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Pilibhit News: साढ़े तीन साल बाद मलयेशिया से लौटेंगे पीलीभीत के तीन युवक
Thu, 02 Jul 2026 11:56 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 02 Jul 2026 11:56 PM IST
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पीलीभीत। अच्छी नौकरी का झांसा देकर मलयेशिया भेजे गए पीलीभीत के तीन युवक साढ़े तीन साल बाद अब स्वदेश लौटेंगे। केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के हस्तक्षेप के बाद विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की पहल से तीनों युवकों की घर वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उनके आठ जुलाई तक अपने घर पहुंचने की उम्मीद है।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम खमरिया पुल निवासी तारकेश्वर पुत्र भजनलाल, साजन पुत्र रामप्रसाद व गजरौला थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र रामबहादुर को करीब साढ़े तीन वर्ष पहले एक एजेंट ने मलयेशिया में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर भेजा था। आरोप है कि एजेंट ने तीनों युवकों से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लिए, लेकिन वहां नौकरी दिलाने के बजाय उन्हें बंधुआ मजदूर की तरह जबरन काम कराया गया।
परिजनों ने एजेंट से संपर्क कर मदद मांगी, लेकिन उसने जिम्मेदारी लेने से इन्कार कर दिया। इसके बाद परिवार लगातार युवकों की स्वदेश वापसी के लिए प्रयास करते रहे। मामले की जानकारी किसान नेता देव स्वरूप पटेल को हुई तो उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। केंद्रीय राज्यमंत्री ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से समन्वय कर तीनों युवकों की सुरक्षित वापसी के प्रयास शुरू किए हैं। इसके बाद मलयेशिया से छह जुलाई की वापसी यात्रा के लिए उनके पासपोर्ट और टिकट उपलब्ध करा दिए गए हैं। तीनों युवक पहले केरल पहुंचेंगे और आठ जुलाई तक अपने घर लौट आएंगे।
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जहानाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम खमरिया पुल निवासी तारकेश्वर पुत्र भजनलाल, साजन पुत्र रामप्रसाद व गजरौला थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र रामबहादुर को करीब साढ़े तीन वर्ष पहले एक एजेंट ने मलयेशिया में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर भेजा था। आरोप है कि एजेंट ने तीनों युवकों से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लिए, लेकिन वहां नौकरी दिलाने के बजाय उन्हें बंधुआ मजदूर की तरह जबरन काम कराया गया।
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परिजनों ने एजेंट से संपर्क कर मदद मांगी, लेकिन उसने जिम्मेदारी लेने से इन्कार कर दिया। इसके बाद परिवार लगातार युवकों की स्वदेश वापसी के लिए प्रयास करते रहे। मामले की जानकारी किसान नेता देव स्वरूप पटेल को हुई तो उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। केंद्रीय राज्यमंत्री ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से समन्वय कर तीनों युवकों की सुरक्षित वापसी के प्रयास शुरू किए हैं। इसके बाद मलयेशिया से छह जुलाई की वापसी यात्रा के लिए उनके पासपोर्ट और टिकट उपलब्ध करा दिए गए हैं। तीनों युवक पहले केरल पहुंचेंगे और आठ जुलाई तक अपने घर लौट आएंगे।
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