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Pratapgarh News: महादेव का जलाभिषेक, हर-हर बम-बम की गूंज
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मलमास के पहले दिन बाबा घुइसरनाथ धाम में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : विकास भवन।
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मलमास (पुरुषोत्तम मास) के पहले दिन शिवालयों में शिव भक्तों ने भगवान का जलाभिषेक किया। भोर से ही भक्तों की भीड़ लगी रही। शिवालय हर-हर बम-बम के उद्घोष से गुंजायमान रहे।
घुइसरनाथधाम, बेलखरनाथधाम, भयहरणनाथ धाम, हौदेश्वरनाथ धाम में भोर से ही भक्त बाबा के दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के लिए कतारबद्ध नजर आए। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।
पौराणिक धाम बाबा बेलखरनाथधाम में मलमास के पहले दिन श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। एक महीने तक श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव से जलाभिषेक करेंगे। इसको लेकर छोटे दुकानदार उत्साहित हैं। लोगों ने दर्शन-पूजन के बाद खरीदारी की।
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बताया गया कि भोर साढ़े तीन बजे मंगला आरती के बाद भूत भावन भोलेनाथ का दूध से अभिषेक किया गया। आरती के बाद श्रद्धालुओं ने सफेद पुष्प, रोली चावल से जलाभिषेक किया गया। इस मौके पर लाल बिहारी ओझा, डाॅ. संतोष ओझा, शिव कुमार ओझा, अरुण सिंह, उदय सिंह, सिकंदर सिंह, अजीत ओझा, सूरज मौजूद रहे।
मलमास में क्या करें और क्या न करें : बेलखरनाथधाम के पुजारी पंडित लाल बिहारी ओझा ने बताया कि मलमास को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है।
इस दौरान कुछ कार्यों से बचना चाहिए और कुछ धार्मिक कार्यों को अपनाना चाहिए। इस अवधि में किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य जैसे विवाह, सगाई, मुंडन या नामकरण संस्कार करना वर्जित माना गया है।
नया घर खरीदना या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य भी इस महीने में टालने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि पुरुषोत्तम मास में कोई नया व्रत या बड़ा संकल्प शुरू नहीं करना चाहिए।
दूसरी ओर यह समय भक्ति और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान श्रीमद्भागवत कथा का पाठ करना बहुत पुण्यदायी माना गया है। भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप विशेष फल देता है।
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घुइसरनाथधाम, बेलखरनाथधाम, भयहरणनाथ धाम, हौदेश्वरनाथ धाम में भोर से ही भक्त बाबा के दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के लिए कतारबद्ध नजर आए। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।
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पौराणिक धाम बाबा बेलखरनाथधाम में मलमास के पहले दिन श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। एक महीने तक श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव से जलाभिषेक करेंगे। इसको लेकर छोटे दुकानदार उत्साहित हैं। लोगों ने दर्शन-पूजन के बाद खरीदारी की।
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बताया गया कि भोर साढ़े तीन बजे मंगला आरती के बाद भूत भावन भोलेनाथ का दूध से अभिषेक किया गया। आरती के बाद श्रद्धालुओं ने सफेद पुष्प, रोली चावल से जलाभिषेक किया गया। इस मौके पर लाल बिहारी ओझा, डाॅ. संतोष ओझा, शिव कुमार ओझा, अरुण सिंह, उदय सिंह, सिकंदर सिंह, अजीत ओझा, सूरज मौजूद रहे।
मलमास में क्या करें और क्या न करें : बेलखरनाथधाम के पुजारी पंडित लाल बिहारी ओझा ने बताया कि मलमास को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है।
इस दौरान कुछ कार्यों से बचना चाहिए और कुछ धार्मिक कार्यों को अपनाना चाहिए। इस अवधि में किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य जैसे विवाह, सगाई, मुंडन या नामकरण संस्कार करना वर्जित माना गया है।
नया घर खरीदना या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य भी इस महीने में टालने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि पुरुषोत्तम मास में कोई नया व्रत या बड़ा संकल्प शुरू नहीं करना चाहिए।
दूसरी ओर यह समय भक्ति और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान श्रीमद्भागवत कथा का पाठ करना बहुत पुण्यदायी माना गया है। भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप विशेष फल देता है।

मलमास के पहले दिन बाबा घुइसरनाथ धाम में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : विकास भवन।