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Pratapgarh News: मल्हूपुर की बेटियां... कम संसाधन, बड़े अरमान
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काजल यादव।
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। मानधाता के मल्हूपुर गांव की बेटियां... उनके पास संसाधन कम हैं। आर्थिक तौर पर मजबूत नहीं हैं। महंगे जूते लेने के पैसे नहीं हैं। इसके बावजूद उनके अरमान बढ़े हैं। दिन-ब-दिन खुद को बेहतर बनाने की ललक है। इसके लिए वह गांव के मैदान पर पसीना बहा रही हैं।
मल्हूपुर गांव की बेटियों ने जिला से लेकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने हुनर की छाप छोड़ी है। हाल ही में इसी गांव की काजल यादव ने ऑल इंडिया ओपन आमंत्रण वॉलीबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
उन्होंने बताया कि नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में वॉलीबॉल की तकनीकों को बारीकी से देखा और समझा। वहां मौजूद अन्य खिलाड़ियों से भी बहुत कुछ सीखा। अधिकांश खिलाड़ी किसान और मजदूर परिवारों से ताल्लुक रखती हैं। वह सीमित संसाधनों में लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश में है। उनसे प्रेरणा भी मिली।
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वर्जन
गांव के अस्थायी मैदान में अभ्यास करती हूं। साथ ही स्नातक की पढ़ाई कर रही हूं। ऑल इंडिया ओपन आमंत्रण वॉलीबॉल प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया है। देश के लिए खेलना ही सपना है। - काजल यादव, वॉलीबॉल खिलाड़ी
...............
मानधाता के जीजीआईसी खरवई में पढ़ाई कर रही हूं। वॉलीबॉल में कॅरिअर बनाना और देश के लिए खेलना चाहती हूं। हर दिन पढ़ाई के साथ ही तीन से चार घंटे प्रैक्टिस करती हूं। संसाधन सीमित हैं लेकिन खुद को बेहतर बनाने में कोर-कसर नहीं छोड़ रही हूं। - कीर्ति यादव, वॉलीबॉल खिलाड़ी
राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया है। खरवई जीजीआईसी में पढ़ाई कर रही हूं। हर दिन तीन घंटे नियमित अभ्यास करती हूं। देश के लिए पदक जीतना सपना है ताकि घर वालों का नाम रोशन कर सकूं। - नेहा यादव, वॉलीबॉल खिलाड़ी
वर्जन-
वॉलीबॉल समेत अन्य खेलों में बेटियां आगे बढ़ रही हैं। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। - पूनमलता राज, जिला क्रीड़ाधिकारी
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मल्हूपुर गांव की बेटियों ने जिला से लेकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने हुनर की छाप छोड़ी है। हाल ही में इसी गांव की काजल यादव ने ऑल इंडिया ओपन आमंत्रण वॉलीबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
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उन्होंने बताया कि नेशनल लेवल की प्रतियोगिता में वॉलीबॉल की तकनीकों को बारीकी से देखा और समझा। वहां मौजूद अन्य खिलाड़ियों से भी बहुत कुछ सीखा। अधिकांश खिलाड़ी किसान और मजदूर परिवारों से ताल्लुक रखती हैं। वह सीमित संसाधनों में लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश में है। उनसे प्रेरणा भी मिली।
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गांव के अस्थायी मैदान में अभ्यास करती हूं। साथ ही स्नातक की पढ़ाई कर रही हूं। ऑल इंडिया ओपन आमंत्रण वॉलीबॉल प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया है। देश के लिए खेलना ही सपना है। - काजल यादव, वॉलीबॉल खिलाड़ी
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मानधाता के जीजीआईसी खरवई में पढ़ाई कर रही हूं। वॉलीबॉल में कॅरिअर बनाना और देश के लिए खेलना चाहती हूं। हर दिन पढ़ाई के साथ ही तीन से चार घंटे प्रैक्टिस करती हूं। संसाधन सीमित हैं लेकिन खुद को बेहतर बनाने में कोर-कसर नहीं छोड़ रही हूं। - कीर्ति यादव, वॉलीबॉल खिलाड़ी
राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया है। खरवई जीजीआईसी में पढ़ाई कर रही हूं। हर दिन तीन घंटे नियमित अभ्यास करती हूं। देश के लिए पदक जीतना सपना है ताकि घर वालों का नाम रोशन कर सकूं। - नेहा यादव, वॉलीबॉल खिलाड़ी
वर्जन-
वॉलीबॉल समेत अन्य खेलों में बेटियां आगे बढ़ रही हैं। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। - पूनमलता राज, जिला क्रीड़ाधिकारी

काजल यादव।

काजल यादव।