UP News: पीलीभीत में नकली कफ सिरप बनाकर बेच रहा था झोलाछाप, पुलिस ने किया गिरफ्तार, 375 शीशी बरामद
पीलीभीत जिले में एक झोलाछाप नकली कफ सिरप बनाकर नशे के आदी युवाओं को बिक्री करता था। इसकी शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उससे काफी संख्या में नकली कफ सिरप की शीशियां बरामद हुई हैं।
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पीलीभीत में थाना घुंघचाई पुलिस ने नकली कफ सिरप बनाकर बेचने वाले झोलाछाप को गिरफ्तार किया है। पूरनपुर थाना के लाहा गांव निवासी आरोपी सुरेश कुमार के पास से 375 शीशी नकली कफ सिरप समेत काफी सामान बरामद किया गया है। एएसपी ने मंगलवार को मामले का खुलासा किया।
एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि एसपी (डीआईजी) अभिषेक यादव के निर्देश पर जिलेभर में कोडीनयुक्त कप सिरप को लेकर निगरानी की जा रही है। घुंघचाई पुलिस भी इस कार्य में जुटी थी। स्थानीय लोगों से थाना पुलिस को जानकारी मिली कि क्षेत्र का एक व्यक्ति युवाओं को नशे के सिरप समेत अन्य दवाएं उपलब्ध कराता है। टीम ने सूचना को गंभीरता से लेकर जांच-पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सोमवार रात सीओ पूरनपुर प्रतीक दहिया, घुंघचाई इंस्पेक्टर जयशंकर सिंह ने पुलिस टीम के साथ पूरनपुर थाना क्षेत्र के लाहा गांव निवासी आरोपी सुरेश कुमार को गिरफ्तार किया।
आरोपी के कब्जे से 340 बोतल टोपेक्स गोल्ड और 35 बोतल क्योरेक्स-टी समेत सिरप की कुल 375 शीशियां बरामद की। कफ सिरप बनाने से संबंधित सामग्री, पांच पैकेट में 488 नई खाली शीशियां (बिना ढक्कन), 110 रैपर, 1939 ढक्कन, 03 स्प्रिट से भरी शीशियां, ऑरेंज फ्लेवर नंबर-एक, एक छोटा गैस सिलिंडर और एक बाइक बरामद की है। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
खुटार के मुरगांव में बनाता था सिरप, ब्रांड के नाम से जिलेभर में बिक्री
फर्जी क्लीनिक की आड़ में नकली कफ सिरप तैयार करने वाला आरोपी दो साल से इसको अंजाम दे रहा था। पुलिस पूछताछ में आरोपी सुरेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2003 में वह शहर के एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर का कार्य करता था। बाद में अधिक मुनाफे के लालच में उसने शाहजहांपुर के थाना खुटार के मुरगांव गांव में करीब दो वर्ष पूर्व नकली कफ सिरप बनाना शुरू कर दिया था। कोडीन कफ सिरप की बिक्री बंद होने के बाद उसने टोपेक्स गोल्ड व क्योरेक्स- टी जैसे ब्रांड के नाम से नकली कफ सीरप तैयार करना शुरू किया। वह खाली शीशियां, ढक्कन और रैपर बाहर से मंगवाता था। ऑरेंज फ्लेवर और थोड़ी मात्रा में असली सिरप मिलाकर नकली सीरप तैयार करता था।
एक शीशी पर 80 रुपये तक आता था खर्च
आरोपी ने बताया कि नकली कफ सिरप को तैयार करने में उसे एक 200 एमएल शीशी पर करीब 75 से 80 रुपये खर्च आता था। बाजार में महंगे दामों में बिक जाती थी। वह एक दिन में लगभग 350 शीशियां तैयार कर बिक्री के बाद नई खेप बनाता था। पुलिस का कहना है कि इस काम में आरोपी का साथ देने वालों को भी चिह्नित कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
