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Pratapgarh News: मेडिकल कॉलेज... स्ट्रेचर न व्हीलचेयर, गोद ही सहारा
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मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर न मिला तो मां को गोद में उठाकर ओपीडी में लेकर जाता युवक। संवाद
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भीषण गर्मी में दूरदराज से मेडिकल कॉलेज आने वाले मरीजों को न स्ट्रेचर मिल रहा है, न ही व्हीलचेयर। तीमारदारों की गोद ही मरीजों का सहारा बनी। वह मरीजों को गोद में उठाकर डॉक्टर के पास ले जाते नजर आए। पर्चा और दवा काउंटर के साथ ही ओपीडी में मरीजों की भरमार रही।
मंगलवार को गर्मी में मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य व्यवस्था लड़खड़ा गई। मरीजों के साथ ही व्यवस्था भी हांफती नजर आई। पीने को ठंडा पानी नहीं। इलाज और दवा के लिए घंटों के इंतजार ने मरीजों और तीमारदारों को खासा परेशान किया।
ओपीडी में दो हजार से अधिक मरीजों ने पंजीयन कराया था। तीन सौ से अधिक पुराने मरीज चिकित्सक से इलाज कराने पहुंचे। फिजिशियन और त्वचा रोग विशेषज्ञ कक्ष के सामने सबसे अधिक भीड़ रही।
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स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के लिए घंटों भटकते रहे मरीज
भुपियामऊ के पन्नेलाल ने बताया कि आठ दिन पहले पत्नी के पैर में फैक्चर होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। बाहर से एक्सरे कराना पड़ा। पत्नी को सिर्फ दर्द का इंजेक्शन लगाया गया। आराम न मिलने पर निजी अस्पताल में पत्नी को भर्ती कराने जा रहा हूं। अस्पताल में स्ट्रेचर भी नहीं मिला। इस कारण गोद में उठाकर ले जाना पड़ा।
भंगवाचुंगी के राजकुमार ने बताया कि सुबह 10 बजे से ओपीडी के बाहर बैठा हूंं। स्ट्रेचर नहीं मिला। इस कारण तीन घंटे बाद चिकित्सक को दिखा पाया। लालगंज के समसपुर निवासी नीलेश का पैर कुछ दिन पहले टूट गया था। वह मंगलवार सुबह 10.30 बजे पिता राजकुमार के साथ ओपीडी पहुंचे। दो घंटे तक उन्हें स्ट्रेचर व व्हीलचेयर नहीं मिली। वह इधर-उधर भटकते रहे।
राजकुमार ने बताया कि चौथे तल पर बेटे को ले जाना है लेकिन कर्मचारियों ने स्ट्रेचर नहीं दिया जबकि महज तीन मीटर की दूरी पर स्ट्रेचर व व्हीलचेयर रखी थी।
इनसेट:-
वाटर कूलर दे रहा गर्म पानी
ओपीडी कक्ष के बाहर लगा एक मात्र वाटर कूलर गर्म पानी दे रहा है। दोपहर 12 बजे दो महिलाएं वाटर कूलर से बोतल में पानी लेने आईं। बोतल में पानी भरा। एक घूंट पानी पीते ही दोनों महिलाओं ने उसे फेंक दिया और बोलीं वाटर कूलर तो है पर पानी ही ठंडा नहीं है।
रामगंज की सविता व मोहनगंज की रमादेवी ने बताया कि वाटर कूलर से गर्म पानी आ रहा है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के बाहर लगे जाम की वजह से एंबुलेंस भी फंसी रही।
वर्जन:-
मेडिकल कॉलेज में सभी संसाधन पर्याप्त हैं। मरीजों को स्ट्रेचर व व्हील चेयर मुहैया कराई जाती है। भीड़ के कारण हो सकता है कि दिक्कत हुई हो। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ.शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस
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मंगलवार को गर्मी में मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य व्यवस्था लड़खड़ा गई। मरीजों के साथ ही व्यवस्था भी हांफती नजर आई। पीने को ठंडा पानी नहीं। इलाज और दवा के लिए घंटों के इंतजार ने मरीजों और तीमारदारों को खासा परेशान किया।
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ओपीडी में दो हजार से अधिक मरीजों ने पंजीयन कराया था। तीन सौ से अधिक पुराने मरीज चिकित्सक से इलाज कराने पहुंचे। फिजिशियन और त्वचा रोग विशेषज्ञ कक्ष के सामने सबसे अधिक भीड़ रही।
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स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के लिए घंटों भटकते रहे मरीज
भुपियामऊ के पन्नेलाल ने बताया कि आठ दिन पहले पत्नी के पैर में फैक्चर होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। बाहर से एक्सरे कराना पड़ा। पत्नी को सिर्फ दर्द का इंजेक्शन लगाया गया। आराम न मिलने पर निजी अस्पताल में पत्नी को भर्ती कराने जा रहा हूं। अस्पताल में स्ट्रेचर भी नहीं मिला। इस कारण गोद में उठाकर ले जाना पड़ा।
भंगवाचुंगी के राजकुमार ने बताया कि सुबह 10 बजे से ओपीडी के बाहर बैठा हूंं। स्ट्रेचर नहीं मिला। इस कारण तीन घंटे बाद चिकित्सक को दिखा पाया। लालगंज के समसपुर निवासी नीलेश का पैर कुछ दिन पहले टूट गया था। वह मंगलवार सुबह 10.30 बजे पिता राजकुमार के साथ ओपीडी पहुंचे। दो घंटे तक उन्हें स्ट्रेचर व व्हीलचेयर नहीं मिली। वह इधर-उधर भटकते रहे।
राजकुमार ने बताया कि चौथे तल पर बेटे को ले जाना है लेकिन कर्मचारियों ने स्ट्रेचर नहीं दिया जबकि महज तीन मीटर की दूरी पर स्ट्रेचर व व्हीलचेयर रखी थी।
इनसेट:-
वाटर कूलर दे रहा गर्म पानी
ओपीडी कक्ष के बाहर लगा एक मात्र वाटर कूलर गर्म पानी दे रहा है। दोपहर 12 बजे दो महिलाएं वाटर कूलर से बोतल में पानी लेने आईं। बोतल में पानी भरा। एक घूंट पानी पीते ही दोनों महिलाओं ने उसे फेंक दिया और बोलीं वाटर कूलर तो है पर पानी ही ठंडा नहीं है।
रामगंज की सविता व मोहनगंज की रमादेवी ने बताया कि वाटर कूलर से गर्म पानी आ रहा है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के बाहर लगे जाम की वजह से एंबुलेंस भी फंसी रही।
वर्जन:-
मेडिकल कॉलेज में सभी संसाधन पर्याप्त हैं। मरीजों को स्ट्रेचर व व्हील चेयर मुहैया कराई जाती है। भीड़ के कारण हो सकता है कि दिक्कत हुई हो। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ.शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस

मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर न मिला तो मां को गोद में उठाकर ओपीडी में लेकर जाता युवक। संवाद

मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर न मिला तो मां को गोद में उठाकर ओपीडी में लेकर जाता युवक। संवाद

मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर न मिला तो मां को गोद में उठाकर ओपीडी में लेकर जाता युवक। संवाद