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Raebareli News: या हुसैन की सदाओं के साथ किया मातम
Wed, 05 Aug 2026 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 05 Aug 2026 01:12 AM IST
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शिवगढ़ क्षेत्र में निकले चेहल्लुम के जुलूस में शामिल लोग।
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शिवगढ़-नसीराबाद। शिवगढ़ के बैंती और असहन जगतपुर में मंगलवार को चेहलुम शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। नसीराबाद में भी अकीदत के साथ जुलूस निकाला गया। इस दौरान या हुसैन की सदाओं के साथ अजादारों ने मातम किया।
बैंती कस्बे में शाम को ताजियों के साथ जुलूस निकाला गया। शाम चार बजे से पांच बजे तक जुलूस बैंती बाजार में रहा, जहां ताजियादारों ने इमाम हुसैन की याद में मातम किया। जिसके बाद जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए शाम 6:30 बजे ऊंचवा पहुंच गया। बैंती निवासी कय्यूम ने बताया कि कबीरादान होते हुए ताजियों को कर्बला में ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
जुलूस में प्रधान प्रतिनिधि जानकीशरण जायसवाल, मस्जिद के पेश इमाम मोहम्मद असीर, क्षेत्र पंचायत सदस्य दिनेश रावत समेत बड़ी संख्या में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल रहे। आयोजन के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। पेश इमाम मोहम्मद असीर ने बताया कि चेहलुम कर्बला के मैदान में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत के 40वें दिन मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने इस्लाम, इन्सानियत और सत्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, जिसकी याद में यह दिन श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है।
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थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह ने बताया कि शिवगढ़ क्षेत्र के बैंती और असहन जगतपुर में दो स्थानों पर चेहलुम के अवसर पर ताजिया रखे गए एवं जुलूस निकाला गया। नसीराबाद में मंगलवार को चेहलुम का जुलूस अकीदत और गमगीन माहौल में निकाला गया। सुबह करीब 10 बजे करामत हुसैन साहब के इमामबाड़ा से जुलूस शुरू हुआ, जो नगर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ कर्बला अली शहीद पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में अजादारों ने अलम और ताजिया के साथ शिरकत की। नौहाख्वानी और मातम के माध्यम से कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई।
जुलूस के दौरान अनुशासन और धार्मिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया। जुलूस के समापन के बाद हुसैनिया जलालुद्दीन में मजलिस का आयोजन हुआ। मजलिस में उलेमा ने कर्बला की कुर्बानी, इन्साफ, सब्र और इन्सानियत के पैगाम पर प्रकाश डाला इस अवसर पर अशरफ हुसैन, फरहत हुसैन, कासिम नकवी, जकी, दिलवर, मोहम्मद अब्बास, शब्बर, अख्तर, जूही, हसनैन, वसीम, जिया सहित अन्य अजादार मौजूद रहे।
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बैंती कस्बे में शाम को ताजियों के साथ जुलूस निकाला गया। शाम चार बजे से पांच बजे तक जुलूस बैंती बाजार में रहा, जहां ताजियादारों ने इमाम हुसैन की याद में मातम किया। जिसके बाद जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए शाम 6:30 बजे ऊंचवा पहुंच गया। बैंती निवासी कय्यूम ने बताया कि कबीरादान होते हुए ताजियों को कर्बला में ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
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जुलूस में प्रधान प्रतिनिधि जानकीशरण जायसवाल, मस्जिद के पेश इमाम मोहम्मद असीर, क्षेत्र पंचायत सदस्य दिनेश रावत समेत बड़ी संख्या में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल रहे। आयोजन के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। पेश इमाम मोहम्मद असीर ने बताया कि चेहलुम कर्बला के मैदान में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत के 40वें दिन मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने इस्लाम, इन्सानियत और सत्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, जिसकी याद में यह दिन श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है।
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थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह ने बताया कि शिवगढ़ क्षेत्र के बैंती और असहन जगतपुर में दो स्थानों पर चेहलुम के अवसर पर ताजिया रखे गए एवं जुलूस निकाला गया। नसीराबाद में मंगलवार को चेहलुम का जुलूस अकीदत और गमगीन माहौल में निकाला गया। सुबह करीब 10 बजे करामत हुसैन साहब के इमामबाड़ा से जुलूस शुरू हुआ, जो नगर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ कर्बला अली शहीद पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में अजादारों ने अलम और ताजिया के साथ शिरकत की। नौहाख्वानी और मातम के माध्यम से कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई।
जुलूस के दौरान अनुशासन और धार्मिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया। जुलूस के समापन के बाद हुसैनिया जलालुद्दीन में मजलिस का आयोजन हुआ। मजलिस में उलेमा ने कर्बला की कुर्बानी, इन्साफ, सब्र और इन्सानियत के पैगाम पर प्रकाश डाला इस अवसर पर अशरफ हुसैन, फरहत हुसैन, कासिम नकवी, जकी, दिलवर, मोहम्मद अब्बास, शब्बर, अख्तर, जूही, हसनैन, वसीम, जिया सहित अन्य अजादार मौजूद रहे।

शिवगढ़ क्षेत्र में निकले चेहल्लुम के जुलूस में शामिल लोग।