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Pratapgarh News: गंगा एक्सप्रेसवे पर तनेगी हरियाली की चादर, पौधरोपण की तैयारी
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गंगा एक्सप्रेसवे पर हरियाली बढ़ाने के लिए वन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। एक्सप्रेसवे के दोनों छोर पर करीब 48 हजार पौधे रोपे जाएंगे।
कुंडा तहसील क्षेत्र के करीब 43 किमी दूरी तक गंगा एक्सप्रेसवे गुजरा है। जुलाई माह के प्रथम सप्ताह से एक्सप्रेसवे किनारे पौधरोपण अभियान की शुरूआत की जाएगी। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद वन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
नीम, बरगद, पाकड़, पीपल आदि छायादार पौधों को कुंडा रेंज की नर्सरी में तैयार किया गया है। पौधरोपण के साथ ही वन विभाग पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के अलावा अमृत फल आंवला की ब्रांडिंग करेगा। जगह-जगह साइन बोर्ड लगाकर एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले लोगों को इससे रूबरू कराया जाएगा।
शासन के निर्देश पर सर्वे का कार्य वन विभाग की टीम ने शुरू कर दिया है। मां बेल्हा देवी धाम, मनगढ़ धाम, जैव विविधता पार्क, अमृत फल आंवला, यक्ष युधिष्ठिर संवाद स्थल, मां बाराही देवी धाम, चंदिकन देवी धाम, शनिदेव धाम को बोर्ड लोगों को जिले की पहचान से परिचित कराया जाएगा।
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अमृत फल के लगेंगे स्टॉल
गंगा एक्सप्रेस वे पर अमृत फल आंवला के उत्पाद भी मिलेंगे। जगह-जगह स्टॉल लगाकर आंवला उत्पाद की बिक्री की जाएगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ एक्सप्रेसवे से गुजरने वालों को आंवला उत्पाद आसानी से मिल सकेगा।
अब ग्रीन गंगा एक्सप्रेसवे
दोनों छोर पर पौधरोपण होने से ग्रीन गंगा एक्सप्रेसवे के नाम से पहचान मिलेगी। पौधों की रोपाई का कार्य जुलाई माह से शुरू किया जाएगा। जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही सर्वे टीम रिपोर्ट वन विभाग को उपलब्ध कराएगी।
जुलाई माह से पौधरोपण का कार्य शुरू किया जाएगा। शासन से अनुमति मिलने के बाद तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
आशुतोष गुप्ता, डीएफओ
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कुंडा तहसील क्षेत्र के करीब 43 किमी दूरी तक गंगा एक्सप्रेसवे गुजरा है। जुलाई माह के प्रथम सप्ताह से एक्सप्रेसवे किनारे पौधरोपण अभियान की शुरूआत की जाएगी। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद वन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
नीम, बरगद, पाकड़, पीपल आदि छायादार पौधों को कुंडा रेंज की नर्सरी में तैयार किया गया है। पौधरोपण के साथ ही वन विभाग पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के अलावा अमृत फल आंवला की ब्रांडिंग करेगा। जगह-जगह साइन बोर्ड लगाकर एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले लोगों को इससे रूबरू कराया जाएगा।
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शासन के निर्देश पर सर्वे का कार्य वन विभाग की टीम ने शुरू कर दिया है। मां बेल्हा देवी धाम, मनगढ़ धाम, जैव विविधता पार्क, अमृत फल आंवला, यक्ष युधिष्ठिर संवाद स्थल, मां बाराही देवी धाम, चंदिकन देवी धाम, शनिदेव धाम को बोर्ड लोगों को जिले की पहचान से परिचित कराया जाएगा।
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अमृत फल के लगेंगे स्टॉल
गंगा एक्सप्रेस वे पर अमृत फल आंवला के उत्पाद भी मिलेंगे। जगह-जगह स्टॉल लगाकर आंवला उत्पाद की बिक्री की जाएगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ एक्सप्रेसवे से गुजरने वालों को आंवला उत्पाद आसानी से मिल सकेगा।
अब ग्रीन गंगा एक्सप्रेसवे
दोनों छोर पर पौधरोपण होने से ग्रीन गंगा एक्सप्रेसवे के नाम से पहचान मिलेगी। पौधों की रोपाई का कार्य जुलाई माह से शुरू किया जाएगा। जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही सर्वे टीम रिपोर्ट वन विभाग को उपलब्ध कराएगी।
जुलाई माह से पौधरोपण का कार्य शुरू किया जाएगा। शासन से अनुमति मिलने के बाद तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
आशुतोष गुप्ता, डीएफओ