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Pratapgarh News: तीन सीएचसी और एक पीएचसी का नवंबर से शुरू होगा संचालन
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पुनीत सिंह।
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जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नवंबर तक तीन नए सीएचसी और एक पीएचसी का संचालन शुरू होगा। सभी केंद्रों के भवनों के ज्यादातर काम पूरे हो चुके हैं। इनके संचालन से 100 से अधिक गांवों की करीब एक लाख आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
वर्ष 2015 से निर्माणाधीन तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन लगभग तैयार हो गया है। नवंबर से सीएचसी जामताली, रानीगंज कैथौला और हथिगवां के साथ पीएचसी बेती का संचालन शुरू हो जाएगा। इससे लोगों को इलाज के लिए दूर के अस्पताल का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
शासन ने वर्ष 2015 में 6.22 करोड़ रुपये की लागत से जामताली सीएचसी के निर्माण को मंजूरी दी थी। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने भवन तैयार कर दिया है। यहां ओपीडी के साथ आईपीडी, ऑपरेशन, प्रसव और आपातकालीन सेवा का लाभ मरीजों को मिलेगी।
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सीएचसी शुरू होने से बीरापुर, जामताली, नजियापुर, मिसिद्दीपुर, जरियारी, लच्छीपुर समेत 30 गांवों के मरीजों को रानीगंज सीएचसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इनसेट-
हथिगवां और रानीगंज कैथौला में भी शुरू होगी सेवा
डिप्टी सीएमओ डॉ. एस. हैदर ने बताया कि 6.54 करोड़ की लागत से बन रहे सीएचसी हथिगवां का महज तीन प्रतिशत काम बाकी है। इसके शुरू होने से अगिया, अहीबरनपुर, आदमपुर, आंइथू, अलियापुर, बसाहीपुर, परियावां समेत 30 गांवों के लोगों को कुंडा, बाघराय या कालाकांकर नहीं जाना पड़ेगा।
वहीं 1.14 करोड़ रुपये से बना रानीगंज कैथौला सीएचसी भी तैयार है। यहां से कौशिल्यापुर, रानीगंज कैथौला, चकोदर, भीमपुर सहित 25 से अधिक गांवों के लोगों को अब 30 किमी दूर सांगीपुर या लालगंज इलाज के लिए नहीं जाना होगा।
उन्होंने कहा कि तीनों सीएचसी के साथ पीएचसी बेती का भवन भी बनकर तैयार है। इसका संचालन भी नवंबर से शुरू होगा। सीएमओ ने जरूरी उपकरणों की खरीद और स्टाफ की तैनाती के लिए शासन से बजट मांगा है। कार्यदायी संस्था को भवन हैंडओवर करने के लिए एक महीने का समय दिया है।
इनसेट-
यह मिलेंगी सुविधाएं
तीनों सीएचसी में ओपीडी, आईपीडी, ऑपरेशन, प्रसव, टीकाकरण और 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं शुरू होंगी। इससे जिला अस्पताल पर बोझ कम होगा और मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा।
इनसेट-
10 साल से भवन बन रहा था। अब अस्पताल खुलेगा तो इलाज के लिए 30 किमी दूर सांगीपुर नहीं जाना पड़ेगा।
रितिक, कैथौला
इलाज कराने लालगंज जाने पर 50 रुपये किराया लग जाता था। पास में सीएचसी खुलने से बेहतर सुविधा होगी। समय और पैसे की बचत होगी।
- पुनीत सिंह, कैथौला
वर्जन--
नवंबर तक तीनों सीएचसी और बेती पीएचसी का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। उपकरण खरीद के साथ स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। - डॉ. एएन प्रसाद, सीएमओ।
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वर्ष 2015 से निर्माणाधीन तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन लगभग तैयार हो गया है। नवंबर से सीएचसी जामताली, रानीगंज कैथौला और हथिगवां के साथ पीएचसी बेती का संचालन शुरू हो जाएगा। इससे लोगों को इलाज के लिए दूर के अस्पताल का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
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शासन ने वर्ष 2015 में 6.22 करोड़ रुपये की लागत से जामताली सीएचसी के निर्माण को मंजूरी दी थी। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने भवन तैयार कर दिया है। यहां ओपीडी के साथ आईपीडी, ऑपरेशन, प्रसव और आपातकालीन सेवा का लाभ मरीजों को मिलेगी।
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सीएचसी शुरू होने से बीरापुर, जामताली, नजियापुर, मिसिद्दीपुर, जरियारी, लच्छीपुर समेत 30 गांवों के मरीजों को रानीगंज सीएचसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इनसेट-
हथिगवां और रानीगंज कैथौला में भी शुरू होगी सेवा
डिप्टी सीएमओ डॉ. एस. हैदर ने बताया कि 6.54 करोड़ की लागत से बन रहे सीएचसी हथिगवां का महज तीन प्रतिशत काम बाकी है। इसके शुरू होने से अगिया, अहीबरनपुर, आदमपुर, आंइथू, अलियापुर, बसाहीपुर, परियावां समेत 30 गांवों के लोगों को कुंडा, बाघराय या कालाकांकर नहीं जाना पड़ेगा।
वहीं 1.14 करोड़ रुपये से बना रानीगंज कैथौला सीएचसी भी तैयार है। यहां से कौशिल्यापुर, रानीगंज कैथौला, चकोदर, भीमपुर सहित 25 से अधिक गांवों के लोगों को अब 30 किमी दूर सांगीपुर या लालगंज इलाज के लिए नहीं जाना होगा।
उन्होंने कहा कि तीनों सीएचसी के साथ पीएचसी बेती का भवन भी बनकर तैयार है। इसका संचालन भी नवंबर से शुरू होगा। सीएमओ ने जरूरी उपकरणों की खरीद और स्टाफ की तैनाती के लिए शासन से बजट मांगा है। कार्यदायी संस्था को भवन हैंडओवर करने के लिए एक महीने का समय दिया है।
इनसेट-
यह मिलेंगी सुविधाएं
तीनों सीएचसी में ओपीडी, आईपीडी, ऑपरेशन, प्रसव, टीकाकरण और 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं शुरू होंगी। इससे जिला अस्पताल पर बोझ कम होगा और मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा।
इनसेट-
10 साल से भवन बन रहा था। अब अस्पताल खुलेगा तो इलाज के लिए 30 किमी दूर सांगीपुर नहीं जाना पड़ेगा।
रितिक, कैथौला
इलाज कराने लालगंज जाने पर 50 रुपये किराया लग जाता था। पास में सीएचसी खुलने से बेहतर सुविधा होगी। समय और पैसे की बचत होगी।
- पुनीत सिंह, कैथौला
वर्जन
नवंबर तक तीनों सीएचसी और बेती पीएचसी का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। उपकरण खरीद के साथ स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। - डॉ. एएन प्रसाद, सीएमओ।

पुनीत सिंह।

पुनीत सिंह।