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Pilibhit News: पीटीआर में सक्रिय किया गया मास्टर कंट्रोल रूम
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 03 May 2026 11:50 PM IST
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पीलीभीत। पीटीआर में वन्यजीवों की निगरानी और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए मास्टर कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। अब जंगल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी सीधे मुख्यालय तक पहुंचेगी, इससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सकेगी।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए मास्टर कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। इस पहल के तहत अब बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के जंगल से बाहर निकलने, अवैध घुसपैठ और मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़ी सभी सूचनाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। पीटीआर में पहले से पांचों रेंजों में अलग-अलग कंट्रोल रूम संचालित हैं, जहां से सूचनाएं संबंधित रेंज अधिकारियों तक सीमित रहती थीं। किसी घटना की जानकारी उच्चाधिोकारियों तक अक्सर देर से पहुंचती थी, जिससे त्वरित कार्रवाई में बाधा आती थी। इन समस्याओं को देखते हुए टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर मास्टर कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्णय लिया गया था।
यह कंट्रोल रूम ग्लोबल टाइगर फोरम और विश्व प्रकृति के सहयोग से तैयार किया गया है और अब मुख्यालय के नए भवन के प्रथम तल पर संचालित हो रहा है।
मास्टर कंट्रोल रूम के सक्रिय होने के बाद अब सभी सूचनाएं सीधे मुख्यालय तक पहुंचेंगी और वहां से संबंधित अधिकारियों को तुरंत प्रेषित की जाएंगी।
कंट्रोल रूम के संचालन की जिम्मेदारी बाघ मित्रों को सौंपी गई है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि मास्टर कंट्रोल रूम के माध्यम से अब सभी सूचनाएं रियल टाइम एक्सेस हो सकेंगी। संवाद
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए मास्टर कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। इस पहल के तहत अब बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के जंगल से बाहर निकलने, अवैध घुसपैठ और मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़ी सभी सूचनाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। पीटीआर में पहले से पांचों रेंजों में अलग-अलग कंट्रोल रूम संचालित हैं, जहां से सूचनाएं संबंधित रेंज अधिकारियों तक सीमित रहती थीं। किसी घटना की जानकारी उच्चाधिोकारियों तक अक्सर देर से पहुंचती थी, जिससे त्वरित कार्रवाई में बाधा आती थी। इन समस्याओं को देखते हुए टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर मास्टर कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्णय लिया गया था।
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यह कंट्रोल रूम ग्लोबल टाइगर फोरम और विश्व प्रकृति के सहयोग से तैयार किया गया है और अब मुख्यालय के नए भवन के प्रथम तल पर संचालित हो रहा है।
मास्टर कंट्रोल रूम के सक्रिय होने के बाद अब सभी सूचनाएं सीधे मुख्यालय तक पहुंचेंगी और वहां से संबंधित अधिकारियों को तुरंत प्रेषित की जाएंगी।
कंट्रोल रूम के संचालन की जिम्मेदारी बाघ मित्रों को सौंपी गई है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि मास्टर कंट्रोल रूम के माध्यम से अब सभी सूचनाएं रियल टाइम एक्सेस हो सकेंगी। संवाद
