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Raebareli News: अध्यापक और सेल्समैन के बेटों ने किया कमाल
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 23 Apr 2026 01:28 AM IST
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मेधावी छात्र
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रायबरेली। प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षा जेईई मेंस में अध्यापक और सेल्समैन के होनहार बेटों ने सफलता अर्जित की हैं। जिस विद्यालय में इन होनहारों ने पढ़ाई की, उस विद्यालय में इस सफलता का जश्न भी मनाया गया। इस कामयाबी से परिवार वालों की खुशी का ठिकाना नहीं है। बधाई देने वालों का तांता लगा है। हर किसी को इन मेधावियों पर गर्व है।
छात्र हिमांश सिंह ने 98.51 परसेंटाइल और शाश्वत केसरवानी ने 95.39 परसेंटाइल के साथ सफलता का परचम लहराया है। इन दोनों को संघर्ष और परिश्रम से यह सफलता मिली है। हिमांश के पिता सौरभ सिंह एक निजी कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं। हिमांश ने बिना किसी कोचिंग के तैयारी की। मुख्य रूप से स्व-अध्ययन पर जोर दिया और यह मुकाम हासिल कर मिसाल पेश की है। शाश्वत केसरवानी मूल रूप से कौशांबी जिले के रहने वाले हैं, जिनके पिता अरुणोदय सुमन बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक हैं। उन्होंने भी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की।
इन दोनों मेधावियों की सफलता से गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर में भी खुशी का माहौल रहा। प्रबंधक विमल तलरेजा ने कहा कि सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश के छात्र भी यदि दृढ़ संकल्प और कड़े परिश्रम के साथ पढ़ाई करें तो वे हर स्तर पर सफलता अर्जित कर सकते हैं। बाबुलनाथ दुबे ने भी खुशी जताते हुए दोनों छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की है।
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छात्र हिमांश सिंह ने 98.51 परसेंटाइल और शाश्वत केसरवानी ने 95.39 परसेंटाइल के साथ सफलता का परचम लहराया है। इन दोनों को संघर्ष और परिश्रम से यह सफलता मिली है। हिमांश के पिता सौरभ सिंह एक निजी कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं। हिमांश ने बिना किसी कोचिंग के तैयारी की। मुख्य रूप से स्व-अध्ययन पर जोर दिया और यह मुकाम हासिल कर मिसाल पेश की है। शाश्वत केसरवानी मूल रूप से कौशांबी जिले के रहने वाले हैं, जिनके पिता अरुणोदय सुमन बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक हैं। उन्होंने भी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की।
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इन दोनों मेधावियों की सफलता से गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर में भी खुशी का माहौल रहा। प्रबंधक विमल तलरेजा ने कहा कि सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश के छात्र भी यदि दृढ़ संकल्प और कड़े परिश्रम के साथ पढ़ाई करें तो वे हर स्तर पर सफलता अर्जित कर सकते हैं। बाबुलनाथ दुबे ने भी खुशी जताते हुए दोनों छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की है।

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