{"_id":"6a1de3d535477db15a046c22","slug":"hard-work-is-the-real-key-to-success-dr-manoj-kumar-pandey-raebareli-news-c-101-1-rai1002-159322-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिश्रम सफलता की वास्तविक कुंजी है: डॉ. मनोज कुमार पांडेय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिश्रम सफलता की वास्तविक कुंजी है: डॉ. मनोज कुमार पांडेय
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 02 Jun 2026 01:26 AM IST
विज्ञापन
सोमवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अमर उजाला के हुए मेधावी सम्मान समारोह में मिले मेडल और प्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रायबरेली। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) की परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त करने वाले जिले के 21 छात्र-छात्राओं को सोमवार को अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान से सम्मानित किया गया।
लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने मेधावियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव भी साझा किए। कहा कि देश का भविष्य मेधावियों के हाथ में है। वही देश को विकास की ओर लेकर जाएंगे।
सम्मान समारोह में मेधावियों से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मेधावी छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और लगन के बल पर न केवल अपना नाम रोशन किया है, बल्कि अपने माता-पिता, विद्यालय, शिक्षकों तथा पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। शिक्षा किसी भी व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होती है और परिश्रम सफलता की वास्तविक कुंजी है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यह बहुत खुशी का बात है कि शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की मेधा आगे आ रही है। प्रदेश सरकार शिक्षा पर पैसा खर्च कर रही है। असल में शिक्षा से ही देश विकास के पथ की ओर तेजी से बढ़ता है। हमारे जिले की मेधा ने साबित किया है कि वह किसी से कम नहीं है। इस दौरान मेधावियों के साथ आए अभिभावक भी इन सुनहरे पलों के गवाह बने। मेधावी खुशी से चहके और इन पलों को कैमरे में कैद किया।
जिले में इन बच्चों को मिला सम्मान
मेधावी सम्मान समारोह में जिन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, उनमें इंटरमीडिएट से नंदिनी गुप्ता (93.80 प्रतिशत), जया शुक्ला (93.40 प्रतिशत), वैष्णवी (92.60 प्रतिशत), अभिषेक अवस्थी (92.40), दिव्यांशी मौर्या (92.40 प्रतिशत), शुभ सिंह (92.00 प्रतिशत), अद्वैत अवस्थी (92.00 प्रतिशत), उम्मे हबीबा (91.80 प्रतिशत), आर्या पटेल (91.80 प्रतिशत), तृप्ति शुक्ला (91.20 प्रतिशत), अभिनव (91.20 प्रतिशत), खिल्य पांडेय (91.20 प्रतिशत), अर्पित मौर्य (91.20 प्रतिशत), निधि श्रीवास्तव (91.20 प्रतिशत) और हाईस्कूल से दृष्टि गुप्ता (95.50 प्रतिशत), सोनाली सिंह (95.50 प्रतिशत), अंशी (95.33 प्रतिशत), आंचल शुक्ला (95.17 प्रतिशत), मुस्कान सिंह (95.17 प्रतिशत), रिया पटेल (95.00 प्रतिशत), प्राची वैश्य (95.00 प्रतिशत) शामिल रही।
मेधावियों को दिए गए 21-21 हजार के डमी चेक व मेडल
विकास भवन परिसर स्थित महात्मा गांधी सभागार में भी आयोजित समारोह में 21 मेधावियों को सम्मानित किया गया। वहीं राज्य स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण भी जिला स्तरीय कार्यक्रम में दिखाया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने हाईस्कूल के सात और इंटरमीडिएट के 14 छात्र-छात्राओं को 21-21 हजार रुपये के डमी चेक, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।
राज्य स्तर पर जिले के तीन मेधावी सम्मानित
लखनऊ में हुए समारोह में जिले के तीन मेधावियों को सम्मानित किया गया। हाईस्कूल के इन तीनों ने राज्य स्तरीय वरीयता सूची में जगह बनाई है। तनु जायसवाल (96.83 प्रतिशत को राज्य स्तर पर छठवां स्थान और सर्वेश कुमार मिश्रा (96.50 प्रतिशत) व अभिषी साहू (96.50 प्रतिशत) को राज्य स्तर पर आठवां स्थान मिला है। इन सभी को मुख्यमंत्री ने एक-एक लाख रुपये, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान किए।
-- --
मेधावियों से बातचीत
मेधावी छात्र आर्या पटेल
मैं आगे चलकर डॉक्टर बनाना चाहती हूं। इसके लिए नीट की तैयारी करूंगी और उसके बाद एमबीबीएस की पढ़ाई करूंगी। बहुत खुश हूं कि पुरस्कार और सम्मान मिला है।
-- --
मेधावी छात्र आंचल शुक्ला
मुझे बहुत खुशी मिली है कि आज पुरस्कृत किया गया। भविष्य के लिए तैयारी शुरू कर दी है। आगे चलकर इंजीनियर बनकर देश की सेवा करूंगी। यदि हम सफलता के लिए भरकस प्रयास करें तो उसका परिणाम मिलता है।
-- -- -
मेधावी छात्र दृष्टि गुप्ता
मैं भविष्य में इंजीनियर बनना चाहती हूं। सम्मान पाकर बहुत खुशी मिली है। दसवीं कक्षा में रैंक लाने के लिए मेहनत की थी। उसी की बदौलत सफलता मिली है।
-- -- -
मेधावी छात्र शुभ सिंह
गांव में बिजली की समस्या है। इसके बाद भी खुद को परीक्षा में बेहतर अंक हासिल करने के लिए तैयार किया। आईटी सेक्टर में भविष्य बनाने के लिए तैयारी कर रहा हूं। समस्याएं कुछ भी हों लेकिन यदि लक्ष्य को ठान लिया जाए तो पूरा होता है।
-- -- -
मेधावी छात्र जया शुक्ला
हम लोग ग्रामीण परिवेश में रहते हैं, वहां पर हम अपने हिसाब से पढ़ाई का शेड्यूल नहीं बना सकते हैं। बिजली नहीं आती है तो ऐसे में मैंने कुछ करने को ठाना और परीक्षा में बेहतर अंक हासिल किए। भविष्य में मुझे इंजीनियर बनना है।
लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने मेधावियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव भी साझा किए। कहा कि देश का भविष्य मेधावियों के हाथ में है। वही देश को विकास की ओर लेकर जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सम्मान समारोह में मेधावियों से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मेधावी छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और लगन के बल पर न केवल अपना नाम रोशन किया है, बल्कि अपने माता-पिता, विद्यालय, शिक्षकों तथा पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। शिक्षा किसी भी व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होती है और परिश्रम सफलता की वास्तविक कुंजी है।
Trending Videos
उन्होंने कहा कि यह बहुत खुशी का बात है कि शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की मेधा आगे आ रही है। प्रदेश सरकार शिक्षा पर पैसा खर्च कर रही है। असल में शिक्षा से ही देश विकास के पथ की ओर तेजी से बढ़ता है। हमारे जिले की मेधा ने साबित किया है कि वह किसी से कम नहीं है। इस दौरान मेधावियों के साथ आए अभिभावक भी इन सुनहरे पलों के गवाह बने। मेधावी खुशी से चहके और इन पलों को कैमरे में कैद किया।
जिले में इन बच्चों को मिला सम्मान
मेधावी सम्मान समारोह में जिन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, उनमें इंटरमीडिएट से नंदिनी गुप्ता (93.80 प्रतिशत), जया शुक्ला (93.40 प्रतिशत), वैष्णवी (92.60 प्रतिशत), अभिषेक अवस्थी (92.40), दिव्यांशी मौर्या (92.40 प्रतिशत), शुभ सिंह (92.00 प्रतिशत), अद्वैत अवस्थी (92.00 प्रतिशत), उम्मे हबीबा (91.80 प्रतिशत), आर्या पटेल (91.80 प्रतिशत), तृप्ति शुक्ला (91.20 प्रतिशत), अभिनव (91.20 प्रतिशत), खिल्य पांडेय (91.20 प्रतिशत), अर्पित मौर्य (91.20 प्रतिशत), निधि श्रीवास्तव (91.20 प्रतिशत) और हाईस्कूल से दृष्टि गुप्ता (95.50 प्रतिशत), सोनाली सिंह (95.50 प्रतिशत), अंशी (95.33 प्रतिशत), आंचल शुक्ला (95.17 प्रतिशत), मुस्कान सिंह (95.17 प्रतिशत), रिया पटेल (95.00 प्रतिशत), प्राची वैश्य (95.00 प्रतिशत) शामिल रही।
मेधावियों को दिए गए 21-21 हजार के डमी चेक व मेडल
विकास भवन परिसर स्थित महात्मा गांधी सभागार में भी आयोजित समारोह में 21 मेधावियों को सम्मानित किया गया। वहीं राज्य स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण भी जिला स्तरीय कार्यक्रम में दिखाया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने हाईस्कूल के सात और इंटरमीडिएट के 14 छात्र-छात्राओं को 21-21 हजार रुपये के डमी चेक, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।
राज्य स्तर पर जिले के तीन मेधावी सम्मानित
लखनऊ में हुए समारोह में जिले के तीन मेधावियों को सम्मानित किया गया। हाईस्कूल के इन तीनों ने राज्य स्तरीय वरीयता सूची में जगह बनाई है। तनु जायसवाल (96.83 प्रतिशत को राज्य स्तर पर छठवां स्थान और सर्वेश कुमार मिश्रा (96.50 प्रतिशत) व अभिषी साहू (96.50 प्रतिशत) को राज्य स्तर पर आठवां स्थान मिला है। इन सभी को मुख्यमंत्री ने एक-एक लाख रुपये, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान किए।
मेधावियों से बातचीत
मेधावी छात्र आर्या पटेल
मैं आगे चलकर डॉक्टर बनाना चाहती हूं। इसके लिए नीट की तैयारी करूंगी और उसके बाद एमबीबीएस की पढ़ाई करूंगी। बहुत खुश हूं कि पुरस्कार और सम्मान मिला है।
मेधावी छात्र आंचल शुक्ला
मुझे बहुत खुशी मिली है कि आज पुरस्कृत किया गया। भविष्य के लिए तैयारी शुरू कर दी है। आगे चलकर इंजीनियर बनकर देश की सेवा करूंगी। यदि हम सफलता के लिए भरकस प्रयास करें तो उसका परिणाम मिलता है।
मेधावी छात्र दृष्टि गुप्ता
मैं भविष्य में इंजीनियर बनना चाहती हूं। सम्मान पाकर बहुत खुशी मिली है। दसवीं कक्षा में रैंक लाने के लिए मेहनत की थी। उसी की बदौलत सफलता मिली है।
मेधावी छात्र शुभ सिंह
गांव में बिजली की समस्या है। इसके बाद भी खुद को परीक्षा में बेहतर अंक हासिल करने के लिए तैयार किया। आईटी सेक्टर में भविष्य बनाने के लिए तैयारी कर रहा हूं। समस्याएं कुछ भी हों लेकिन यदि लक्ष्य को ठान लिया जाए तो पूरा होता है।
मेधावी छात्र जया शुक्ला
हम लोग ग्रामीण परिवेश में रहते हैं, वहां पर हम अपने हिसाब से पढ़ाई का शेड्यूल नहीं बना सकते हैं। बिजली नहीं आती है तो ऐसे में मैंने कुछ करने को ठाना और परीक्षा में बेहतर अंक हासिल किए। भविष्य में मुझे इंजीनियर बनना है।