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Raebareli News: ग्रामीणों की पुलिस से नोकझोंक, हंगामा
Fri, 14 Aug 2026 01:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 14 Aug 2026 01:50 AM IST
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ऊंचाहार में युवक की मौत के बाद सड़क जाम कर रहे लोगों को समझाती पुलिस।
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ऊंचाहार। बीकरगढ़ निवासी राजू (28) के खुदकुशी के मामले में बृहस्पतिवार को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजनों व ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस व ग्रामीणों के बीच कहासुनी व तीखी नोकझोंक हुई। महिलाओं ने ऊंचाहार-सलोन मार्ग जाम करने का प्रयास किया। सभी राजू को एनकाउंटर की धमकी देने वाले दरोगा व सिपाही के खिलाफ कार्रवाई करने और मदद दिलाने की मांग कर रहे थे। एएसपी-एसडीएम ने मामले में आर्थिक मदद और न्याय दिलाने की बात कहकर परिजनों को शांत कराया। करीब आठ घंटे तक विरोध प्रदर्शन चला।
बीकरगढ़ गांव निवासी राजू ने मंगलवार रात खुदकुशी कर ली थी। पिता माताबदल यादव का आरोप था कि उनकी बेटी की ननद के ससुर की मौत के मामले में उनके दामाद व अन्य लोगों पर गैर इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज की गई थी। दामाद को कोर्ट में सरेंडर कराने के लिए पुलिस उनके बेटे पर दबाव बना रही थी। ऐसा न होने पर पुलिस ने बेटे को एनकाउंटर की धमकी दी थी। इससे डरकर बेटे ने खुदकुशी कर ली।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया था। सुबह करीब सात बजे परिजन व ग्रामीण आक्रोशित होते हुए घर पर ही हंगामा करने लगे। एनकाउंटर की धमकी देने वाले दरोगा व सिपाही के खिलाफ कार्रवाई करने व आर्थिक मदद दिलाने की मांग की। लोगों का गुस्सा इस कदर था कि वह पुलिसकर्मियों को जमकर खरीखोटी सुनाई। पुलिस ने उन्हें शांत कराने का प्रयास किया तो उनकी नोकझोंक के साथ कहासुनी हुई।
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परिजनों का आरोप था कि मृतक राजू को पुलिस ने कुछ दिन पहले पकड़ लिया था। 10 हजार रुपये की रिश्वत लेकर उसे छोड़ा था। ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें पुलिस अफसर बचाने की कोशिश कर रहे हैं। आक्रोशित महिलाएं ऊंचाहार-सलोन मार्ग पर पहुंचकर जाम करने का प्रयास करने लगी। पुलिस ने किसी तरह महिलाओं को मार्ग से बाहर किया। मामला बढ़ने पर कई थानों का पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया।
एएसपी आलोक सिंह व ऊंचाहार एसडीएम विवेक राजपूत ने परिजनों से बातचीत की। अधिकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर जांच के बाद कार्रवाई कराने, पत्नी को आवासीय पट्टा देने व परिवार को सरकारी मदद दिलाने का भरोसा देकर शांत कराया। इस पर शाम तीन बजे विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
एएसपी ने बताया कि मृतक राजू के पिता की तहरीर पर रिश्तेदार बसुवई गांव निवासी राजकुमार, उनकी मां शांति, बहन शिवानी व निधि और सलोन कोतवाली क्षेत्र के अनिल व सुनील के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में कार्रवाई कराकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।
पत्नी बोली, पुलिस की ज्यादती ने ली पति की जान
राजू एनटीपीसी में मजदूरी करते थे। उनकी मौत से पत्नी अंजली बदहवास दिखी। आंखों में आंसू थे तो चेहरे पर पुलिस के प्रति गुस्सा साफ दिख रहा था। पत्नी अंजली बोली, पुलिस की ज्यादती से उनके पति की जान चली गई। पुलिसकर्मी उनके पति को धमकी देते रहे। मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह कभी सोचा नहीं था कि इतनी जल्दी उनका सुहाग छिन जाएगा। मई में ही उनकी शादी हुई थी। मां बिपाता दहाड़े मारकर रो रही थी। पुलिसकर्मियों के पैरों में गिर जाती और कहती मुझे इन्साफ चाहिए। पुलिस वालों ने उनका बेटा छीन लिया।
कांग्रेस व सपा ने जताई नाराजगी
बीकरगढ़ गांव की घटना को कांग्रेस व सपा ने ट्वीट कर नाराजगी जताई। प्रदेश कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर घटना के बारे में लिखा कि खाकी सफेदपोशों की गुलाम बन चुकी है। अपराधियों के आगे घुटने टेकने वाली पुलिस सिर्फ गरीबों और बेगुनाहों के सामने शूरवीर बनती है। कहां छिपे हैं वह माननीय मंत्री, सामने आकर जवाब दें। मंत्री पुलिस नेक्सस की उच्चस्तरीय जांच हो। समाजवादी मीडिया सेल ने एक्स किया है कि भाजपा शासित मुख्यमंत्री के राज में फर्जी एनकाउंटर और फर्जी मुकदमे जैसी घटनाओं के कारण मौतों का सिलसिला बढ़ा है। इसके जिम्मेदार यूपी को पुलिस स्टेट में बदलने वाले मुख्यमंत्री हैं।
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बीकरगढ़ गांव निवासी राजू ने मंगलवार रात खुदकुशी कर ली थी। पिता माताबदल यादव का आरोप था कि उनकी बेटी की ननद के ससुर की मौत के मामले में उनके दामाद व अन्य लोगों पर गैर इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज की गई थी। दामाद को कोर्ट में सरेंडर कराने के लिए पुलिस उनके बेटे पर दबाव बना रही थी। ऐसा न होने पर पुलिस ने बेटे को एनकाउंटर की धमकी दी थी। इससे डरकर बेटे ने खुदकुशी कर ली।
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पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया था। सुबह करीब सात बजे परिजन व ग्रामीण आक्रोशित होते हुए घर पर ही हंगामा करने लगे। एनकाउंटर की धमकी देने वाले दरोगा व सिपाही के खिलाफ कार्रवाई करने व आर्थिक मदद दिलाने की मांग की। लोगों का गुस्सा इस कदर था कि वह पुलिसकर्मियों को जमकर खरीखोटी सुनाई। पुलिस ने उन्हें शांत कराने का प्रयास किया तो उनकी नोकझोंक के साथ कहासुनी हुई।
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परिजनों का आरोप था कि मृतक राजू को पुलिस ने कुछ दिन पहले पकड़ लिया था। 10 हजार रुपये की रिश्वत लेकर उसे छोड़ा था। ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें पुलिस अफसर बचाने की कोशिश कर रहे हैं। आक्रोशित महिलाएं ऊंचाहार-सलोन मार्ग पर पहुंचकर जाम करने का प्रयास करने लगी। पुलिस ने किसी तरह महिलाओं को मार्ग से बाहर किया। मामला बढ़ने पर कई थानों का पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया।
एएसपी आलोक सिंह व ऊंचाहार एसडीएम विवेक राजपूत ने परिजनों से बातचीत की। अधिकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर जांच के बाद कार्रवाई कराने, पत्नी को आवासीय पट्टा देने व परिवार को सरकारी मदद दिलाने का भरोसा देकर शांत कराया। इस पर शाम तीन बजे विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
एएसपी ने बताया कि मृतक राजू के पिता की तहरीर पर रिश्तेदार बसुवई गांव निवासी राजकुमार, उनकी मां शांति, बहन शिवानी व निधि और सलोन कोतवाली क्षेत्र के अनिल व सुनील के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में कार्रवाई कराकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।
पत्नी बोली, पुलिस की ज्यादती ने ली पति की जान
राजू एनटीपीसी में मजदूरी करते थे। उनकी मौत से पत्नी अंजली बदहवास दिखी। आंखों में आंसू थे तो चेहरे पर पुलिस के प्रति गुस्सा साफ दिख रहा था। पत्नी अंजली बोली, पुलिस की ज्यादती से उनके पति की जान चली गई। पुलिसकर्मी उनके पति को धमकी देते रहे। मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह कभी सोचा नहीं था कि इतनी जल्दी उनका सुहाग छिन जाएगा। मई में ही उनकी शादी हुई थी। मां बिपाता दहाड़े मारकर रो रही थी। पुलिसकर्मियों के पैरों में गिर जाती और कहती मुझे इन्साफ चाहिए। पुलिस वालों ने उनका बेटा छीन लिया।
कांग्रेस व सपा ने जताई नाराजगी
बीकरगढ़ गांव की घटना को कांग्रेस व सपा ने ट्वीट कर नाराजगी जताई। प्रदेश कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर घटना के बारे में लिखा कि खाकी सफेदपोशों की गुलाम बन चुकी है। अपराधियों के आगे घुटने टेकने वाली पुलिस सिर्फ गरीबों और बेगुनाहों के सामने शूरवीर बनती है। कहां छिपे हैं वह माननीय मंत्री, सामने आकर जवाब दें। मंत्री पुलिस नेक्सस की उच्चस्तरीय जांच हो। समाजवादी मीडिया सेल ने एक्स किया है कि भाजपा शासित मुख्यमंत्री के राज में फर्जी एनकाउंटर और फर्जी मुकदमे जैसी घटनाओं के कारण मौतों का सिलसिला बढ़ा है। इसके जिम्मेदार यूपी को पुलिस स्टेट में बदलने वाले मुख्यमंत्री हैं।

ऊंचाहार में युवक की मौत के बाद सड़क जाम कर रहे लोगों को समझाती पुलिस।