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Pilibhit News: रोडवेज डिपो पर लापरवाही... चार घंटे थमे 46 बसों के पहिये
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रोडवेज पर खड़ी बसें। संवाद
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पीलीभीत। रोडवेज बस अड्डा परिसर के डीजल डिपो पर कर्मियों की लापरवाही के कारण डीजल न मिलने से सोमवार सुबह 46 बसों के पहिये चार घंटे के लिए थम गए। इससे 12 मार्गों पर बसों का संचालन प्रभावित रहा। इस दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत यात्रियों काे हुई। अब डीजल डिपो पर समय से न पहुंचने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय रोडवेज बस अड्डा परिसर में ही डीजल डिपो है। यहीं से रोडवेज बसों में डीजल भरा जाता है। सोमवार सुबह डीजल भरवाने के लिए बसों की लाइन लगी थी, लेकिन डीजल डिपो पर कोई कर्मचारी नहीं था। जिन बसों को सुबह छह बजे अपने गंतव्य के लिए रवाना होना था। वे बसेें भी डीजल भरवाने की लाइन में लगी थीं। इससे वहां बसों की संख्या बढ़ती गई। इससे बस अड्डे के बाहर जाम की स्थिति बन गई। डीजल डिपो के कर्मचारियों के समय पर न आने की वजह से सुबह 6 बजे से 10 बजे तक बसों का संचालन प्रभावित रहा।
देरी से आए कर्मचारियों ने बारी-बारी से बसों में डीजल भरना शुरू किया। देरी की वजह से बसों में डीजल भरवाने के लिए होेड़ मच गई। किसी तरह बसों में डीजल भरा गया। इस दिक्कत में 46 बसें फंस गईं। वे बसें डीजल मिलने के बाद यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य स्थानों के लिए रवाना हुई।
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यात्रियों ने लिया निजी वाहनों का सहारा
देरी के चलते तमाम यात्री मैजिक, प्राइवेट वाहन आदि का सहारा लेकर अपने गंतव्य के लिए चले गए। हालांकि, जिन कर्मचारियों की लापरवाही से बसों का संचालन ठप हुआ। अब उन पर विभागीय कार्रवाई करने की तैयारी शुरू हो गई है। संवाद
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इन 12 रूट पर थमे रहे 46 रोडवेज बसों के पहिए
विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह समय से डीजल न मिलने की वजह से बरेली की 10, मथुरा 2, अलीगढ़ 1, आगरा 1, कानपुर 1, मैनपुरी 1, बिजनौर 2, काशीपुर 1, रुद्रपुर 2, टनकपुर 8, दिल्ली रूट 15, लखनऊ की 2 बसों का समय से संचालन नहीं हो पाया। यह सभी बसें 4 घंटा देरी से रवाना हुईं।
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डीजल डिपो के कर्मचारियों के समय से डयूटी पर नहीं पहुंचने की वजह से बसों में डीजल भरने में देरी होने की बात सामने आई है। संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय को पत्र लिखा जा रहा है। इस तरह की विभागीय लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- विपुल पाराशरी, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, पीलीभीत
स्थानीय रोडवेज बस अड्डा परिसर में ही डीजल डिपो है। यहीं से रोडवेज बसों में डीजल भरा जाता है। सोमवार सुबह डीजल भरवाने के लिए बसों की लाइन लगी थी, लेकिन डीजल डिपो पर कोई कर्मचारी नहीं था। जिन बसों को सुबह छह बजे अपने गंतव्य के लिए रवाना होना था। वे बसेें भी डीजल भरवाने की लाइन में लगी थीं। इससे वहां बसों की संख्या बढ़ती गई। इससे बस अड्डे के बाहर जाम की स्थिति बन गई। डीजल डिपो के कर्मचारियों के समय पर न आने की वजह से सुबह 6 बजे से 10 बजे तक बसों का संचालन प्रभावित रहा।
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देरी से आए कर्मचारियों ने बारी-बारी से बसों में डीजल भरना शुरू किया। देरी की वजह से बसों में डीजल भरवाने के लिए होेड़ मच गई। किसी तरह बसों में डीजल भरा गया। इस दिक्कत में 46 बसें फंस गईं। वे बसें डीजल मिलने के बाद यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य स्थानों के लिए रवाना हुई।
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देरी के चलते तमाम यात्री मैजिक, प्राइवेट वाहन आदि का सहारा लेकर अपने गंतव्य के लिए चले गए। हालांकि, जिन कर्मचारियों की लापरवाही से बसों का संचालन ठप हुआ। अब उन पर विभागीय कार्रवाई करने की तैयारी शुरू हो गई है। संवाद
इन 12 रूट पर थमे रहे 46 रोडवेज बसों के पहिए
विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह समय से डीजल न मिलने की वजह से बरेली की 10, मथुरा 2, अलीगढ़ 1, आगरा 1, कानपुर 1, मैनपुरी 1, बिजनौर 2, काशीपुर 1, रुद्रपुर 2, टनकपुर 8, दिल्ली रूट 15, लखनऊ की 2 बसों का समय से संचालन नहीं हो पाया। यह सभी बसें 4 घंटा देरी से रवाना हुईं।
डीजल डिपो के कर्मचारियों के समय से डयूटी पर नहीं पहुंचने की वजह से बसों में डीजल भरने में देरी होने की बात सामने आई है। संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय को पत्र लिखा जा रहा है। इस तरह की विभागीय लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- विपुल पाराशरी, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, पीलीभीत