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World Tiger Day: दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बढ़ रहा बाघों का कुनबा, चार साल में दिखे 60 शावक
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत/लखीमपुर खीरी
Published by: Mukesh Kumar
Updated Wed, 29 Jul 2026 08:59 AM IST
सार
तराई के जंगलों में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पिछले चार वर्षों में 60 से अधिक शावक देखे गए हैं। वर्ष 2026 की बाघ गणना के लिए बीते पांच माह से काम चल रहा है। इसके आंकड़े वर्ष 2027 में आएंगे।
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दुधवा में बाघ
- फोटो : वन विभाग
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तराई के जंगलों में बाघों की नई पीढ़ी तैयार हो रही है। लखीमपुर खीरी के दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पिछले चार वर्षों में 20 से अधिक बाघिनों के साथ 60 से अधिक शावक कैमरा ट्रैप और वन विभाग की निगरानी में दर्ज किए गए हैं। इनमें कई शावक बड़े होकर बाघ के रूप में अपना अलग इलाका बना चुके हैं या बनाने की ओर हैं। बाघिनों के साथ शावकों की लगातार मौजूदगी तराई में बाघ संरक्षण के बेहतर भविष्य के संकेत दे रही है।
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दुधवा में बाघ
- फोटो : वन विभाग
29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय टाइगर दिवस पर दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व की तस्वीर बताती है कि बाघों के महत्वपूर्ण ठिकानों में तराई अपनी जगह मजबूत कर रही है। वर्ष 2022 की अखिल भारतीय बाघ गणना में डीटीआर में 135 बाघ आंके गए थे। दुधवा के आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर इनकी संख्या करीब 153 बताई गई थी। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में भी बाघों की अच्छी मौजूदगी रही है।
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जंगल सफारी मार्ग पर शावकों के साथ बाघिन
- फोटो : वन विभाग
बाघों की संख्या में 30 से 35 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान
इसके बाद कैमरा ट्रैप और आंतरिक निगरानी में नई बाघिनों, शावकों और युवा बाघों की मौजूदगी लगातार दर्ज होती रही है। वर्ष 2022 के बाद बीते चार वर्षों में बाघों का कुनबा बढ़ने से तराई की अनूठी जैव विविधता और समृद्ध हो रही है। वर्ष 2026 की बाघ गणना के लिए बीते पांच माह से काम चल रहा है। इसके नतीजे वर्ष 2027 में आएंगे। अब तक मिले रुझानों के आधार पर यहां बाघों की संख्या में 30 से 35 फीसदी इजाफे का अनुमान है।
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दुधवा में शावकों के साथ बाघिन
- फोटो : वन विभाग
वन विभाग के अनुसार, बीते चार वर्षों की निगरानी और कैमरा ट्रैप से मिले तथ्यों के आधार पर दुधवा टाइगर रिजर्व में 35 से अधिक शावकों का जन्म होने का अनुमान है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में भी 22 शावक जन्मे हैं। खास बात यह है कि इनमें कई शावक अब मां से अलग होकर स्वतंत्र जीवन की ओर बढ़ चुके हैं।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व
- फोटो : संवाद
चार साल में ऐसे बढ़ी बाघों की नई पीढ़ी
दुधवा टाइगर रिजर्व 35 से अधिक शावकों के जन्म का अनुमान।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व 22 शावकों का जन्म।
दोनों टाइगर रिजर्व 20 से अधिक बाघिनों के साथ 57 से अधिक शावक दर्ज
ये आंकड़े भी बताएंगे संरक्षण की तस्वीर
135-153 वर्ष 2022 में दुधवा में बाघ
71-80 वर्ष 2022 में पीलीभीत में बाघ
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