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Raebareli News: आरेडिका में फंदे से लटके मिले दो शव
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 02 May 2026 01:24 AM IST
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रायबरेली में आरेडिका परिसर में घटनास्थल पर जांच करती फॉरेंसिक टीम। -संवाद
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रायबरेली। लालगंज स्थित मॉडर्न रेल कोच फैक्टरी के आवासीय परिसर में शुक्रवार को संदिग्ध हालात में रेलकोच फैक्टरी में तैनात टेक्नीशियन व एक कर्मचारी की पत्नी के शव संदिग्ध हालत में फंदे से लटके मिले। टेक्नीशियन का शव वर्कर्स क्लब के पीछे जंगल में तो महिला का शव घर की बालकनी में फंदे से लटका मिला। एक साथ दो लोगों की आत्महत्या से रेल कोच के आवासीय परिसर में रहने वाले लोग सकते में हैं। पुलिस ने दोनों जगहों पर जांच की।
रेलकोच कॉलोनी के आवास संख्या 2236-ए में रेलकोच फैक्टरी के कर्मचारी पारस परिवार के साथ रहते हैं। पारस के मुताबिक बृहस्पतिवार रात वह पत्नी मीरा देवी और बच्चों के साथ आरेडिका में आयोजित एक कार्यक्रम में गए थे। रात में सभी घर लौटे।
बताया कि सब कुछ ठीक था, लेकिन शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे जब वह काम पर जाने के लिए घर से निकलने लगे तो बरामदे में पत्नी मीरा देवी का शव फंदे से लटका देख चौंक गए। उन्होंने मीरा को फंदे से नीचे उतारा और आरेडिका के अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सक ने पत्नी को मृत घोषित कर दिया।
मीरा देवी बिहार के कैमूर जिले की मूल निवासी थीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की। साथ ही पारस से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह पता लगा है कि महिला लंबे समय से मानसिक बीमारी से परेशान थीं। ऐसे में बीमारी को आत्महत्या का कारण माना जा रहा है।
पुलिस अभी यह मामला समझ ही रही थी कि दोपहर करीब एक बजे रेल कोच फैक्टरी के शैल शॉप में तैनात टेक्नीशियन सुदामा मीणा का शव वर्कर्स क्लब के पीछे जंगल में एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला। सुदामा राजस्थान के रहने वाले थे। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को पेड़ से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दो लोगों के शव फंदे से लटके मिलने की सूचना मिलते ही लालगंज के क्षेत्राधिकारी अमित सिंह और फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। सीओ लालंगज ने बताया कि दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।
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कर्मचारियों में शोक
एक ही दिन में दो मौतों से रेल कोच फैक्टरी के कर्मचारियों में गहरा दुख है। परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है, साथी कर्मचारी इस क्षति पर शोक व्यक्त कर रहे हैं। जहां मीरा देवी की मौत का कारण बीमारी माना जा रहा है, वहीं सुदामा मीणा की मौत के कारणों का पता लगाने में पुलिस जुटी हुई है।
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रोते-बिलखते परिजनों का दर्द देख हर आंख हुई नम
आरेडिका कॉलोनी परिसर में हुई दो दुखद घटनाओं के बाद दोनों परिवारों में मातम छा गया है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोग भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठे। टेक्नीशियन सुदामा मीणा की मौत से उनकी पत्नी कमलेशा सदमे में हैं। सुदामा की बेटियां शिवानी और सुलेखा पिता को याद कर बिलख रही हैं। घर में हर तरफ सन्नाटा पसरा है। रिश्तेदार और परिचित परिवार को ढाढ़स बंधाने में जुटे हैं। सुदामा ने यह कदम क्यों उठाया, इसका खुलासा नहीं हो सका है। पत्नी भी कुछ नहीं बता पा रही हैं कि पति ने ऐसा कदम क्यों उठाया है।
उधर, मीरा देवी की मौत ने भी परिवार को तोड़ दिया है। पति पारस गहरे सदमे में हैं। दोनों बच्चे मां को खोकर बेसहारा हो गए हैं। 12 वर्षीय बेटा हेमंत और 15 वर्षीय बेटी हेमलता का रो-रोकर बुरा हाल है। मीरा के भाई रविंद्र ने बताया कि दोनों बच्चे पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं। उनके भविष्य को लेकर पूरा परिवार बेहद चिंतित है। उन्होंने बताया कि बहनोई ने दोनों बच्चों का दाखिला एक निजी विद्यालय में कराया है।
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रेलकोच कॉलोनी के आवास संख्या 2236-ए में रेलकोच फैक्टरी के कर्मचारी पारस परिवार के साथ रहते हैं। पारस के मुताबिक बृहस्पतिवार रात वह पत्नी मीरा देवी और बच्चों के साथ आरेडिका में आयोजित एक कार्यक्रम में गए थे। रात में सभी घर लौटे।
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बताया कि सब कुछ ठीक था, लेकिन शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे जब वह काम पर जाने के लिए घर से निकलने लगे तो बरामदे में पत्नी मीरा देवी का शव फंदे से लटका देख चौंक गए। उन्होंने मीरा को फंदे से नीचे उतारा और आरेडिका के अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सक ने पत्नी को मृत घोषित कर दिया।
मीरा देवी बिहार के कैमूर जिले की मूल निवासी थीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की। साथ ही पारस से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह पता लगा है कि महिला लंबे समय से मानसिक बीमारी से परेशान थीं। ऐसे में बीमारी को आत्महत्या का कारण माना जा रहा है।
पुलिस अभी यह मामला समझ ही रही थी कि दोपहर करीब एक बजे रेल कोच फैक्टरी के शैल शॉप में तैनात टेक्नीशियन सुदामा मीणा का शव वर्कर्स क्लब के पीछे जंगल में एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला। सुदामा राजस्थान के रहने वाले थे। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को पेड़ से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दो लोगों के शव फंदे से लटके मिलने की सूचना मिलते ही लालगंज के क्षेत्राधिकारी अमित सिंह और फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। सीओ लालंगज ने बताया कि दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।
कर्मचारियों में शोक
एक ही दिन में दो मौतों से रेल कोच फैक्टरी के कर्मचारियों में गहरा दुख है। परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है, साथी कर्मचारी इस क्षति पर शोक व्यक्त कर रहे हैं। जहां मीरा देवी की मौत का कारण बीमारी माना जा रहा है, वहीं सुदामा मीणा की मौत के कारणों का पता लगाने में पुलिस जुटी हुई है।
रोते-बिलखते परिजनों का दर्द देख हर आंख हुई नम
आरेडिका कॉलोनी परिसर में हुई दो दुखद घटनाओं के बाद दोनों परिवारों में मातम छा गया है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोग भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठे। टेक्नीशियन सुदामा मीणा की मौत से उनकी पत्नी कमलेशा सदमे में हैं। सुदामा की बेटियां शिवानी और सुलेखा पिता को याद कर बिलख रही हैं। घर में हर तरफ सन्नाटा पसरा है। रिश्तेदार और परिचित परिवार को ढाढ़स बंधाने में जुटे हैं। सुदामा ने यह कदम क्यों उठाया, इसका खुलासा नहीं हो सका है। पत्नी भी कुछ नहीं बता पा रही हैं कि पति ने ऐसा कदम क्यों उठाया है।
उधर, मीरा देवी की मौत ने भी परिवार को तोड़ दिया है। पति पारस गहरे सदमे में हैं। दोनों बच्चे मां को खोकर बेसहारा हो गए हैं। 12 वर्षीय बेटा हेमंत और 15 वर्षीय बेटी हेमलता का रो-रोकर बुरा हाल है। मीरा के भाई रविंद्र ने बताया कि दोनों बच्चे पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं। उनके भविष्य को लेकर पूरा परिवार बेहद चिंतित है। उन्होंने बताया कि बहनोई ने दोनों बच्चों का दाखिला एक निजी विद्यालय में कराया है।
