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Raebareli News: 36 करोड़ से बनेगा राणा बेनी माधव बक्श सिंह स्मारक
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राणा बेनी माधव बक्श सिंह की स्मृति में बनाया गया नव निर्मित सभागार व पुस्तकालय।
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रायबरेली।1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक राणा बेनी माधव बक्श सिंह का भव्य स्मारक शहर के अमोल विहार में बन रहा है। इसका निर्माण अंतिम चरण में है। करीब 36 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह स्मारक उनके साहस और बलिदान की गाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। परिसर में सभागार, पुस्तकालय, अतिथि गृह, खुला रंगमंच और आधुनिक प्रकाश एवं ध्वनि व्यवस्था विकसित की जा रही है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि परियोजना की कुल लागत 36.09 करोड़ रुपये है। प्रथम चरण में सभागार और पुस्तकालय का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके लिए 20.09 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए हैं। निर्माण कार्य 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है और अगस्त में पूरा होने की उम्मीद है।
द्वितीय चरण के लिए 12 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। इसका करीब 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसमें अतिथि गृह समेत अन्य संरचनाएं शामिल हैं। आधुनिक प्रकाश एवं ध्वनि आधारित आंतरिक विकास कार्य चार करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है, जिसका करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मंत्री ने कहा कि स्मारक राणा बेनी माधव की गौरवगाथा को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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राणा बेनी माधव ने अंग्रेजों के खिलाफ छेड़ा था संघर्ष
राणा बेनी माधव बक्श सिंह रायबरेली की शंकरपुर रियासत के शासक और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारी नेताओं में थे। उन्होंने अवध के तालुकेदारों को एकजुट कर ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया। बाराबंकी के नवाबगंज और चिनहट की लड़ाइयों में उन्होंने अंग्रेजी सेना का मुकाबला किया। नवंबर 1858 में गोविंदपुर भीरा में भी उन्होंने अंग्रेजी सेना के खिलाफ महत्वपूर्ण संघर्ष किया।
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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि परियोजना की कुल लागत 36.09 करोड़ रुपये है। प्रथम चरण में सभागार और पुस्तकालय का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके लिए 20.09 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए हैं। निर्माण कार्य 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है और अगस्त में पूरा होने की उम्मीद है।
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द्वितीय चरण के लिए 12 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। इसका करीब 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसमें अतिथि गृह समेत अन्य संरचनाएं शामिल हैं। आधुनिक प्रकाश एवं ध्वनि आधारित आंतरिक विकास कार्य चार करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है, जिसका करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मंत्री ने कहा कि स्मारक राणा बेनी माधव की गौरवगाथा को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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राणा बेनी माधव ने अंग्रेजों के खिलाफ छेड़ा था संघर्ष
राणा बेनी माधव बक्श सिंह रायबरेली की शंकरपुर रियासत के शासक और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारी नेताओं में थे। उन्होंने अवध के तालुकेदारों को एकजुट कर ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया। बाराबंकी के नवाबगंज और चिनहट की लड़ाइयों में उन्होंने अंग्रेजी सेना का मुकाबला किया। नवंबर 1858 में गोविंदपुर भीरा में भी उन्होंने अंग्रेजी सेना के खिलाफ महत्वपूर्ण संघर्ष किया।