UP: टेक्नीशियन और फैक्टरी कर्मचारी की पत्नी का सुसाइड, एक पेड़ तो दूसरा घर में लटका मिला; फैली सनसनी
रायबरेली में रेल कोच फैक्टरी परिसर में एक ही दिन दो लोगों के शव फंदे से लटके मिले, जिससे सनसनी फैल गई। एक महिला की मौत मानसिक बीमारी से जुड़ी बताई जा रही है, जबकि टेक्नीशियन की मौत के कारणों की जांच जारी है। घटनाओं से परिसर में शोक का माहौल है।
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रायबरेली के लालगंज स्थित मॉडर्न रेल कोच फैक्टरी के आवासीय परिसर में शुक्रवार को संदिग्ध हालत में रेलकोच फैक्टरी में कार्यरत टेक्नीशियन और एक कर्मचारी की पत्नी के शव संदिग्ध हालत में फंदे से लटके मिले। टेक्नीशियन का शव वर्कर्स क्लब के पीछे जंगल में तो महिला का शव घर की बालकनी में फंदे से लटका मिला।
इन दो घटनाओं से रेल कोच फैक्टरी परिसर में हड़कंप मच गया। एक साथ दो लोगों की आत्महत्या से रेल कोच के आवासीय परिसर में रहने वाले लोग सकते में हैं। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच की।
रेल कोच कॉलोनी के आवास संख्या 2236 ए में रेलकोच फैक्टरी कर्मचारी पारस परिवार के साथ रहते हैं। पारस के मुताबिक बृहस्पतिवार की रात को वह पत्नी मीरा देवी और बच्चों के साथ आरेडिका में आयोजित एक कार्यक्रम में गए थे। रात में सभी घर लौटे।
सब कुछ ठीक था लेकिन शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे जब वह काम पर जाने के लिए घर से निकलने लगे तो बरामदे पर उनकी नजर पड़ी तो वह चौंक गए। उनकी पत्नी मीरा देवी का शव फंदे से लटक रहा था।
उन्होंने मीरा देवी को फंदे से नीचे उतारा और आरेडिका के अस्पताल पहुंचे, जहां पर चिकित्सक ने मीरा देवी को मृत बताया। मीरा देवी बिहार के कैमूर जिले की मूल निवासी थीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की। साथ ही पारस से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह पता लगा है कि महिला लंबे समय से मानसिक बीमारी से परेशान थीं। ऐसे में बीमारी को आत्महत्या का कारण माना जा रहा है।
पुलिस अभी यह मामला समझ ही रही थी कि दोपहर करीब एक बजे रेल कोच फैक्टरी के शैल शॉप में कार्यरत टेक्नीशियन सुदामा मीणा का शव वर्कर्स क्लब के पीछे जंगल में एक पेड़ से फंदे से लटका मिला। सुदामा राजस्थान के रहने वाले थे और फैक्टरी में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को पेड़ से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
दो लोगों के शव फंदे से लटके मिलने की सूचना मिलते ही लालगंज के क्षेत्राधिकारी अमित सिंह और फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। सीओ लालंगज ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
कर्मचारियों में शोक
एक ही दिन में दो मौतों से रेल कोच फैक्ट्री के कर्मचारियों में गहरा दुख है। परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है और साथी कर्मचारी इस क्षति पर शोक व्यक्त कर रहे हैं। जहां मीरा देवी की मौत का कारण बीमारी माना जा रहा है। वहीं सुदामा मीणा की मौत के कारणों का पता लगाने में पुलिस जुटी हुई है।
रोते बिलखते परिजनों का दर्द देख हर आंख हुई नम
आरेडिका के कॉलोनी परिसर में हुई दो दुखद घटनाओं के बाद दोनों परिवारों में मातम छा गया है। मृतकों के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोग भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठे। टेक्नीशियन सुदामा मीणा की मौत के बाद उनकी पत्नी कमलेशा सदमे में हैं।
सुदामा की बेटियां शिवानी और सुलेखा पिता को याद कर बिलख रही हैं। घर में हर तरफ सन्नाटा पसरा है। रिश्तेदार और परिचित परिवार को ढाढ़स बंधाने में जुटे हैं। सुदामा ने यह कदम क्यों उठाया, इसका खुलासा नहीं हो सका है। पत्नी कमलेशा भी कुछ नहीं बता पा रही हैं कि पति ने ऐसा कदम क्यों उठाया है।
वहीं मीरा देवी की मौत ने भी परिवार को तोड़ दिया है। पति पारस गहरे सदमे में हैं। दोनों बच्चे मां को खोकर बेसहारा हो गए हैं। 12 वर्षीय बेटा हेमंत और 15 वर्षीय बेटी हेमलता कुमारी का रो रोकर बुरा हाल है। मृतका के भाई रविंद्र ने बताया कि दोनों बच्चे पढ़ाई में बहुत अच्छे हैं। उनके भविष्य को लेकर पूरा परिवार बेहद चिंतित है। उन्होंने बताया कि बहनोई ने दोनों बच्चों का दाखिला एक निजी विद्यालय में कराया है।
