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Pratapgarh News: सरकारी नौकरी छोड़ी, जैविक खेती को बनाया कमाई का जरिया
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विकासखंड मंगरौरा के भदौना गांव निवासी युवा किसान उत्कृष्ट पांडेय ने पैरामिलिट्री फोर्स की नौकरी छोड़कर जैविक खेती अपनाई है। वह इससे सालाना 10 से 12 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। साथ ही क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
उत्कृष्ट ने बताया कि लगभग दस वर्ष पहले असिस्टेंट कमांडेंट पद छोड़ उन्होंने गांव लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने पारंपरिक खेती से हटकर जैविक खेती शुरू की। अपनी फर्म ऋषि ग्राम ऑर्गेनिक्स मंडल भी स्थापित की। उनके फार्म पर लगभग 2500 सफेद चंदन के पौधे रोपित हैं। उन्होंने सफेद चंदन की नर्सरी भी विकसित की है, जिससे अन्य किसानों को पौध उपलब्ध हो सके।
दो एकड़ भूमि में पीली, काली और कस्तूरी हल्दी की खेती भी की जा रही है। उत्कृष्ट का मानना है कि उत्पादों का प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। वे हल्दी पाउडर, विलौना घी, आंवला मुरब्बा और अन्य जैविक उत्पाद ऋषि ग्राम ब्रांड के तहत बेचते हैं।
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किसानों के लिए प्रेरणा केंद्र
उत्कृष्ट का फार्म अब किसानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र बन गया है। यहां किसान जैविक खेती, पौधशाला प्रबंधन और विपणन की जानकारी प्राप्त करते हैं। वे अपने अनुभव साझा करते हैं। किसानों को कम लागत में अधिक आय के उपाय भी बताते हैं। उनके मार्गदर्शन से कई किसान जैविक खेती की ओर बढ़े हैं।
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उत्कृष्ट ने बताया कि लगभग दस वर्ष पहले असिस्टेंट कमांडेंट पद छोड़ उन्होंने गांव लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने पारंपरिक खेती से हटकर जैविक खेती शुरू की। अपनी फर्म ऋषि ग्राम ऑर्गेनिक्स मंडल भी स्थापित की। उनके फार्म पर लगभग 2500 सफेद चंदन के पौधे रोपित हैं। उन्होंने सफेद चंदन की नर्सरी भी विकसित की है, जिससे अन्य किसानों को पौध उपलब्ध हो सके।
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दो एकड़ भूमि में पीली, काली और कस्तूरी हल्दी की खेती भी की जा रही है। उत्कृष्ट का मानना है कि उत्पादों का प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। वे हल्दी पाउडर, विलौना घी, आंवला मुरब्बा और अन्य जैविक उत्पाद ऋषि ग्राम ब्रांड के तहत बेचते हैं।
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उत्कृष्ट का फार्म अब किसानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र बन गया है। यहां किसान जैविक खेती, पौधशाला प्रबंधन और विपणन की जानकारी प्राप्त करते हैं। वे अपने अनुभव साझा करते हैं। किसानों को कम लागत में अधिक आय के उपाय भी बताते हैं। उनके मार्गदर्शन से कई किसान जैविक खेती की ओर बढ़े हैं।