Pratapgarh Ground Report: प्रतापगढ़ में कितना आया जमीनी बदलाव, विकास की कितनी है गति? देखिए रिपोर्ट
अमर उजाला टीम ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में जमीनी परिवर्तनों का जायजा लिया। टीम ने सरकारी योजनाओं के लाभ और व्यवस्था में सुधार को समझा। बाबासाहब भीमराव अंबेडकर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, ओडीओपी योजना आदि को लेकर पड़ताल की।
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अमर उजाला की टीम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जमीनी परिवर्तनों को समझने निकली है। जिसमें टीम सरकारी योजनाओं के लाभ और व्यवस्था में सुधार की पड़ताल कर रही है। इसी कड़ी में हमारी टीम प्रतापगढ़ पहुंची। यहां लोगों के बीच जाकर विकास की रफ्तार को समझा गया। छात्रों के जीवन में यहां क्या बदलाव आए? एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना का यहां क्या हाल है? जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में कितना सुधार आया है और लोगों को इसका किस तरह से लाभ मिल रहा है। टीम ने अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को भी जाना। आइए विस्तार से इस रिपोर्ट में जानें
इंजीनियरिंग कॉलेज से कितनी बदली छात्रों की किस्मत?
इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए हम बाबासाहब भीमराव अम्बेडकर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज प्रतापगढ़ पहुंचे। यहां हमने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष, डीके जायसवाल से बात की। उन्होंने बताया प्रतापगढ़ में यहां पर कोई राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं था। सीएम योगी के सहयोग से यह इंजीनियरिंग कॉलेज का स्थापित हुआ। जो 2023 से यहां फाउंडेशन हो गया था। इसके पहले कमला नेहरू इंस्टट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सुल्तानपुर में चल रहा था। 1 जुलाई 2026 से यहां हम लोग इस्टेब्लिश हो गए हैं। बिल्डिंग स्ट्रक्चर जो है लगभग कंप्लीट होने की कगार पर है। कुछ चीज अभी अंडर कंस्ट्रक्शन है। यहां चार ब्रांच चलती है, जिसमें इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग।
यहां देखें पूरी बातचीत-
ओडीओपी से कितना लाभ?
इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने आंवला कारोबारी अनुराग खंडेलवाल से बात की। उन्होंने बताया कि ओडीओपी का बहुत बड़ा फायदा मिला। वैश्विक लेवल पर यहां के आंवला उत्पाद की एक पहचान बनी। सबसे बड़ी बात यह है कि इसको जीआई टैग से मिला है। पूरे हिंदुस्तान या पूरे वर्ल्ड में अगर आंवला सर्च किया जाता है तो सबसे पहले प्रतापगढ़ आंवला ऊपर आता है। इससे हमारे व्यवसाय को भी काफी प्रगति हुई। उन्नत किस्म का कोई प्रोडक्ट अगर खरीदना है तो प्रतापगढ़ आंवला ही सबसे सर्वोत्तम है।
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स्वास्थ्य सेवाओं में कितना आया सुधार?
यह सवाल जानने के लिए हम प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां हमारी बात मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. शैलेंद्र कुमार से हुई। उन्होंने बताया कि पहले तो जिला अस्पताल था, फिर 2021 में इसको मेडिकल कॉलेज में कन्वर्ट कर दिया गया। पहले हमारे पास दो अस्पताल थे, एक पुरुष जिला अस्पताल था और महिला जिला अस्पताल, इन दोनों को एक साथ कर दिया गया और एक बड़ा अस्पताल बनाया गया। बिल्डिंग पुरानी जो थी, उसको गिरा करके नई भी बनी। बहुत सारी सुविधाओं का विस्तारीकरण हुआ है।
यहां देखें पूरी बातचीत-
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