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Rampur News: शिक्षा विभाग नहीं दे रहा पाकिस्तानी शिक्षिका से संबंधित दस्तावेज

संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Fri, 16 Jan 2026 02:37 AM IST
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Education department is not providing documents related to Pakistani teacher
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तीन बार शिक्षा विभाग के कार्यालय पहुंची टीम
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अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। फर्जी दस्तावेजों से बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक की नौकरी पाने वाली पाकिस्तानी नागरिक के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की अजीमनगर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम तीन बार बीएसए दफ्तर के चक्कर लगा चुकी है। इसके बाद भी उसके हाथ खाली है। पुलिस का आरोप है कि शिक्षा विभाग दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा रहा है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आतिशबाज निवासी अख्तर अली की बेटी फरजाना उर्फ माहिरा अख्तर ने जून 1979 को पाकिस्तान निवासी से निकाह किया था। इसके बाद वह पाकिस्तान चली गई और वहां की नागरिकता प्राप्त कर ली। वहां उसने दो बेटियों आलिमा और फुरकाना को जन्म दिया।
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निकाह के करीब तीन साल बाद पति ने तलाक दे दिया। इसके बाद वह दोनों बेटियों के साथ मायके लौट आई। वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रह रही फरजाना के खिलाफ एलआईयू ने वर्ष 1983 में शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
25 जून 1985 को सीजेएम कोर्ट ने उसे मुकदमे की समाप्ति तक उपस्थित रहने का आदेश दिया था। माहिरा अख्तर ने पाकिस्तान की नागरिकता का तथ्य छिपाकर 22 जनवरी 1992 शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। उसकी तैनाती सैदनगर ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल कुम्हरिया में हुई थी।
इसके बाद शिक्षा विभाग की तहरीर पर पुलिस ने हाल ही में प्राथमिकी दर्ज की। एसपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि पुलिस की जांच में शिक्षा विभाग दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा रहा है। उनके पास दस्तावेज नहीं हैं। कहा कि इस कारण जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। अभी तक तीन बार टीम बीएसए कार्यालय जाकर दस्तावेज मांग चुकी है।
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