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कोरोना वैक्सीनेशन में शुरू हुआ फर्जीवाड़ा
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शासन का दबाव बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना टीकाकरण में फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया है। बिना दूसरी डोज लगाए ही टीकाकरण की ऑनलाइन फीडिंग की जा रही है। रविवार को अवकाश होने के कारण अधिकांश बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा, मगर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों का दावा है कि जिले के 28758 लोगों का टीकाकरण किया गया है। जबकि विभाग के सूत्र बताते हैं कि कर्मचारियों को मीटिंग हाल में बैठाकर फर्जी फीडिंग कराई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में टीकाकरण के लिए 285 बूथ बनाए गए हैं। रविवार को छुट्टी होने के कारण अधिकांश बूथों पर कर्मचारी नहीं थे। विभाग के एक अफसर ने ही नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि टीकाकरण के मामले में प्रतापगढ़ पीछे है। ऐसे में शासन बार-बार टारगेट पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पर दबाव बना रहा है।
रविवार को अवकाश होने के बावजूद जिले के अधिकांश सीएचसी के बीपीएम, बीसीपीएम और डाटा ऑपरेटरों को सीएमओ ऑफिस बुला लिया गया। इन लोगों से टीकाकरण की फीडिंग कराई जाती रही। विभाग का दावा है कि टीकाकरण बूथों पर मौजूद रहने वाले वैक्सीनेटरों को सीएमओ ऑफिस बुलाया गया।
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डिप्टी सीएमओ एसके सिंह ने टीकाकरण की आ्ॅनलाइन फीडिंग में फर्जीवाड़े से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जो कर्मचारी सीएमओ कार्यालय बुलाए जा रहे हैं, वह टीका नहीं लगवाने लोगों को फोन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को 606 लोगों को बूस्टर डोज दी गई। विद्यालय बंद होने के बाद भी 10067 किशोरों को टीका लगाया गया। वहीं, 18 वर्ष से अधिक उम्र के 18085 लोगों का टीकाकरण किया गया।
बगैर टीका लगवाए एक ही परिवार के सात सदस्यों के मोबाइल पर पहुंचा मैसेज
कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुके एक ही परिवार के सात लोगों के मोबाइल पर दूसरी डोज लगने का भी मैसेज पहुंच गया। जबकि किसी ने भी अभी दूसरी डोज नहीं लगवाई है। इससे सभी परेशान हो गए। इसकी शिकायत एसीएमओ सीपी शर्मा से की है।
एसीएमओ ने उन्हें आश्वासन दिया कि बूथ पर पहुंचने पर टीका लगाया जाएगा। इससे साबित होता है कि टीकाकरण में खेल किया जा रहा है। राजगढ़ के बबुरहा निवासी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि पहला टीका उनहें गांव में आयोजित कैंप में लगा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं आई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में टीकाकरण के लिए 285 बूथ बनाए गए हैं। रविवार को छुट्टी होने के कारण अधिकांश बूथों पर कर्मचारी नहीं थे। विभाग के एक अफसर ने ही नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि टीकाकरण के मामले में प्रतापगढ़ पीछे है। ऐसे में शासन बार-बार टारगेट पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पर दबाव बना रहा है।
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रविवार को अवकाश होने के बावजूद जिले के अधिकांश सीएचसी के बीपीएम, बीसीपीएम और डाटा ऑपरेटरों को सीएमओ ऑफिस बुला लिया गया। इन लोगों से टीकाकरण की फीडिंग कराई जाती रही। विभाग का दावा है कि टीकाकरण बूथों पर मौजूद रहने वाले वैक्सीनेटरों को सीएमओ ऑफिस बुलाया गया।
डिप्टी सीएमओ एसके सिंह ने टीकाकरण की आ्ॅनलाइन फीडिंग में फर्जीवाड़े से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जो कर्मचारी सीएमओ कार्यालय बुलाए जा रहे हैं, वह टीका नहीं लगवाने लोगों को फोन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को 606 लोगों को बूस्टर डोज दी गई। विद्यालय बंद होने के बाद भी 10067 किशोरों को टीका लगाया गया। वहीं, 18 वर्ष से अधिक उम्र के 18085 लोगों का टीकाकरण किया गया।
बगैर टीका लगवाए एक ही परिवार के सात सदस्यों के मोबाइल पर पहुंचा मैसेज
कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुके एक ही परिवार के सात लोगों के मोबाइल पर दूसरी डोज लगने का भी मैसेज पहुंच गया। जबकि किसी ने भी अभी दूसरी डोज नहीं लगवाई है। इससे सभी परेशान हो गए। इसकी शिकायत एसीएमओ सीपी शर्मा से की है।
एसीएमओ ने उन्हें आश्वासन दिया कि बूथ पर पहुंचने पर टीका लगाया जाएगा। इससे साबित होता है कि टीकाकरण में खेल किया जा रहा है। राजगढ़ के बबुरहा निवासी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि पहला टीका उनहें गांव में आयोजित कैंप में लगा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं आई।