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Raebareli News: आठ माह बाद भी 33 हजार जाली प्रमाणपत्र निरस्त नहीं
Wed, 12 Aug 2026 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 12 Aug 2026 01:12 AM IST
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रायबरेली। जिले में संदिग्ध पाकिस्तानियों, बांग्लादेशियों और रोहिंग्या घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता दिलाने का षड्यंत्र सामने आया था। इस खुलासे के बाद भी करीब 33 हजार जाली जन्म प्रमाणपत्र अभी तक निरस्त नहीं हो सके हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हस्तक्षेप के बाद 52,846 प्रमाणपत्रों को निरस्त करने के आदेश दिए गए थे।
मास्टरमाइंड जीशान की टीम ने जुलाई 2022 से अक्तूबर 2023 के बीच फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए थे। इसके लिए ग्राम विकास अधिकारी विजय सिंह यादव के पहचान विवरण और गुप्त कोड का दुरुपयोग किया गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जुलाई 2024 में जांच के लिए रायबरेली पहुंची थी। इसी जांच में सलोन ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
जांच में बांग्लादेश, नेपाल, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु और पंजाब तक के लोगों के जाली प्रमाणपत्र पकड़े गए। मुंबई में पकड़े गए चार बांग्लादेशियों और जम्मू में पकड़े गए रोहिंग्या के पास भी सलोन से बने जाली प्रमाणपत्र मिले थे। महानिदेशक (जन्म-मृत्यु) ने पिछले साल नवंबर में इन प्रमाणपत्रों को निरस्त कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। हालांकि, आठ माह में 19,846 प्रमाणपत्र ही निरस्त किए जा सके हैं।
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एडीओ की लापरवाही, बीडीओ से मांगा जवाब
जन्म प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने में सलोन के एडीओ पंचायत का लापरवाह रवैया सामने आया है। डीपीआरओ ने सलोन के बीडीओ को भी पत्र जारी करके प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जवाब मांगा है। उधर, काम में तेजी लाने के बाद अब चार पंचायत सचिवों की तैनाती की गई है।
सलोन ब्लॉक के गांवों में अब तक 19846 प्रमाणपत्र निरस्त करा दिए गए हैं। एडीओ व बीडीओ को शेष प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
- विनय कुमार सिंह, डीपीआरओ
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मास्टरमाइंड जीशान की टीम ने जुलाई 2022 से अक्तूबर 2023 के बीच फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए थे। इसके लिए ग्राम विकास अधिकारी विजय सिंह यादव के पहचान विवरण और गुप्त कोड का दुरुपयोग किया गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जुलाई 2024 में जांच के लिए रायबरेली पहुंची थी। इसी जांच में सलोन ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
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जांच में बांग्लादेश, नेपाल, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु और पंजाब तक के लोगों के जाली प्रमाणपत्र पकड़े गए। मुंबई में पकड़े गए चार बांग्लादेशियों और जम्मू में पकड़े गए रोहिंग्या के पास भी सलोन से बने जाली प्रमाणपत्र मिले थे। महानिदेशक (जन्म-मृत्यु) ने पिछले साल नवंबर में इन प्रमाणपत्रों को निरस्त कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। हालांकि, आठ माह में 19,846 प्रमाणपत्र ही निरस्त किए जा सके हैं।
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एडीओ की लापरवाही, बीडीओ से मांगा जवाब
जन्म प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने में सलोन के एडीओ पंचायत का लापरवाह रवैया सामने आया है। डीपीआरओ ने सलोन के बीडीओ को भी पत्र जारी करके प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जवाब मांगा है। उधर, काम में तेजी लाने के बाद अब चार पंचायत सचिवों की तैनाती की गई है।
सलोन ब्लॉक के गांवों में अब तक 19846 प्रमाणपत्र निरस्त करा दिए गए हैं। एडीओ व बीडीओ को शेष प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
- विनय कुमार सिंह, डीपीआरओ