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Pratapgarh News: शिक्षक भर्ती में नहीं चलेगी तुक्केबाजी, गलत जवाब देने पर कटेंगे नंबर
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प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा में अब तुक्केबाजी नहीं चलेगी। गलत जवाब देने पर अंक कटेंगे। हालांकि, एकेडमिक मेरिट खत्म करने को लेकर संशय की स्थिति है। भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद स्थिति साफ होगी।
पहली बार उत्तर प्रदेश के परिषदीय (बेसिक शिक्षा परिषद) विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की भर्ती उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से कराई जाएगी। आयोग नई चयन व्यवस्था के अनुरूप परीक्षा का विस्तृत पाठ्यक्रम (सिलेबस) तैयार कर रहा है जिसे जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।
अब तक बेसिक शिक्षक भर्ती परीक्षा उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) के माध्यम से आयोजित की जाती थी। उस व्यवस्था में 150 अंकों की लिखित परीक्षा होती थी और निगेटिव मार्किंग नहीं थी। साथ ही चयन में अभ्यर्थियों के शैक्षणिक अंकों (एकेडमिक मेरिट) को जोड़ कर अंतिम सूची तैयार की जाती थी। आयोग की भर्ती संबंधी नई नियमावली के अनुसार अब शैक्षणिक अंकों का कोई वेटेज नहीं होगा और चयन केवल लिखित परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
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हालांकि, आयोग को अभी तक बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से रिक्त पदों का औपचारिक अधियाचन ऑनलाइन प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। आयोग का कहना है कि जैसे ही रिक्तियों का विवरण पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा, भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सूत्रों के अनुसार, बेसिक शिक्षा विभाग के नगर क्षेत्र के विद्यालयों में 11,508 रिक्त पदों की ऑनलाइन अधियाचन अभी लंबित है।
इसी संभावित बड़ी भर्ती को देखते हुए आयोग पहले ही परीक्षा का पाठ्यक्रम जारी करने की तैयारी में है ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके और वे नई परीक्षा प्रणाली के अनुरूप अपनी तैयारी शुरू कर सकें।
शिक्षकों की भर्तियों में नियम एक समान लागू
शिक्षा सेवा चयन आयोग के सूत्रों के अनुसार सभी प्रकार की शिक्षक भर्ती के एक ही नियम बनाए गए हैं। अलग-अलग नियम नहीं हैं। अभ्यर्थियों से 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें 90 प्रश्न निर्धारित विषयवार पाठ्यक्रम से और 30 प्रश्न सामान्य ज्ञान से होंगे। प्रत्येक प्रश्न तीन अंक का होगा। इस प्रकार लिखित परीक्षा 360 अंकों की होगी और इसी के आधार पर अंतिम श्रेष्ठता (मेरिट) सूची तैयार की जाएगी। परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प होंगे, गलत उत्तर पर एक अंक की निगेटिव मार्किंग भी लागू की जाएगी।
वर्जन
शिक्षक भर्ती में एकेडमिक मेरिट का प्रावधान अभी खत्म नहीं हुआ है। रही बात भर्ती के लिए परीक्षा की तो 2018 में आई 68500 और 69000 दोनों भर्तियां लिखित परीक्षा से ही हुई थीं। जिसे सुपरटेट कहा जाता है।
सुरेंद्र तिवारी, सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद
वर्जन
लिखित परीक्षा के आधार पर चयन होना है। चयन की प्रक्रिया 120 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के 360 अंकों की लिखित परीक्षा के आधार पर होगी। भर्ती के नियम तय करने का अधिकार बेसिक शिक्षा परिषद के पास है। हालांकि, चयन के लिए परीक्षा से संबंधित जो नियम बनाए गए हैं, वे सभी भर्तियों में एक समान लागू हैं। किसी भर्ती में अलग से नियम लागू नहीं किया जाएगा।
प्रशांत कुमार, अध्यक्ष, शिक्षा सेवा चयन आयोग
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पहली बार उत्तर प्रदेश के परिषदीय (बेसिक शिक्षा परिषद) विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की भर्ती उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से कराई जाएगी। आयोग नई चयन व्यवस्था के अनुरूप परीक्षा का विस्तृत पाठ्यक्रम (सिलेबस) तैयार कर रहा है जिसे जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।
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अब तक बेसिक शिक्षक भर्ती परीक्षा उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) के माध्यम से आयोजित की जाती थी। उस व्यवस्था में 150 अंकों की लिखित परीक्षा होती थी और निगेटिव मार्किंग नहीं थी। साथ ही चयन में अभ्यर्थियों के शैक्षणिक अंकों (एकेडमिक मेरिट) को जोड़ कर अंतिम सूची तैयार की जाती थी। आयोग की भर्ती संबंधी नई नियमावली के अनुसार अब शैक्षणिक अंकों का कोई वेटेज नहीं होगा और चयन केवल लिखित परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
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हालांकि, आयोग को अभी तक बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से रिक्त पदों का औपचारिक अधियाचन ऑनलाइन प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। आयोग का कहना है कि जैसे ही रिक्तियों का विवरण पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा, भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सूत्रों के अनुसार, बेसिक शिक्षा विभाग के नगर क्षेत्र के विद्यालयों में 11,508 रिक्त पदों की ऑनलाइन अधियाचन अभी लंबित है।
इसी संभावित बड़ी भर्ती को देखते हुए आयोग पहले ही परीक्षा का पाठ्यक्रम जारी करने की तैयारी में है ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके और वे नई परीक्षा प्रणाली के अनुरूप अपनी तैयारी शुरू कर सकें।
शिक्षकों की भर्तियों में नियम एक समान लागू
शिक्षा सेवा चयन आयोग के सूत्रों के अनुसार सभी प्रकार की शिक्षक भर्ती के एक ही नियम बनाए गए हैं। अलग-अलग नियम नहीं हैं। अभ्यर्थियों से 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें 90 प्रश्न निर्धारित विषयवार पाठ्यक्रम से और 30 प्रश्न सामान्य ज्ञान से होंगे। प्रत्येक प्रश्न तीन अंक का होगा। इस प्रकार लिखित परीक्षा 360 अंकों की होगी और इसी के आधार पर अंतिम श्रेष्ठता (मेरिट) सूची तैयार की जाएगी। परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प होंगे, गलत उत्तर पर एक अंक की निगेटिव मार्किंग भी लागू की जाएगी।
वर्जन
शिक्षक भर्ती में एकेडमिक मेरिट का प्रावधान अभी खत्म नहीं हुआ है। रही बात भर्ती के लिए परीक्षा की तो 2018 में आई 68500 और 69000 दोनों भर्तियां लिखित परीक्षा से ही हुई थीं। जिसे सुपरटेट कहा जाता है।
सुरेंद्र तिवारी, सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद
वर्जन
लिखित परीक्षा के आधार पर चयन होना है। चयन की प्रक्रिया 120 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के 360 अंकों की लिखित परीक्षा के आधार पर होगी। भर्ती के नियम तय करने का अधिकार बेसिक शिक्षा परिषद के पास है। हालांकि, चयन के लिए परीक्षा से संबंधित जो नियम बनाए गए हैं, वे सभी भर्तियों में एक समान लागू हैं। किसी भर्ती में अलग से नियम लागू नहीं किया जाएगा।
प्रशांत कुमार, अध्यक्ष, शिक्षा सेवा चयन आयोग