीटीआर के बाद जिले का बड़ा पर्यटन केंद्र बन सके। करीब 49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले इस प्रोजेक्ट की डीपीआर शासन को भेज दी गई है। संवाद
पीलीभीत। जिले में प्रस्तावित लेपर्ड सफारी परियोजना अब आकार लेने लगी है। करीब 49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले प्रोजेक्ट की डीपीआर शासन को भेज दी गई है। परियोजना के तहत 1700 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 30 किलोमीटर लंबे जंगल क्षेत्र को विकसित कर सुरक्षित किया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि यह सफारी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बनेगी और यहां तेंदुओं की श्योर शॉट साइटिंग संभव होगी।
जिले के गोपालपुर जंगल क्षेत्र में तेंदुआ सफारी को लेकर पिछले माह प्रयास शुरू किए गए थे। एक दिन पूर्व मुख्य वन संरक्षक एवं एफडी पीपी सिंह ने अधिकारियों के साथ संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति देखकर विस्तृत जानकारी जुटाई थी। एफडी पीपी सिंह ने उपेक्षित पड़े जंगल क्षेत्र को सुरम्य और व्यवस्थित बनाने के लिए सोशल फारेस्ट्री विभाग को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
योजना के तहत चिह्नित जंगल क्षेत्र को फेंसिंग के जरिए सुरक्षित किया जाएगा। साथ ही सोशल फारेस्ट्री की दियोरिया रेंज और खुटार क्षेत्र को भी पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक गोपालपुर के पास स्थित जंगल क्षेत्र में पेड़ों के अत्यधिक झुकाव और रास्तों में आ रही बाधाओं को दूर करने पर विशेष काम होगा, ताकि पर्यटकों की आवाजाही आसान हो सके। जंगल में पानी और हरियाली की बेहतर उपलब्धता के कारण यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
Trending Videos
डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि परियोजना को लेकर शीर्ष अधिकारियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। डीपीआर में हर आवश्यक बिंदु को शामिल किया गया है, जिससे यह सफारी भविष्य में पीटीआर के बाद जिले का बड़ा पर्यटन केंद्र बन सके। करीब 49 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले इस प्रोजेक्ट की डीपीआर शासन को भेज दी गई है। संवाद