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Raebareli News: ओपीडी कक्षों से दलालों को भगाया, एफआईआर की चेतावनी
Wed, 19 Aug 2026 01:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 19 Aug 2026 01:18 AM IST
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रायबरेली। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए प्रेरित करने वाले बाहरी लोगों पर अस्पताल प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। मंगलवार को सीएमएस ने ओपीडी कक्षों में बैठे बाहरी लोगों को बाहर निकलवा दिया। साथ ही चेतावनी दी कि दोबारा ओपीडी में मिलने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। चिकित्सकों को भी मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही लिखने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ बाहरी लोग ओपीडी कक्षों में बैठकर मरीजों को बाहर की दवाएं लिखवाने में सक्रिय थे। आरोप है कि कुछ दवा कारोबारियों के एजेंट चिकित्सकों के आसपास बैठकर मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए प्रेरित करते थे। शिकायतों के बाद सीएमएस ने ओपीडी कक्षों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी।
सीएमएस पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। सभी चिकित्सकों को अस्पताल की उपलब्ध दवाएं ही मरीजों को लिखने के निर्देश दिए गए हैं। पहले ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे लोगों को चिह्नित किया गया है। दोबारा ओपीडी कक्ष में मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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दवा कारोबारियों के एजेंटों पर नजर
अस्पताल प्रशासन के अनुसार ओपीडी में बाहरी लोगों की मौजूदगी से मरीजों को परेशानी होती थी। बाहर की दवाएं लिखे जाने से मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। प्रशासन अब ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखेगा। चिकित्सकों और कर्मचारियों को भी इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
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अस्पताल प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ बाहरी लोग ओपीडी कक्षों में बैठकर मरीजों को बाहर की दवाएं लिखवाने में सक्रिय थे। आरोप है कि कुछ दवा कारोबारियों के एजेंट चिकित्सकों के आसपास बैठकर मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए प्रेरित करते थे। शिकायतों के बाद सीएमएस ने ओपीडी कक्षों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी।
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सीएमएस पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं। सभी चिकित्सकों को अस्पताल की उपलब्ध दवाएं ही मरीजों को लिखने के निर्देश दिए गए हैं। पहले ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे लोगों को चिह्नित किया गया है। दोबारा ओपीडी कक्ष में मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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दवा कारोबारियों के एजेंटों पर नजर
अस्पताल प्रशासन के अनुसार ओपीडी में बाहरी लोगों की मौजूदगी से मरीजों को परेशानी होती थी। बाहर की दवाएं लिखे जाने से मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। प्रशासन अब ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखेगा। चिकित्सकों और कर्मचारियों को भी इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।