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Pilibhit News: पत्नी सहित तीन आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:31 PM IST
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पीलीभीत। प्रताड़ना की वजह से एक युवक के जहरीला पदार्थ खाने से हुई मौत का आरोप अदालत में साबित नहीं हो सका। अदालत ने आरोपी पत्नी, सास व एक अन्य को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
बीसलपुर निवासी मो. अली खां ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसके पुत्र शारिम अली और दियोरिया कलां निवासी मजीदुल्ला की पुत्री शीबा ने 2010 में कोर्ट मैरिज की थी। कुछ समय बाद शीबा का बीसलपुर के मोहल्ला हबीहुल्ला खां जुनूबी निवासी हसन बख्श पुत्र छिद्दन बख्श के साथ अवैध संबंध होने का पता लगा। इसे लेकर दोनों के बीच अनबन बढ़ती गई। अवैध संबंध खत्म न करने की शीबा की धमकी और उसकी मां शायरा बानो उर्फ गुजरिया व हसन बख्श की प्रताड़ना से तंग आकर तीन अक्तूबर 2016 को शारिम ने जहरीला पदार्थ खा लिया।
इलाज के दौरान बरेली के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मुकदमे की विवेचना की। बाद में विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश दिया।
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बीसलपुर निवासी मो. अली खां ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसके पुत्र शारिम अली और दियोरिया कलां निवासी मजीदुल्ला की पुत्री शीबा ने 2010 में कोर्ट मैरिज की थी। कुछ समय बाद शीबा का बीसलपुर के मोहल्ला हबीहुल्ला खां जुनूबी निवासी हसन बख्श पुत्र छिद्दन बख्श के साथ अवैध संबंध होने का पता लगा। इसे लेकर दोनों के बीच अनबन बढ़ती गई। अवैध संबंध खत्म न करने की शीबा की धमकी और उसकी मां शायरा बानो उर्फ गुजरिया व हसन बख्श की प्रताड़ना से तंग आकर तीन अक्तूबर 2016 को शारिम ने जहरीला पदार्थ खा लिया।
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इलाज के दौरान बरेली के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मुकदमे की विवेचना की। बाद में विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश दिया।
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