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Pilibhit News: जिले में ज्वाइन करते ही विवादों में आए जिला पंचायत के एएमए
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 10 Jan 2026 11:50 PM IST
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पीलीभीत। जिला पंचायत से जुड़े विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता का मामला थमा ही था कि हाल ही में जिले में ज्वाइन करने वाले जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी चर्चा में आ गए हैं। अवकाश के दिन निविदा खोलने और अन्य आरोपों की जांच में एएमए दोषी पाए गए। जिलाधिकारी के शासन को पत्र भेजकर एएमए पर कार्रवाई की संस्तुति किए जाने के बाद जिला पंचायत फिर सुर्खियों में आ गई है।
जिला पंचायत आए दिन सुर्खियों में रहती है। अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने और बोर्ड बैठक में हंगामा, मारपीट का विवाद भी जिला पंचायत से जुड़ गया है। जुलाई में हुई जिला पंचायत की बोर्ड बैैठक में जमकर हंगामा हुआ था। बैठक में खाद की उपलब्धता और अन्य सवालों पर जवाब दे रहे जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल को जिला पंचायत सदस्य के पति के साथ आए युवक ने थप्पड़ जड़ दिया था।
नवंबर में जिला पंचायत के साथ टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता का विवाद जुड़ गया। निविदा प्रक्रिया से कुछ समय पहले ही एएमए धर्मेंद्र कुमार ने जिले में ज्वाइन किया था। 95 विकास कार्यों के टेंडर में अनियमितता की शिकायत पंजीकृत ठेकेदारों ने जिला प्रशासन और शासन से की थी। अपर मुख्य अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे। ठेकेदारों ने शिकायत कर कहा था कि शासनादेश के अनुसार तकनीकी निविदा की जांच पूरी होने के बाद वित्तीय निविदा खोलने का प्रावधान है।
जिला पंचायत के जिम्मेदारों ने मनमाने तरीके से अवकाश के दिन ही तकनीकी व वित्तीय निविदा खोल दी। डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में टीम गठित कर जांच कराई तो निविदा प्रक्रिया में कई अनियमितताएं मिलीं। बाद में टेंडर निरस्त कर दिए। अब डीएम ने शासन को पत्र भेजकर अपर मुख्य अधिकारी पर कार्रवाई की संस्तुति की है।
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जिला पंचायत आए दिन सुर्खियों में रहती है। अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने और बोर्ड बैठक में हंगामा, मारपीट का विवाद भी जिला पंचायत से जुड़ गया है। जुलाई में हुई जिला पंचायत की बोर्ड बैैठक में जमकर हंगामा हुआ था। बैठक में खाद की उपलब्धता और अन्य सवालों पर जवाब दे रहे जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल को जिला पंचायत सदस्य के पति के साथ आए युवक ने थप्पड़ जड़ दिया था।
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नवंबर में जिला पंचायत के साथ टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता का विवाद जुड़ गया। निविदा प्रक्रिया से कुछ समय पहले ही एएमए धर्मेंद्र कुमार ने जिले में ज्वाइन किया था। 95 विकास कार्यों के टेंडर में अनियमितता की शिकायत पंजीकृत ठेकेदारों ने जिला प्रशासन और शासन से की थी। अपर मुख्य अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे। ठेकेदारों ने शिकायत कर कहा था कि शासनादेश के अनुसार तकनीकी निविदा की जांच पूरी होने के बाद वित्तीय निविदा खोलने का प्रावधान है।
जिला पंचायत के जिम्मेदारों ने मनमाने तरीके से अवकाश के दिन ही तकनीकी व वित्तीय निविदा खोल दी। डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में टीम गठित कर जांच कराई तो निविदा प्रक्रिया में कई अनियमितताएं मिलीं। बाद में टेंडर निरस्त कर दिए। अब डीएम ने शासन को पत्र भेजकर अपर मुख्य अधिकारी पर कार्रवाई की संस्तुति की है।