{"_id":"6a25ae557833d7a8700bb736","slug":"underpass-closed-if-you-want-to-go-to-the-highway-then-take-a-three-kilometer-detour-pratapgarh-news-c-262-1-ptp1003-169785-2026-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: अंडरपास बंद... हाईवे पर जाना है तो लगाइए तीन किमी का चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: अंडरपास बंद... हाईवे पर जाना है तो लगाइए तीन किमी का चक्कर
विज्ञापन
भुपियामऊ अंडर पास बंद करते कर्मचारी। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भुपियामऊ अंडरपास को निर्माण कार्य के लिए दोबारा बंद कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य में जुट गई है लेकिन 25 गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोगों को भुपियामऊ गांव और प्रयागराज-अयोध्या हाईवे पर जाना है तो तीन किमी लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। वहीं, रेलवे अफसरों ने कहा कि दो महीने में काम पूरा कर लिया जाएगा।
भुपियामऊ रेलवे क्राॅसिंग के पास ओवरब्रिज का निर्माण वर्ष 2019 में हुआ। ओवरब्रिज बनने के बाद रेलवे ने क्राॅसिंग को बंद कर दिया। इससे 25 गांव के लोगों की परेशानी बढ़ गई।
पूर्व सांसद संगम लाल गुप्ता के कार्यकाल में अंडरपास का निर्माण शुरू हुआ। दिसंबर 2024 तक कार्यदायी संस्था को अंडरपास बना लेना था लेकिन बजट के अभाव में काम पूरा नहीं हुआ। इसके बदा संस्था ने बीच में ही आधे-अधूरे अंडरपास से आवागमन बहाल कर दिया।
विज्ञापन
बीते शनिवार सुबह से अंडरपास से आवागमन पर रोक लगा दी गई। बताया गया कि निर्माण कार्य फिर से शुरू किया जा रहा है। इससे भुपियामऊ, कमईपुर, कोठवा, बहलोलपुर, भीलमपुर, डंगैता, श्रीकांतपुर, कोहड़ा समेत 25 गांव के लोगों को राजमार्ग पर पहुंचने के लिए तीन किमी लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।
-- --
कार्यदायी संस्था के खिलाफ रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा है। ओवरब्रिज निर्माण के बाद से भुपियामऊ समेत 25 गांव के लोगों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। - राम सिंह, जिला पंचायत सदस्य सदर।
--
भुपियामऊ में अंडरपास बंद होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। तीन किमी लंबा सफर तय करके भुपियामऊ व दुग्ध समिति पर जाना पड़ रहा है। स्कूल खुलने पर बच्चों को भी दिक्कत होगी। - सुनील यादव, प्रधान धारूपुर।
वर्जन--
कार्यदायी संस्था अभी अंडरपास का पूरा निर्माण नहीं कर पाई है। उसने दो माह का समय लिया है। दो माह के अंदर अंडरपास को तैयार कर वह रेलवे को हैंडओवर कर देगी। - एसके जायसवाल, जनसंपर्क अधिकारी डीआरएम।
विज्ञापन
भुपियामऊ रेलवे क्राॅसिंग के पास ओवरब्रिज का निर्माण वर्ष 2019 में हुआ। ओवरब्रिज बनने के बाद रेलवे ने क्राॅसिंग को बंद कर दिया। इससे 25 गांव के लोगों की परेशानी बढ़ गई।
विज्ञापन
पूर्व सांसद संगम लाल गुप्ता के कार्यकाल में अंडरपास का निर्माण शुरू हुआ। दिसंबर 2024 तक कार्यदायी संस्था को अंडरपास बना लेना था लेकिन बजट के अभाव में काम पूरा नहीं हुआ। इसके बदा संस्था ने बीच में ही आधे-अधूरे अंडरपास से आवागमन बहाल कर दिया।
विज्ञापन
बीते शनिवार सुबह से अंडरपास से आवागमन पर रोक लगा दी गई। बताया गया कि निर्माण कार्य फिर से शुरू किया जा रहा है। इससे भुपियामऊ, कमईपुर, कोठवा, बहलोलपुर, भीलमपुर, डंगैता, श्रीकांतपुर, कोहड़ा समेत 25 गांव के लोगों को राजमार्ग पर पहुंचने के लिए तीन किमी लंबा सफर तय करना पड़ रहा है।
कार्यदायी संस्था के खिलाफ रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा है। ओवरब्रिज निर्माण के बाद से भुपियामऊ समेत 25 गांव के लोगों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। - राम सिंह, जिला पंचायत सदस्य सदर।
भुपियामऊ में अंडरपास बंद होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। तीन किमी लंबा सफर तय करके भुपियामऊ व दुग्ध समिति पर जाना पड़ रहा है। स्कूल खुलने पर बच्चों को भी दिक्कत होगी। - सुनील यादव, प्रधान धारूपुर।
वर्जन
कार्यदायी संस्था अभी अंडरपास का पूरा निर्माण नहीं कर पाई है। उसने दो माह का समय लिया है। दो माह के अंदर अंडरपास को तैयार कर वह रेलवे को हैंडओवर कर देगी। - एसके जायसवाल, जनसंपर्क अधिकारी डीआरएम।

भुपियामऊ अंडर पास बंद करते कर्मचारी। संवाद- फोटो : सांकेतिक

भुपियामऊ अंडर पास बंद करते कर्मचारी। संवाद- फोटो : सांकेतिक