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Raebareli News: देवी दरबार तैयार, बाजारों में बढ़ी रौनक
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 19 Mar 2026 01:55 AM IST
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नवरात्र को लेकर कैपरगंज स्थित दुकान से मातारानी के लिए चुनरी खरीदती भक्त।
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रायबरेली। चैत्र नवरात्र और हिंदू नववर्ष के स्वागत के लिए जनपद में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार को बाजारों में खासी रौनक रही और प्रमुख शक्तिपीठों को भव्य रूप से सजाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिरों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
शहर के मंसादेवी, मढ़ीदेवी और चंपा देवी मंदिर को फूलों व रंगीन लाइटों से सजाया गया है। वहीं, सेमरी क्षेत्र के मां अंबिका देवी मंदिर, मां मुक्तेश्वरी मंदिर (भागू खेड़ा), मां कामांमाई और शीतला माता मंदिर में विशेष अनुष्ठानों की तैयारी है। सरेनी स्थित गेगासो के प्रसिद्ध मां संकटा देवी मंदिर के पट बृहस्पतिवार सुबह चार बजे आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। पुजारी संतोष तिवारी ने बताया कि यहां उन्नाव और फतेहपुर से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
नवरात्र के चलते पूजन सामग्री, फल, चुनरी और शृंगार के सामान से बाजार गुलजार हैं। शाम के समय फल और हवन सामग्री खरीदने वालों की भारी भीड़ देखी गई। घरों में भी कलश स्थापना और नौ दिनों के व्रत-अनुष्ठान के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पं. अक्षत तिवारी के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी। कलश स्थापना के लिए मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 से 7:43 बजे तक है। यदि इस समय स्थापना संभव न हो, तो अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12:05 से 12:53 बजे के बीच कलश स्थापित किया जा सकता है।
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शहर के मंसादेवी, मढ़ीदेवी और चंपा देवी मंदिर को फूलों व रंगीन लाइटों से सजाया गया है। वहीं, सेमरी क्षेत्र के मां अंबिका देवी मंदिर, मां मुक्तेश्वरी मंदिर (भागू खेड़ा), मां कामांमाई और शीतला माता मंदिर में विशेष अनुष्ठानों की तैयारी है। सरेनी स्थित गेगासो के प्रसिद्ध मां संकटा देवी मंदिर के पट बृहस्पतिवार सुबह चार बजे आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। पुजारी संतोष तिवारी ने बताया कि यहां उन्नाव और फतेहपुर से भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
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नवरात्र के चलते पूजन सामग्री, फल, चुनरी और शृंगार के सामान से बाजार गुलजार हैं। शाम के समय फल और हवन सामग्री खरीदने वालों की भारी भीड़ देखी गई। घरों में भी कलश स्थापना और नौ दिनों के व्रत-अनुष्ठान के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पं. अक्षत तिवारी के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी। कलश स्थापना के लिए मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 से 7:43 बजे तक है। यदि इस समय स्थापना संभव न हो, तो अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12:05 से 12:53 बजे के बीच कलश स्थापित किया जा सकता है।