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Pilibhit News: आईसीएसई में 10वीं में रिद्धिमा अग्रवाल ने किया जिला टॉप
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:45 PM IST
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गोस्वामीज मॉम्स प्राइड स्कूल में आईसीएसई रिजल्ट जारी होने के बाद खुशी में झूमते मेधावी। संवाद
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पीलीभीत। आईसीएसई (इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन) का रिजल्ट में इस बार भी एक मात्र बोर्ड स्कूल के रूप में गोस्वामीज मॉम्स प्राइड स्कूल का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। 10वीं में रिद्धिमा अग्रवाल ने 95.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में टॉप किया। इसके अलावा 93.2 प्रतिशत अंक के साथ निर्भया दूसरे और 91.2 प्रतिशत अंक के साथ खुशी चौधरी तीसरे स्थान पर रहीं।
शहर से सटे बीसलपुर रोड स्थित गोस्वामीज मॉम्स प्राइड स्कूल आईसीएसई के अधीन है। स्कूल में इस बार 10 वीं में 66 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 22 छात्राएं शामिल थी। परीक्षा के बाद विद्यार्थी परिणाम जारी होने का इंतजार कर रहे थे। बृहस्पतिवार को जैसे ही उन्हें परिणाम जारी होने की खबर लगी तो बेचैनी बढ़ गई। परिणाम देखकर अधिकांश विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी देखी गई। सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी और कई विद्यार्थी भावुक भी हो गए। वहीं 100 प्रतिशत रिजल्ट आने पर विद्यालय प्रबंधन भी खुश हुआ। मेधावियों ने स्कूल पहुंचकर खुशी का इजहार किया। प्रबंधन और स्टाफ की ओर मेधावियों को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी गईं। विद्यालय की संरक्षिका डॉ. सोनिया गोस्वामी, प्रबंधक निशांत गोस्वामी ने सभी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
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छात्राओं ने मारी बाजी, टॉप टेन में आठ ने बनाई जगह
स्कूल में 10वीं में पंजीकृत 66 विद्यार्थियों में 22 छात्राएं शामिल रहीं। 10वीं का परिणाम 100 प्रतिशत रहा, लेकिन छात्राएं इसमें आगे रही। जिला टॉपर के रूप में रिद्धिमा ने बाजी मारी, वहीं टॉप टेन सूची में भी दस में से आठ छात्राओं ने जगह बनाई। इसमें प्रथम तीन के अलावा 91 प्रतिशत अंक के साथ अनुष्का चौथे, 90 प्रतिशत अंक के साथ आरुष भट्ट पांचवें स्थान पर रहे। इनके अलावा 89 प्रतिशत अंक के साथ रम्या छठे, 88.4 प्रतिशत अंक के साथ फलक अजीम सातवें, 84.2 प्रतिशत अंक के साथ आध्या आठवें, 83.8 प्रतिशत अंक के साथ मंतशा अंसारी नौंवे व 83.4 प्रतिशत के अंक के साथ अनिकेत सिंह दसवें स्थान पर रहे। इस तरह टॉप टेन सूची में सिर्फ दो छात्र ही स्थान पाने में सफल रहे।
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विज्ञान विषय ने कई विद्यार्थियोंं का बिगाड़ा परिणाम
आईसीएसई के रिजल्ट में वैसे तो स्कूल का सौ प्रतिशत रिजल्ट रहा, लेकिन कई विद्यार्थियोंं के परिणाम को विज्ञान विषय ने बिगाड़ दिया। छात्रा रम्या अग्रवाल ने 89 प्रतिशत अंक के साथ छठा स्थान प्राप्त किया। इसमें विज्ञान विषय में रम्या ने 71 अंक प्राप्त किए। वहीं प्री बोर्ड परीक्षा में रम्या ने विज्ञान में 89 प्रतिशत अंक पाए थे। इस तरह कई अन्य विद्यार्थियों के भी विज्ञान विषय में अंक कम आने से प्रतिशत बिगड़ गया।
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अंकों से तय नहीं होता भविष्य, बच्चों का हौसला बढ़ाएं माता-पिता
आईसीएसई परीक्षा परिणाम जारी हो गया। ऐसे में कम अंक पाने वाले कई विद्यार्थी निराशा महसूस कर रहे हैं। इसको लेकर जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. पल्लवी सक्सेना का कहना है कि अंकों से भविष्य तय नहीं होता। मेहनत, लगन और सही दिशा में तैयारी के बल पर भी विद्यार्थी कई प्रतियोगी परीक्षा में सफल हो सकते हैं। डॉ. पल्लवी का कहना है कि अंक अधिक और कम पर फोकस नहीं करना चाहिए। कई बार कम अंक पाने वाले विद्यार्थी दबाव महसूस करने लगते हैं। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से द्वितीय श्रेणी में पास होने वाले विद्यार्थियों में निराशा का भाव देखने को मिलता है। ऐसे समय में अभिभावकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों का हौसला बढ़ाएं और उन्हें यह समझाएं कि अंक ही भविष्य का अंतिम पैमाना नहीं हैं।
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शहर से सटे बीसलपुर रोड स्थित गोस्वामीज मॉम्स प्राइड स्कूल आईसीएसई के अधीन है। स्कूल में इस बार 10 वीं में 66 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 22 छात्राएं शामिल थी। परीक्षा के बाद विद्यार्थी परिणाम जारी होने का इंतजार कर रहे थे। बृहस्पतिवार को जैसे ही उन्हें परिणाम जारी होने की खबर लगी तो बेचैनी बढ़ गई। परिणाम देखकर अधिकांश विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी देखी गई। सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी और कई विद्यार्थी भावुक भी हो गए। वहीं 100 प्रतिशत रिजल्ट आने पर विद्यालय प्रबंधन भी खुश हुआ। मेधावियों ने स्कूल पहुंचकर खुशी का इजहार किया। प्रबंधन और स्टाफ की ओर मेधावियों को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी गईं। विद्यालय की संरक्षिका डॉ. सोनिया गोस्वामी, प्रबंधक निशांत गोस्वामी ने सभी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
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छात्राओं ने मारी बाजी, टॉप टेन में आठ ने बनाई जगह
स्कूल में 10वीं में पंजीकृत 66 विद्यार्थियों में 22 छात्राएं शामिल रहीं। 10वीं का परिणाम 100 प्रतिशत रहा, लेकिन छात्राएं इसमें आगे रही। जिला टॉपर के रूप में रिद्धिमा ने बाजी मारी, वहीं टॉप टेन सूची में भी दस में से आठ छात्राओं ने जगह बनाई। इसमें प्रथम तीन के अलावा 91 प्रतिशत अंक के साथ अनुष्का चौथे, 90 प्रतिशत अंक के साथ आरुष भट्ट पांचवें स्थान पर रहे। इनके अलावा 89 प्रतिशत अंक के साथ रम्या छठे, 88.4 प्रतिशत अंक के साथ फलक अजीम सातवें, 84.2 प्रतिशत अंक के साथ आध्या आठवें, 83.8 प्रतिशत अंक के साथ मंतशा अंसारी नौंवे व 83.4 प्रतिशत के अंक के साथ अनिकेत सिंह दसवें स्थान पर रहे। इस तरह टॉप टेन सूची में सिर्फ दो छात्र ही स्थान पाने में सफल रहे।
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विज्ञान विषय ने कई विद्यार्थियोंं का बिगाड़ा परिणाम
आईसीएसई के रिजल्ट में वैसे तो स्कूल का सौ प्रतिशत रिजल्ट रहा, लेकिन कई विद्यार्थियोंं के परिणाम को विज्ञान विषय ने बिगाड़ दिया। छात्रा रम्या अग्रवाल ने 89 प्रतिशत अंक के साथ छठा स्थान प्राप्त किया। इसमें विज्ञान विषय में रम्या ने 71 अंक प्राप्त किए। वहीं प्री बोर्ड परीक्षा में रम्या ने विज्ञान में 89 प्रतिशत अंक पाए थे। इस तरह कई अन्य विद्यार्थियों के भी विज्ञान विषय में अंक कम आने से प्रतिशत बिगड़ गया।
अंकों से तय नहीं होता भविष्य, बच्चों का हौसला बढ़ाएं माता-पिता
आईसीएसई परीक्षा परिणाम जारी हो गया। ऐसे में कम अंक पाने वाले कई विद्यार्थी निराशा महसूस कर रहे हैं। इसको लेकर जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. पल्लवी सक्सेना का कहना है कि अंकों से भविष्य तय नहीं होता। मेहनत, लगन और सही दिशा में तैयारी के बल पर भी विद्यार्थी कई प्रतियोगी परीक्षा में सफल हो सकते हैं। डॉ. पल्लवी का कहना है कि अंक अधिक और कम पर फोकस नहीं करना चाहिए। कई बार कम अंक पाने वाले विद्यार्थी दबाव महसूस करने लगते हैं। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से द्वितीय श्रेणी में पास होने वाले विद्यार्थियों में निराशा का भाव देखने को मिलता है। ऐसे समय में अभिभावकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों का हौसला बढ़ाएं और उन्हें यह समझाएं कि अंक ही भविष्य का अंतिम पैमाना नहीं हैं।

गोस्वामीज मॉम्स प्राइड स्कूल में आईसीएसई रिजल्ट जारी होने के बाद खुशी में झूमते मेधावी। संवाद

गोस्वामीज मॉम्स प्राइड स्कूल में आईसीएसई रिजल्ट जारी होने के बाद खुशी में झूमते मेधावी। संवाद

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