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Raebareli News: किसान दंपती ने देहदान का लिया संकल्प
Wed, 19 Aug 2026 01:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 19 Aug 2026 01:23 AM IST
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शिवगढ़ क्षेत्र में देहदान करने वाले किसान दंपती।
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शिवगढ़। स्वतंत्रता दिवस पर किसान दंपती ने देहदान का संकल्प लिया। इसके लिए दोनों ने एम्स में देहदान का पंजीकरण करा लिया है। भवानीगढ़ चौराहा निवासी सर्वेश वर्मा (58) और उनकी पत्नी राजपति ने एम्स रायबरेली को शरीर दान करने का निर्णय लिया है।
यह दंपती देहदान करने वाला पहला ऐसा जोड़ा बन गया है, जिसने जिले में आदर्श प्रस्तुत किया है। सर्वेश वर्मा पिछले 33 साल से भारतीय किसान यूनियन से जुड़े हैं और वर्तमान में उसके जिलाध्यक्ष हैं। दंपती का उद्देश्य है कि उनके निधन के बाद शरीर का हर अंग जरूरतमंदों को मिल सके। इससे किसी की जान बच सकती है या उनके अंग किसी के काम आ सकते हैं। वे चाहते हैं कि मेडिकल छात्रों को उनके शरीर से शोध या प्रयोग का अवसर मिले। इससे वे डॉक्टर बनकर समाज की सेवा कर सकेंगे। दंपती इसे अपना सौभाग्य मानते हैं।
दंपती के अनुसार, उनके शरीर के अंग जैसे आंख या किडनी किसी जरूरतमंद को दिए जा सकें। उनका यह प्रयास समाज में सकारात्मक संदेश देगा। उन्होंने आदि काल में महर्षि दधीचि का उदाहरण दिया। दधीचि ने वज्र निर्माण के लिए अपनी हड्डियां दान की थीं। दंपती की तीन बेटियां हैं, जिनमें दो विवाहित हैं और एक अभी पढ़ाई कर रही है। पूरे परिवार ने देहदान के इस निर्णय के लिए सहर्ष सहमति दी है।
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यह दंपती देहदान करने वाला पहला ऐसा जोड़ा बन गया है, जिसने जिले में आदर्श प्रस्तुत किया है। सर्वेश वर्मा पिछले 33 साल से भारतीय किसान यूनियन से जुड़े हैं और वर्तमान में उसके जिलाध्यक्ष हैं। दंपती का उद्देश्य है कि उनके निधन के बाद शरीर का हर अंग जरूरतमंदों को मिल सके। इससे किसी की जान बच सकती है या उनके अंग किसी के काम आ सकते हैं। वे चाहते हैं कि मेडिकल छात्रों को उनके शरीर से शोध या प्रयोग का अवसर मिले। इससे वे डॉक्टर बनकर समाज की सेवा कर सकेंगे। दंपती इसे अपना सौभाग्य मानते हैं।
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दंपती के अनुसार, उनके शरीर के अंग जैसे आंख या किडनी किसी जरूरतमंद को दिए जा सकें। उनका यह प्रयास समाज में सकारात्मक संदेश देगा। उन्होंने आदि काल में महर्षि दधीचि का उदाहरण दिया। दधीचि ने वज्र निर्माण के लिए अपनी हड्डियां दान की थीं। दंपती की तीन बेटियां हैं, जिनमें दो विवाहित हैं और एक अभी पढ़ाई कर रही है। पूरे परिवार ने देहदान के इस निर्णय के लिए सहर्ष सहमति दी है।
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