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Pratapgarh News: संदिग्ध दशा में बालिका की मौत, परिजन शव लेकर भागे
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सांगीपुर थाना क्षेत्र के खजुरी में शनिवार को संदिग्ध दशा में दस वर्षीय बालिका की मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक के मृत घोषित करते ही परिजन शव लेकर घर चले गए। चिकित्सक ने घटना की जानकारी नगर कोतवाली पुलिस को दी है।
शनिवार की दोपहर करीब एक बजे सीता राम की दस वर्षीय बेटी साक्षी को लेकर बड़े पिता रामसजीवन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सक डॉ. आशुतोष सिंह ने बालिका को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि परिजनों ने डूबने से मौत होने की जानकारी दी है। पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को कहा गया।
मौका पाकर बड़े पिता रामसजीवन गांव के एक युवक के साथ बाइक से बालिका के शव को लेकर घर चले गए। घटना की जानकारी नगर कोतवाली पुलिस को दी गई है। सीओ सिटी प्रशांत राज ने बताया कि चिकित्सक की सूचना पर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
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सीएचसी पहुंचते तो बच जाती जान
पुलिस से जान बचाने के लिए रामसजीवन ने कड़ी धूप में शव लेकर बाइक से करीब 80 किमी का चक्कर लगाया। सांगीपुर से शहर मुख्यालय की दूरी करीब 40 किमी के आसपास है। जबकि खजुरी गांव से सांगीपुर सीएचसी की दूरी छह किमी है। चर्चा है कि घटना संदिग्ध होने के कारण परिजन शव लेकर सांगीपुर सीएचसी नहीं गए। वह सीधे मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड पहुंच गए। चिकित्सक के मृत घोषित करते ही परिजन चकमा देकर फरार भी हो गए।
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शनिवार की दोपहर करीब एक बजे सीता राम की दस वर्षीय बेटी साक्षी को लेकर बड़े पिता रामसजीवन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सक डॉ. आशुतोष सिंह ने बालिका को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक डॉ. आशुतोष सिंह ने बताया कि परिजनों ने डूबने से मौत होने की जानकारी दी है। पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को कहा गया।
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मौका पाकर बड़े पिता रामसजीवन गांव के एक युवक के साथ बाइक से बालिका के शव को लेकर घर चले गए। घटना की जानकारी नगर कोतवाली पुलिस को दी गई है। सीओ सिटी प्रशांत राज ने बताया कि चिकित्सक की सूचना पर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
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सीएचसी पहुंचते तो बच जाती जान
पुलिस से जान बचाने के लिए रामसजीवन ने कड़ी धूप में शव लेकर बाइक से करीब 80 किमी का चक्कर लगाया। सांगीपुर से शहर मुख्यालय की दूरी करीब 40 किमी के आसपास है। जबकि खजुरी गांव से सांगीपुर सीएचसी की दूरी छह किमी है। चर्चा है कि घटना संदिग्ध होने के कारण परिजन शव लेकर सांगीपुर सीएचसी नहीं गए। वह सीधे मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड पहुंच गए। चिकित्सक के मृत घोषित करते ही परिजन चकमा देकर फरार भी हो गए।