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Pratapgarh News: एप पर दिखेगा फोटो, 16 अगस्त से शुरू होगा फसल का ई-सर्वे
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धान की लहराती फसल।
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जिले में 16 अगस्त से फसलों का डिजिटल सर्वे शुरू होगा। अब किसानों के खेत का गाटा और उसमें लगी फसल ऑनलाइन दिखेगी। उसका पूरा विवरण डीसीएस (डिजिटल क्रॉप सर्वे एप) पर रहेगा। जिले में 17 लाख से अधिक गाटों का ई-सर्वे किया जाएगा।
650 कर्मचारी सितंबर के अंत तक गांव-गांव जाकर विवरण जुटाएंगे। सर्वे के लिए हर गाटा संख्या पर जाना अनिवार्य होगा। इससे घर पर बैठे लेखपाल की ओर से मुआवजे के लिए रिपोर्ट लगाने की प्रक्रिया के साथ ही मुआवजा वितरण भी पारदर्शी होगा।
इस बार जिले में करीब 1.55 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान, उड़द, अरहर, मक्का आदि फसलों की बुआई हुई है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटलाइजेशन पर जोर दिया जा रहा है।
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पहले लेखपाल गाटों का सर्वे मैनुअल करते थे। अब कृषि विभाग की ओर से इसे ऑनलाइन दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। ई-सर्वे के लिए 17 लाख से अधिक गाटों को चिह्नित किया गया है। सभी गाटों का डोर-टू-डोर सर्वे किया जाएगा। हर खेत पर विभागीय टीम जाएगी और फोटो खींचकर एप पर अपलोड करेगी।
इनसेट:-
मिलेगी खाद और बीज
ई-सर्वे के माध्यम से न सिर्फ खेत का डाटा दर्ज होगा बल्कि सर्वे से खाद और बीज का वितरण भी तय होगा। रकबे की सटीक जानकारी होने से उसी के अनुसार उर्वरक और बीज भी आवंटित किए जाएंगे। इससे किसानों को क्रेडिट कार्ड बनाने में मदद मिलेगी। उसी के अनुसार केसीसी भी तय होगी।
......
वर्जन:-
खरीफ सीजन में 17 लाख से अधिक गाटों का ई-सर्वे 16 अगस्त से शुरू होगा। हर खेत में विभाग की ओर से टीम भेजी जाएगी। खेत की फोटो खींचकर एप पर अपलोड की जाएगी ताकि सही जानकारी मिल सके।
- अश्वनी कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक
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650 कर्मचारी सितंबर के अंत तक गांव-गांव जाकर विवरण जुटाएंगे। सर्वे के लिए हर गाटा संख्या पर जाना अनिवार्य होगा। इससे घर पर बैठे लेखपाल की ओर से मुआवजे के लिए रिपोर्ट लगाने की प्रक्रिया के साथ ही मुआवजा वितरण भी पारदर्शी होगा।
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इस बार जिले में करीब 1.55 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान, उड़द, अरहर, मक्का आदि फसलों की बुआई हुई है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटलाइजेशन पर जोर दिया जा रहा है।
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पहले लेखपाल गाटों का सर्वे मैनुअल करते थे। अब कृषि विभाग की ओर से इसे ऑनलाइन दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। ई-सर्वे के लिए 17 लाख से अधिक गाटों को चिह्नित किया गया है। सभी गाटों का डोर-टू-डोर सर्वे किया जाएगा। हर खेत पर विभागीय टीम जाएगी और फोटो खींचकर एप पर अपलोड करेगी।
इनसेट:-
मिलेगी खाद और बीज
ई-सर्वे के माध्यम से न सिर्फ खेत का डाटा दर्ज होगा बल्कि सर्वे से खाद और बीज का वितरण भी तय होगा। रकबे की सटीक जानकारी होने से उसी के अनुसार उर्वरक और बीज भी आवंटित किए जाएंगे। इससे किसानों को क्रेडिट कार्ड बनाने में मदद मिलेगी। उसी के अनुसार केसीसी भी तय होगी।
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वर्जन:-
खरीफ सीजन में 17 लाख से अधिक गाटों का ई-सर्वे 16 अगस्त से शुरू होगा। हर खेत में विभाग की ओर से टीम भेजी जाएगी। खेत की फोटो खींचकर एप पर अपलोड की जाएगी ताकि सही जानकारी मिल सके।
- अश्वनी कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक