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Raebareli News: भैंस की मौत के बाद क्लेम खारिज करना बीमा कंपनी को पड़ा महंगा
Thu, 30 Jul 2026 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 30 Jul 2026 12:39 AM IST
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रायबरेली। भैंस की मौत के बाद बीमा क्लेम खारिज करने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पशुपालक के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को ₹75 हजार का क्लेम 45 दिन के भीतर अदा करने का आदेश दिया है। तय अवधि में भुगतान न होने पर सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा।
बछरावां निवासी दिनेश कुमार ने कामधेनु डेयरी योजना के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा से ऋण लेकर 23 मई 2017 को भैंसों का बीमा कराया था। इनमें से एक भैंस की 19 जुलाई 2017 को मौत हो गई। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद बीमा कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पशुपालक ने भैंस का समुचित इलाज नहीं कराया और वह उपभोक्ता की श्रेणी में भी नहीं आता।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मदन लाल निगम तथा सदस्य सुनीता मिश्रा और प्रतिमा सिंह ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद बीमा कंपनी के तर्कों को स्वीकार नहीं किया और क्लेम की पूरी राशि भुगतान करने का आदेश दिया। यदि 45 दिन में भुगतान नहीं किया गया तो सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा।
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बछरावां निवासी दिनेश कुमार ने कामधेनु डेयरी योजना के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा से ऋण लेकर 23 मई 2017 को भैंसों का बीमा कराया था। इनमें से एक भैंस की 19 जुलाई 2017 को मौत हो गई। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद बीमा कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पशुपालक ने भैंस का समुचित इलाज नहीं कराया और वह उपभोक्ता की श्रेणी में भी नहीं आता।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मदन लाल निगम तथा सदस्य सुनीता मिश्रा और प्रतिमा सिंह ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद बीमा कंपनी के तर्कों को स्वीकार नहीं किया और क्लेम की पूरी राशि भुगतान करने का आदेश दिया। यदि 45 दिन में भुगतान नहीं किया गया तो सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा।
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