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Rampur News: एनकाउंटर के खौफ से जेल को महफूज ठिकाना मान रहे गो तस्कर
Mon, 26 Oct 2026 01:18 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 26 Oct 2026 01:18 AM IST
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रामपुर। गोवंशीय पशुओं के वध और तस्करी के मामलों में पुलिस की सख्ती का असर अब आरोपियों पर भी दिखने लगा है। पुलिस मुठभेड़ों में गिरफ्तारी और गोली लगने की घटनाओं के बीच कुछ आरोपी जमानत तुड़वाकर जेल पहुंच रहे हैं।
जनवरी से अब तक जिले में 24 गो तस्कर पुलिस मुठभेड़ में पकड़े जा चुके हैं। इनमें 19 के पैर में गोली लगी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गो तस्करी के मुकदमों में जमानत पर बाहर चल रहे 10 आरोपी अपनी जमानत तुड़वाकर जेल जा चुके हैं।
पुलिस के मुताबिक केमरी थाना क्षेत्र के मुहल्ला गौढ़ी निवासी शकील के खिलाफ वर्ष 2018 में गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में उसके ससुर हनीफ निवासी गांव पिपलिया, बिलासपुर ने जमानत ली थी। 21 सितंबर को हनीफ ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर शकील की जमानत वापस ले ली। इसके बाद न्यायालय ने शकील के वारंट जारी किए और उसे जेल भेज दिया गया।
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दूसरा मामला सैफनी थाना क्षेत्र के गांव ललवारा निवासी कासिम का है। गो तस्करी के एक मुकदमे में उसका नाम प्रकाश में आया था। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसके तीन साथियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। तीनों के पैर में गोली लगी थी। इसके बाद कासिम ने भी गिरफ्तारी से बचने के बजाय जेल जाने का रास्ता चुना। 27 अगस्त को उसने एक साल पुराने शस्त्र अधिनियम के मुकदमे में अपनी जमानत तुड़वा ली और जेल चला गया।
पुलिस के मुताबिक, जमानत तुड़वाकर जेल जाने वालों में शावेज निवासी मुहल्ला घेर मर्दान खां, कोतवाली; शकील निवासी मुहल्ला गौढ़ी, केमरी; समीर निवासी गांव जुठिया, शहजादनगर; अजीम निवासी मुहल्ला असदुल्लापुर, मिलक; शरीफ निवासी गांव ओसी, शाहबाद; छोटे और उवैश निवासी कस्बा राजपुर, बिलासपुर शामिल हैं।
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19 आरोपियों के पैर में लगी गोली
जनवरी से अब तक गो तस्करी से जुड़े मामलों में पुलिस मुठभेड़ के दौरान 24 आरोपियों को पकड़ा गया है। इनमें 19 आरोपियों के पैर में गोली लगने की बात सामने आई है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बीच जमानत पर बाहर चल रहे आरोपियों के जेल लौटने के मामलों को भी अहम माना जा रहा है।
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अपराधियों में कानून का खौफ होना जरूरी है। गोवंशीय पशुओं का वध और तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। गो तस्करी के मुकदमों में जमानत पर चल रहे 10 आरोपी अब तक जमानत तुड़वाकर जेल जा चुके हैं। -अनुराग सिंह, एएसपी
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जनवरी से अब तक जिले में 24 गो तस्कर पुलिस मुठभेड़ में पकड़े जा चुके हैं। इनमें 19 के पैर में गोली लगी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गो तस्करी के मुकदमों में जमानत पर बाहर चल रहे 10 आरोपी अपनी जमानत तुड़वाकर जेल जा चुके हैं।
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पुलिस के मुताबिक केमरी थाना क्षेत्र के मुहल्ला गौढ़ी निवासी शकील के खिलाफ वर्ष 2018 में गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में उसके ससुर हनीफ निवासी गांव पिपलिया, बिलासपुर ने जमानत ली थी। 21 सितंबर को हनीफ ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर शकील की जमानत वापस ले ली। इसके बाद न्यायालय ने शकील के वारंट जारी किए और उसे जेल भेज दिया गया।
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दूसरा मामला सैफनी थाना क्षेत्र के गांव ललवारा निवासी कासिम का है। गो तस्करी के एक मुकदमे में उसका नाम प्रकाश में आया था। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसके तीन साथियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। तीनों के पैर में गोली लगी थी। इसके बाद कासिम ने भी गिरफ्तारी से बचने के बजाय जेल जाने का रास्ता चुना। 27 अगस्त को उसने एक साल पुराने शस्त्र अधिनियम के मुकदमे में अपनी जमानत तुड़वा ली और जेल चला गया।
पुलिस के मुताबिक, जमानत तुड़वाकर जेल जाने वालों में शावेज निवासी मुहल्ला घेर मर्दान खां, कोतवाली
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19 आरोपियों के पैर में लगी गोली
जनवरी से अब तक गो तस्करी से जुड़े मामलों में पुलिस मुठभेड़ के दौरान 24 आरोपियों को पकड़ा गया है। इनमें 19 आरोपियों के पैर में गोली लगने की बात सामने आई है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बीच जमानत पर बाहर चल रहे आरोपियों के जेल लौटने के मामलों को भी अहम माना जा रहा है।
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अपराधियों में कानून का खौफ होना जरूरी है। गोवंशीय पशुओं का वध और तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। गो तस्करी के मुकदमों में जमानत पर चल रहे 10 आरोपी अब तक जमानत तुड़वाकर जेल जा चुके हैं। -अनुराग सिंह, एएसपी