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संविदा कर्मी का कत्ल: मौत सामने थी, पर सच बोलने की जिद न टूटी; दम तोड़ने से पहले सौरभ ने गिनाए कातिलों के नाम
Sat, 15 Aug 2026 03:34 PM IST
Sharukh Khan
वरुण श्रीवास्तव, अमर उजाला, प्रतापगढ़
वरुण श्रीवास्तव, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: Sharukh Khan
Updated Sat, 15 Aug 2026 03:34 PM IST
सार
प्रतापगढ़ में जमीन विवाद में आपूर्ति विभाग के संविदा कर्मी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान घायल सौरभ ने हमले की पूरी कहानी बताई। इसका वीडियो वायरल हो रहा है।
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pratapgarh murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
मौत सामने थी, पर सच बोलने की जिद नहीं टूटी। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मारपीट में घायल संविदाकर्मी सौरभ ने तड़पते हुए पहले कार में साथियों को हमलावरों के नाम बताए, फिर अस्पताल के बेड पर खुद वीडियो बनवाकर वारदात सुनाई। वायरल वीडियो में लहूलुहान सौरभ कांपती आवाज में गुनहगारों के नाम ले रहा था। इन्हीं लोगों ने मारा कहते-कहते उसकी सांसें थम गईं।
लीलापुर थाना के मानापुर सिंधौर निवासी मोती लाल विश्वकर्मा का 32 वर्षीय बेटा सौरभ विश्वकर्मा लालगंज आपूर्ति कार्यालय में संविदा कर्मी था। प्रतिदिन की तरह बृहस्पतिवार शाम सात बजे बाइक से वह लालगंज से घर लौट रहा था। डांडी गांव के समीप गजाधर इंटर कॉलेज के पास करीब 12 लोगों ने उसे रोक लिया। बेरहमी से पिटाई कर दी। गुहार लगाने पर आसपास के लोग दौड़े तो हमलावर बाइक से भाग निकले।
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लीलापुर थाना के मानापुर सिंधौर निवासी मोती लाल विश्वकर्मा का 32 वर्षीय बेटा सौरभ विश्वकर्मा लालगंज आपूर्ति कार्यालय में संविदा कर्मी था। प्रतिदिन की तरह बृहस्पतिवार शाम सात बजे बाइक से वह लालगंज से घर लौट रहा था। डांडी गांव के समीप गजाधर इंटर कॉलेज के पास करीब 12 लोगों ने उसे रोक लिया। बेरहमी से पिटाई कर दी। गुहार लगाने पर आसपास के लोग दौड़े तो हमलावर बाइक से भाग निकले।
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जानकारी होने पर कई कोटेदार पहुंच गए। कार से संविदाकर्मी को लेकर मेडिकल कॉलेज आ रहे थे। आंख में आंसू लेकर वह रास्ते भर अपनी दर्द बयां करता रहा। अस्पताल में मौत के कुछ क्षण पहले उसने साथियों से कहकर एक वीडियो बनवाया, जिसमें हमलावरों का वह नाम ले डाला। संविदा कर्मी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका आरोप है कि पुरानी रंजिश में साजिश कर सुभाष की हत्या की गई।
पुलिस ने वीडियो कब्जे में लेकर नामजद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पत्नी आंचल विश्वकर्मा ने कहा कि वीडियो ही अब सबसे बड़ा सबूत है, उसके पति के हत्यारों को वीडियो ही सजा दिलाएगी। सुभाष का आखिरी बयान अब परिवार के लिए इंसाफ की आखिरी उम्मीद बन गया है।
भूमि के विवाद में संविदा कर्मी की पीट-पीटकर हत्या
जमीन विवाद में आपूर्ति विभाग के संविदा कर्मी डांडी गांव निवासी सौरभ उर्फ मोनू विश्वकर्मा (32) की बृहस्पतिवार देर रात लक्ष्मणपुर ब्लॉक के पास पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख के बेटे पर हत्या का आरोप लगा है। हालांकि परिजनों ने अभी तक मामले की कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी है।
जमीन विवाद में आपूर्ति विभाग के संविदा कर्मी डांडी गांव निवासी सौरभ उर्फ मोनू विश्वकर्मा (32) की बृहस्पतिवार देर रात लक्ष्मणपुर ब्लॉक के पास पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख के बेटे पर हत्या का आरोप लगा है। हालांकि परिजनों ने अभी तक मामले की कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी है।
सौरभ बृहस्पतिवार की रात करीब नौ बजे घर आ रहे थे, तभी गांव के कुछ लोगों ने विवाद के दौरान उनकी पिटाई कर दी। गंभीर रूप से जख्मी युवक को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा किया। इस दौरान परिजन आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते रहे। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होता वह मेडिकल कॉलेज से नहीं जाएंगे। रात करीब साढ़े 12 बजे तक अफसर परिजनों को समझाते रहे लेकिन वह नहीं माने। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। अस्पताल में पुलिस बल तैनात है।
युवक ने वीडियो बनाकर लगाया आरोप
सौरभ उर्फ मोनू ने मौत से पहले अस्पताल में पूर्व ब्लॉक प्रमुख के बेटे दरोगा पर मारपीट का आरोप लगाया। इसका परिजनों ने वीडियो भी बनाया है। हालांकि कि वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। वीडियो में सौरभ ने कहा है कि पूर्व प्रमुख के बेटे ने पैर तोड़ दिया। गले पर भी पीटकर गंभीर चोट पहुंचाई।
सौरभ उर्फ मोनू ने मौत से पहले अस्पताल में पूर्व ब्लॉक प्रमुख के बेटे दरोगा पर मारपीट का आरोप लगाया। इसका परिजनों ने वीडियो भी बनाया है। हालांकि कि वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। वीडियो में सौरभ ने कहा है कि पूर्व प्रमुख के बेटे ने पैर तोड़ दिया। गले पर भी पीटकर गंभीर चोट पहुंचाई।
विधायक पहुंचे मेडिकल कॉलेज
विश्वनाथगंज विधायक जीत लाल पटेल घटना की जानकारी होने पर रात करीब 11 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने परिजनों से जानकारी ली। साथ ही आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस को दिए।
विश्वनाथगंज विधायक जीत लाल पटेल घटना की जानकारी होने पर रात करीब 11 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने परिजनों से जानकारी ली। साथ ही आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस को दिए।
भीड़ देखते ही इमरजेंसी से भागे डॉक्टर
सौरभ उर्फ मोनू को परिजन करीब 10 बजे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। संविदा कर्मी के साथ भारी भीड़ को देखकर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर मौके से भाग गए। हालांकि 15 मिनट बाद इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर लौट आए। उन्होंने घायल का इलाज किया लेकिन जान नहीं बचा सके।
सौरभ उर्फ मोनू को परिजन करीब 10 बजे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। संविदा कर्मी के साथ भारी भीड़ को देखकर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर मौके से भाग गए। हालांकि 15 मिनट बाद इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर लौट आए। उन्होंने घायल का इलाज किया लेकिन जान नहीं बचा सके।
हंगामे के बीच इमरजेंसी में दो घंटे पड़ा रहा शव
परिजनों के हंगामा के कारण संविदा कर्मी का शव करीब दो घंटे तक इमरजेंसी में ही पड़ा रहा। विश्वनाथगंज विधायक जीत लाल पटेल के पहुंचने पर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर फिर से ड्यूटी छोड़ भाग गए। इस दौरान फोन से ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को वापस बुलाया गया लेकिन आक्रोशित परिजन इमरजेंसी के पास डटे रहे।
परिजनों के हंगामा के कारण संविदा कर्मी का शव करीब दो घंटे तक इमरजेंसी में ही पड़ा रहा। विश्वनाथगंज विधायक जीत लाल पटेल के पहुंचने पर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर फिर से ड्यूटी छोड़ भाग गए। इस दौरान फोन से ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को वापस बुलाया गया लेकिन आक्रोशित परिजन इमरजेंसी के पास डटे रहे।