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Pilibhit News: गुनाहगार लंगड़ाया तो याद आई गलती, गिड़गिड़ाकर बोला- माफ कर दो
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पीलीभीत। हवस में अंधा होकर एक 9 साल की मासूम की जिंदगी तबाह करने वाले आरोपी मोहम्मद उमर की हेकड़ी चौबीस घंटे के भीतर ही हवा हो गई। पुलिस के डंडे और कानून के खौफ से कांपते हुए जब आरोपी लंगड़ाते हुए मीडिया के सामने आया, तो उसके सुर बदले हुए थे। कल तक का दरिंदा आज अपनी जान की भीख मांगते हुए कैमरे के सामने गिड़गिड़ा रहा था कि मुझसे गलती हो गई, मुझे माफ कर दो...।
बुधवार दोपहर साढ़े तीन बजे जब एसपी सुकीर्ति माधव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तो पुलिस अभिरक्षा में पैर घसीटते हुए लाए गए आरोपी की जुबान लड़खड़ा रही थी। समाज को शर्मसार करने वाले इस बूढ़े दरिंदे के चेहरे पर खौफ साफ देखा जा सकता था।
इस बेहद शर्मनाक घटना के पीछे एक और घिनौना सच सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें आरोपी अपने घर के भीतर अंधेरे का फायदा उठाकर बच्ची के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिख रहा है। वीडियो जिस समय बनाई गई, उस समय अंधेरा छाया था और आरोपी के घर में लाइट जल रही थी। अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जिस वक्त खिड़की के बाहर से यह वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा था, उस वक्त उस शख्स का खून क्यों नहीं खौला? उसने चीखती हुई बच्ची को बचाने के बजाय वीडियो बनाना ज्यादा जरूरी क्यों समझा? एसपी सुकीर्ति माधव ने साफ किया है कि इस तमाशबीन वीडियो बनाने वाले की शिनाख्त की जा रही है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। गुनहगार के साथ-साथ तमाशा देखने वाले को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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प्रशासन उठाएगा बेटी की जिम्मेदारी, अच्छे स्कूल में होगा दाखिला
जिला प्रशासन ने पीड़ित मासूम को सहारा देने का जिम्मा उठाया है। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि कक्षा 4 में पढ़ने वाली इस बेटी की आगे की पूरी पढ़ाई, रहने और देखरेख का खर्च अब जिला प्रशासन उठाएगा। उसका दाखिला शहर के सबसे बेहतरीन स्कूल में कराया जाएगा। बच्ची का जिला महिला अस्पताल में इलाज कराया गया है, फिलहाल वह खतरे से बाहर है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले मुकदमा, मिले फांसी- सपा
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने इस घटना को हृदयविदारक और समाज के माथे पर कलंक बताया है। सपा ने मांग की है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर आरोपी को तत्काल कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके। संवाद
बुधवार दोपहर साढ़े तीन बजे जब एसपी सुकीर्ति माधव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तो पुलिस अभिरक्षा में पैर घसीटते हुए लाए गए आरोपी की जुबान लड़खड़ा रही थी। समाज को शर्मसार करने वाले इस बूढ़े दरिंदे के चेहरे पर खौफ साफ देखा जा सकता था।
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इस बेहद शर्मनाक घटना के पीछे एक और घिनौना सच सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें आरोपी अपने घर के भीतर अंधेरे का फायदा उठाकर बच्ची के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिख रहा है। वीडियो जिस समय बनाई गई, उस समय अंधेरा छाया था और आरोपी के घर में लाइट जल रही थी। अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जिस वक्त खिड़की के बाहर से यह वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा था, उस वक्त उस शख्स का खून क्यों नहीं खौला? उसने चीखती हुई बच्ची को बचाने के बजाय वीडियो बनाना ज्यादा जरूरी क्यों समझा? एसपी सुकीर्ति माधव ने साफ किया है कि इस तमाशबीन वीडियो बनाने वाले की शिनाख्त की जा रही है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। गुनहगार के साथ-साथ तमाशा देखने वाले को भी बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन उठाएगा बेटी की जिम्मेदारी, अच्छे स्कूल में होगा दाखिला
जिला प्रशासन ने पीड़ित मासूम को सहारा देने का जिम्मा उठाया है। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि कक्षा 4 में पढ़ने वाली इस बेटी की आगे की पूरी पढ़ाई, रहने और देखरेख का खर्च अब जिला प्रशासन उठाएगा। उसका दाखिला शहर के सबसे बेहतरीन स्कूल में कराया जाएगा। बच्ची का जिला महिला अस्पताल में इलाज कराया गया है, फिलहाल वह खतरे से बाहर है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले मुकदमा, मिले फांसी- सपा
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने इस घटना को हृदयविदारक और समाज के माथे पर कलंक बताया है। सपा ने मांग की है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर आरोपी को तत्काल कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके। संवाद