{"_id":"697a4fe1851b47a68d0712d3","slug":"the-upper-caste-community-took-to-the-streets-and-expressed-their-protest-by-shaving-their-heads-pilibhit-news-c-121-1-lkh1003-152649-2026-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज, मुंडन कर जताया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज, मुंडन कर जताया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:35 PM IST
विज्ञापन
गौरव शुक्ला
- फोटो : जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते धनगर महासभा के पदाधिकारी संगठन
विज्ञापन
पीलीभीत। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में बुधवार को जिले में सवर्ण समाज से जुड़े लोग सड़कों पर उतर आए। सरकार के खिलाफ आक्रोश जताते हुए प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और काले टीके लगाकर और पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान समाज के हरिओम वाजपेयी ने यूजीसी के नए नियम के विरोध में मुंडन कराकर अपना विरोध प्रतीकात्मक रूप से दर्ज कराया, इससे प्रदर्शन और अधिक चर्चा में आ गया।
बुधवार सुबह करीब दस बजे से शहर के नकटादाना चौराहे पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। करीब 11:30 बजे सैकड़ों की संख्या में लोग नारेबाजी करते हुए टनकपुर हाईवे के रास्ते कलक्ट्रेट की ओर कूच कर गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और यूजीसी बिल को वापस न लिए जाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी बिल को सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी के नेतृत्व में दो थानों का पुलिस बल तैनात रहा, जबकि कलक्ट्रेट परिसर में भी अतिरिक्त पुलिस फोर्स मुस्तैद रहा।
प्रदर्शन में संयुक्त बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजीव अवस्थी, वरिष्ठ अधिवक्ता अमित पाठक, अशोक वाजपेई, सरोज वाजपेई, अश्वनी अग्निहोत्री, हैदर जाफरी, सौरभ सिंह, युवा नेता पंकज शर्मा, संजीव मिश्रा, हरिओम वाजपेई, संजीव भदौरिया, यशवंत सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
-- --
जुलूस निकालकर जताया विरोध
बीसलपुर। सवर्ण समाज के लोगों ने यूजीसी के नियमों में बदलाव के विरोध में नगर में जुलूस निकाला और तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन करके एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
बुधवार को सुबह करीब दस बजे नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के सवर्ण समाज के लोग युवा विकास मंच कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद सवर्ण युवा विकास संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन पाठक के नेतृत्व में जुलूस निकालते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। तहसील परिसर में सवर्णों ने जोरदार प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन करने के बाद एसडीएम नागेंद्र पांडेय को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन दिया। ज्ञापन में यूजीसी के नियमों में बदलाव को तत्काल वापस कराने की मांग की गई। विरोध प्रदर्शन करने वालों में मुकेश मिश्रा ,रोहित तिवारी, शुभांशु सक्सेना, शिवम मिश्रा, सुधांशु मिश्रा, बलराम सिंह, अभिषेक सिंह रहे। इसके अलावा व्यापार फैंस क्लब से जुड़े कुछ व्यापारी बुधवार को मंडी गेट पर एकत्र हुए। उन्होंने यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान नए नियमों का पुतला फूंका। इस दौरान क्लब के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार गुप्ता, दीपक गुप्ता, ह्रदयेश दुबे, अंकित अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, सजल गुप्ता रहे। संवाद
-- -- -
भाजपा के बूथ प्रवासी और कार्यकर्ता ने दिया इस्तीफा
- तीन दिन के भीतर बूथ स्तरीय दो पदाधिकारी और एक कार्यकर्ता ने दिया इस्तीफा, पत्र सोशल मीडिया पर हुए वायरल
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इसका असर अब सत्ताधारी भाजपा संगठन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तीन दिन के भीतर भाजपा के दूसरे बूथ स्तरीय पदाधिकारी ने यूजीसी को काला और भेदभावपूर्ण कानून बताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफों की शृंखला से संगठन में हलचल मची हुई है, जबकि विरोध से जुड़े पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
यूजीसी के विरोध में सबसे पहले 25 जनवरी को बिलसंडा क्षेत्र के भाजपा बूथ अध्यक्ष कृष्ण ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद अब बिलसंडा क्षेत्र की बमरौली ग्राम पंचायत निवासी गौरव शुक्ला ने भाजपा जिलाध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया है। गौरव शुक्ला भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे हैं और बूथ प्रवासी संख्या 260 के रूप में संगठन से जुड़े हुए थे।
अपने इस्तीफे में गौरव शुक्ला ने उल्लेख किया है कि उन्होंने पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों और चुनावों के दौरान संगठन के निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन किया। इसके बावजूद केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे यूजीसी के नए नियमों को वह सवर्ण समाज और उसकी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए घातक मानते हैं।
इनके अलावा नगर के भाजपा कार्यकर्ता अनुपम दीक्षित ने भी यूजीसी के नए नियमों के विरोध में पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बताया कि इस्तीफे की प्रति उन्होंने सोशल मीडिया के साथ-साथ भाजपा जिलाध्यक्ष को भी भेजी है। अनुपम दीक्षित पूर्व में भाजपा जिला आईटी सह संयोजक, मंडल आईटी संयोजक और सेक्टर सह संयोजक सहित कई महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। वर्तमान में वह अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के बिलसंडा नगर अध्यक्ष भी हैं। अनुपम दीक्षित ने यूजीसी के नए नियमों को भेदभावपूर्ण बताते हुए केंद्र सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।
Trending Videos
बुधवार सुबह करीब दस बजे से शहर के नकटादाना चौराहे पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। करीब 11:30 बजे सैकड़ों की संख्या में लोग नारेबाजी करते हुए टनकपुर हाईवे के रास्ते कलक्ट्रेट की ओर कूच कर गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और यूजीसी बिल को वापस न लिए जाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी बिल को सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी के नेतृत्व में दो थानों का पुलिस बल तैनात रहा, जबकि कलक्ट्रेट परिसर में भी अतिरिक्त पुलिस फोर्स मुस्तैद रहा।
प्रदर्शन में संयुक्त बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजीव अवस्थी, वरिष्ठ अधिवक्ता अमित पाठक, अशोक वाजपेई, सरोज वाजपेई, अश्वनी अग्निहोत्री, हैदर जाफरी, सौरभ सिंह, युवा नेता पंकज शर्मा, संजीव मिश्रा, हरिओम वाजपेई, संजीव भदौरिया, यशवंत सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
जुलूस निकालकर जताया विरोध
बीसलपुर। सवर्ण समाज के लोगों ने यूजीसी के नियमों में बदलाव के विरोध में नगर में जुलूस निकाला और तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन करके एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
बुधवार को सुबह करीब दस बजे नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के सवर्ण समाज के लोग युवा विकास मंच कार्यालय पर एकत्र हुए। इसके बाद सवर्ण युवा विकास संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन पाठक के नेतृत्व में जुलूस निकालते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। तहसील परिसर में सवर्णों ने जोरदार प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन करने के बाद एसडीएम नागेंद्र पांडेय को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन दिया। ज्ञापन में यूजीसी के नियमों में बदलाव को तत्काल वापस कराने की मांग की गई। विरोध प्रदर्शन करने वालों में मुकेश मिश्रा ,रोहित तिवारी, शुभांशु सक्सेना, शिवम मिश्रा, सुधांशु मिश्रा, बलराम सिंह, अभिषेक सिंह रहे। इसके अलावा व्यापार फैंस क्लब से जुड़े कुछ व्यापारी बुधवार को मंडी गेट पर एकत्र हुए। उन्होंने यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान नए नियमों का पुतला फूंका। इस दौरान क्लब के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार गुप्ता, दीपक गुप्ता, ह्रदयेश दुबे, अंकित अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, सजल गुप्ता रहे। संवाद
भाजपा के बूथ प्रवासी और कार्यकर्ता ने दिया इस्तीफा
- तीन दिन के भीतर बूथ स्तरीय दो पदाधिकारी और एक कार्यकर्ता ने दिया इस्तीफा, पत्र सोशल मीडिया पर हुए वायरल
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इसका असर अब सत्ताधारी भाजपा संगठन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तीन दिन के भीतर भाजपा के दूसरे बूथ स्तरीय पदाधिकारी ने यूजीसी को काला और भेदभावपूर्ण कानून बताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफों की शृंखला से संगठन में हलचल मची हुई है, जबकि विरोध से जुड़े पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
यूजीसी के विरोध में सबसे पहले 25 जनवरी को बिलसंडा क्षेत्र के भाजपा बूथ अध्यक्ष कृष्ण ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद अब बिलसंडा क्षेत्र की बमरौली ग्राम पंचायत निवासी गौरव शुक्ला ने भाजपा जिलाध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया है। गौरव शुक्ला भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे हैं और बूथ प्रवासी संख्या 260 के रूप में संगठन से जुड़े हुए थे।
अपने इस्तीफे में गौरव शुक्ला ने उल्लेख किया है कि उन्होंने पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों और चुनावों के दौरान संगठन के निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन किया। इसके बावजूद केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे यूजीसी के नए नियमों को वह सवर्ण समाज और उसकी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए घातक मानते हैं।
इनके अलावा नगर के भाजपा कार्यकर्ता अनुपम दीक्षित ने भी यूजीसी के नए नियमों के विरोध में पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बताया कि इस्तीफे की प्रति उन्होंने सोशल मीडिया के साथ-साथ भाजपा जिलाध्यक्ष को भी भेजी है। अनुपम दीक्षित पूर्व में भाजपा जिला आईटी सह संयोजक, मंडल आईटी संयोजक और सेक्टर सह संयोजक सहित कई महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। वर्तमान में वह अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के बिलसंडा नगर अध्यक्ष भी हैं। अनुपम दीक्षित ने यूजीसी के नए नियमों को भेदभावपूर्ण बताते हुए केंद्र सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।

गौरव शुक्ला- फोटो : जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते धनगर महासभा के पदाधिकारी संगठन

गौरव शुक्ला- फोटो : जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते धनगर महासभा के पदाधिकारी संगठन

गौरव शुक्ला- फोटो : जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते धनगर महासभा के पदाधिकारी संगठन

गौरव शुक्ला- फोटो : जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते धनगर महासभा के पदाधिकारी संगठन
