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Raebareli News: दस्तावेज को बिना जांचे मामले को दबाने का आरोप
Sun, 09 Aug 2026 01:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 09 Aug 2026 01:00 AM IST
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रायबरेली। मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग में शुरू हुई भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही कमेटी पर ही गंभीर आरोप जड़ दिए गए। शासन स्तर पर दोबारा हुई शिकायत पर स्वास्थ्य महानिदेशक को साक्ष्यों के आधार पर जांच कराकर तत्काल रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। सलोन सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ जांच कर रही टीम पर अभिलेखों को बिना जांचे मामले को दबाने का आरोप है। शासन को पत्र आने के बाद सीएमओ कार्यालय में अफरातफरी का माहौल है।
पिछले मई माह में मुख्यमंत्री को दिए गए शिकायतीपत्र में सीएचसी के पीड़ित कर्मचारियों व अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि सलोन सीएचसी अधीक्षक सिजेरियन प्रसव के नाम पर सात से आठ हजार रुपये वसूलने का दबाव बनाते हैं। प्रसव कक्ष में वसूली का प्रयास किया जाता है। यह भी आरोप लगाए गए कि कई चिकित्सक हर माह अधीक्षक को रुपये देकर अस्पताल से अनुपस्थित रहते हैं। अधीक्षक उन्हें उपस्थित दिखाकर हर माह वेतन दिला रहे हैं। इसके अलावा अन्य आरोप लगाए गए थे। मामले में सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी थी।
इसी मामले में अब शासन स्तर पर दोबारा शिकायत की गई है। शिकायत के साथ उपस्थिति रजिस्टर के पन्नों की फोटो काॅपी भी लगाई गई है, जिसमें सीएचसी के सभी स्टाफ के हस्ताक्षर नहीं हैं। भ्रष्टाचार के संबंध में साक्ष्यों के साथ की गई शिकायत में जांच कमेटी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई।
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शिकायत पर शासन के अनु सचिव अमरेश कुमार मिश्रा ने स्वास्थ्य महानिदेशक को शिकायतीपत्र भेजकर उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर जांच कराकर तुरंत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा ने बताया कि सलोन मामले की जांच कमेटी कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले मई माह में मुख्यमंत्री को दिए गए शिकायतीपत्र में सीएचसी के पीड़ित कर्मचारियों व अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि सलोन सीएचसी अधीक्षक सिजेरियन प्रसव के नाम पर सात से आठ हजार रुपये वसूलने का दबाव बनाते हैं। प्रसव कक्ष में वसूली का प्रयास किया जाता है। यह भी आरोप लगाए गए कि कई चिकित्सक हर माह अधीक्षक को रुपये देकर अस्पताल से अनुपस्थित रहते हैं। अधीक्षक उन्हें उपस्थित दिखाकर हर माह वेतन दिला रहे हैं। इसके अलावा अन्य आरोप लगाए गए थे। मामले में सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी थी।
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इसी मामले में अब शासन स्तर पर दोबारा शिकायत की गई है। शिकायत के साथ उपस्थिति रजिस्टर के पन्नों की फोटो काॅपी भी लगाई गई है, जिसमें सीएचसी के सभी स्टाफ के हस्ताक्षर नहीं हैं। भ्रष्टाचार के संबंध में साक्ष्यों के साथ की गई शिकायत में जांच कमेटी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई।
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शिकायत पर शासन के अनु सचिव अमरेश कुमार मिश्रा ने स्वास्थ्य महानिदेशक को शिकायतीपत्र भेजकर उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर जांच कराकर तुरंत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा ने बताया कि सलोन मामले की जांच कमेटी कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।