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Pratapgarh News: लालगंज ट्राॅमासेंटर में भी बुनियादी सुविधाएं अधूरी, कैसे मिले इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Thu, 04 Jun 2026 01:18 AM IST
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लखनऊ-वाराणसी हाईवे स्थित लालगंज ट्राॅमासेंटर का निर्माण 2019 में हुआ लेकिन चिकित्सकों की कमी और सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में औसतन प्रतिदिन ट्राॅमासेंटर से 15 मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है।
ट्राॅमासेंटर में न्यूरो, ऑर्थो और जनरल सर्जन के साथ कॉर्डियोलॉजिस्ट, नेत्र सर्जन के साथ दंत चिकित्सक की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन लालगंज में सात साल से संचालित ट्राॅमा सेंटर में ऑर्थो को छोड़ दिया जाए तो एक भी सर्जन चिकित्सक नहीं है।
हादसे में घायलों के लिए सीटी स्कैन, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जांच तक की सुविधा नहीं है। ट्राॅमासेंटर में पैथालॉजी भी नहीं है। ट्राॅमासेंटर के बगल सीएचसी में एक्सरे और पैथालॉजी की सुविधा है लेकिन वहां पर सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही सेवाएं दी जाती हैं। ऐसे में ट्राॅमा सेंटर पर दोपहर बाद आने वाले मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है।
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लालगंज ट्राॅमासेंटर रेफरल सेंटर बन गया है। स्वास्थ्य महकमा इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। -सुरजीत गौतम, परासपुर।
आए दिन हादसे में लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। एमआरआई और सीटी स्कैन की बात दूर एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जांच तक के इंतजाम नहीं हैं। -राजा खान, पडरी लालगंज
सीएमओ के माध्यम से शासन को तीन बार पत्र भेजकर ट्राॅमा सेंटर में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और सीबीसी जांच मशीन के साथ दो सर्जन, एक न्यूरो सर्जन की तैनाती की मांग की गई लेकिन सीएचसी के चिकित्सकों से ट्राॅमा सेंटर का संचालन कराया जा रहा है।-डॉ. अरविंद गुप्ता, अधीक्षक, ट्राॅमासेंटर लालगंज।
ट्राॅमासेंटर में न्यूरो, ऑर्थो और जनरल सर्जन के साथ कॉर्डियोलॉजिस्ट, नेत्र सर्जन के साथ दंत चिकित्सक की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन लालगंज में सात साल से संचालित ट्राॅमा सेंटर में ऑर्थो को छोड़ दिया जाए तो एक भी सर्जन चिकित्सक नहीं है।
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हादसे में घायलों के लिए सीटी स्कैन, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जांच तक की सुविधा नहीं है। ट्राॅमासेंटर में पैथालॉजी भी नहीं है। ट्राॅमासेंटर के बगल सीएचसी में एक्सरे और पैथालॉजी की सुविधा है लेकिन वहां पर सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही सेवाएं दी जाती हैं। ऐसे में ट्राॅमा सेंटर पर दोपहर बाद आने वाले मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है।
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आए दिन हादसे में लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। एमआरआई और सीटी स्कैन की बात दूर एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जांच तक के इंतजाम नहीं हैं। -राजा खान, पडरी लालगंज
सीएमओ के माध्यम से शासन को तीन बार पत्र भेजकर ट्राॅमा सेंटर में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और सीबीसी जांच मशीन के साथ दो सर्जन, एक न्यूरो सर्जन की तैनाती की मांग की गई लेकिन सीएचसी के चिकित्सकों से ट्राॅमा सेंटर का संचालन कराया जा रहा है।-डॉ. अरविंद गुप्ता, अधीक्षक, ट्राॅमासेंटर लालगंज।