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Rampur News: हाथीखाना मोहल्ले की गलियां बदहाल, जगह-जगह टूटी सड़कें
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 16 Jan 2026 02:36 AM IST
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क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग से बढ़ रहे हादसे, शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ सुधार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। शहर के हाथीखाना मोहल्ले की लगभग हर गली बदहाली का शिकार है। यहां जगह-जगह क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग और टूटी सड़कें लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई हैं। गड्ढों में पैर पड़ने से लोग चोटिल हो रहे हैं, कई को मोच आ चुकी है तो कई बाइक फिसलने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
शहर में ऐसे कई मोहल्ले हैं, जहां गलियों की हालत बेहद खराब है, लेकिन गली-कूचों में होने के कारण इन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा। हाथीखाना मोहल्ले में जब पड़ताल की गई तो लगभग हर सड़क पर इंटरलॉकिंग टूटी हुई और सड़कें उखड़ी हुई दिखाई दीं। कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग की ईंटें टूटने के बाद लोगों ने अस्थायी तौर पर मिट्टी भरकर रास्ता समतल करने की कोशिश की, लेकिन वाहनों की आवाजाही के कारण वह भी बैठ गई।
वर्तमान हालात में सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। रात के समय रोशनी की कमी के कारण इन रास्तों से गुजरना और भी खतरनाक हो जाता है। लोगों का कहना है कि अंधेरे में निकलने पर पैर मुड़ने और फ्रैक्चर तक का खतरा बना रहता है। कई बार ऊंचा-नीचा रास्ता होने से दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं और लोग घायल हो जाते हैं।
मोहल्ले के बाशिंदों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें कीं और संबंधित विभागों को पत्र भी दिए, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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कोट मुख्य हेडिंग :::::
बनने के बाद अब तक नहीं हुई सड़क की मरम्मत
इंटरलॉकिंग सिर्फ नाम की है। यहां पर गड्ढे बेशुमार हैं। जिस गली से होकर निकल जाइए, हर जगह पर गड्ढे और टूटी सड़क दिख जाएगी। सपा सरकार में बनी थी, उसके बाद से अब तक मरम्मत को कोई नहीं आया। -हिमांशु
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जबसे यह सड़क बनी है, इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। यदि मरम्मत हो जाती तो आज इस तरह का हाल नहीं होता। किसी भी तरह की सुनवाई नहीं है। यहां पर जो सड़क एक बार बन गई तो फिर दोबारा नहीं देखी जाती। -सरताज अहमद
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इस सड़क के लिए कई बार पालिका में भी अधिकारियों से कहा गया और इस पर नई इंटरलॉकिंग लगवाने के लिए भी कहा, लेकिन सड़क पर काम नहीं हो सका। हाल यह है कि बच्चे भी यहां पर चोटिल हो जाते हैं। -शोएब अहमद
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सड़क का निर्माण हुआ था, उसके बाद इसकी मरम्मत अब तक नहीं हो सकी। हाल यह है कि अब इसमें इंटरलॉकिंग पूरी तरह से जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसमें काफी ज्यादा दिक्कत हो रही है। -अली
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वर्जन
सड़क निर्माण के लिए सड़कें कतार में हैं। सभी सड़कों का निर्माण कार्य करा दिया जाएगा। जो मरम्मत के लिए सड़कें हैं, उनको भी चिह्नित किया गया है। जल्द ही निर्माण कार्य होगा। -दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, रामपुर
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रामपुर। शहर के हाथीखाना मोहल्ले की लगभग हर गली बदहाली का शिकार है। यहां जगह-जगह क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग और टूटी सड़कें लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई हैं। गड्ढों में पैर पड़ने से लोग चोटिल हो रहे हैं, कई को मोच आ चुकी है तो कई बाइक फिसलने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
शहर में ऐसे कई मोहल्ले हैं, जहां गलियों की हालत बेहद खराब है, लेकिन गली-कूचों में होने के कारण इन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा। हाथीखाना मोहल्ले में जब पड़ताल की गई तो लगभग हर सड़क पर इंटरलॉकिंग टूटी हुई और सड़कें उखड़ी हुई दिखाई दीं। कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग की ईंटें टूटने के बाद लोगों ने अस्थायी तौर पर मिट्टी भरकर रास्ता समतल करने की कोशिश की, लेकिन वाहनों की आवाजाही के कारण वह भी बैठ गई।
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वर्तमान हालात में सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। रात के समय रोशनी की कमी के कारण इन रास्तों से गुजरना और भी खतरनाक हो जाता है। लोगों का कहना है कि अंधेरे में निकलने पर पैर मुड़ने और फ्रैक्चर तक का खतरा बना रहता है। कई बार ऊंचा-नीचा रास्ता होने से दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं और लोग घायल हो जाते हैं।
मोहल्ले के बाशिंदों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें कीं और संबंधित विभागों को पत्र भी दिए, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत या पुनर्निर्माण को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कोट मुख्य हेडिंग :::::
बनने के बाद अब तक नहीं हुई सड़क की मरम्मत
इंटरलॉकिंग सिर्फ नाम की है। यहां पर गड्ढे बेशुमार हैं। जिस गली से होकर निकल जाइए, हर जगह पर गड्ढे और टूटी सड़क दिख जाएगी। सपा सरकार में बनी थी, उसके बाद से अब तक मरम्मत को कोई नहीं आया। -हिमांशु
जबसे यह सड़क बनी है, इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। यदि मरम्मत हो जाती तो आज इस तरह का हाल नहीं होता। किसी भी तरह की सुनवाई नहीं है। यहां पर जो सड़क एक बार बन गई तो फिर दोबारा नहीं देखी जाती। -सरताज अहमद
इस सड़क के लिए कई बार पालिका में भी अधिकारियों से कहा गया और इस पर नई इंटरलॉकिंग लगवाने के लिए भी कहा, लेकिन सड़क पर काम नहीं हो सका। हाल यह है कि बच्चे भी यहां पर चोटिल हो जाते हैं। -शोएब अहमद
सड़क का निर्माण हुआ था, उसके बाद इसकी मरम्मत अब तक नहीं हो सकी। हाल यह है कि अब इसमें इंटरलॉकिंग पूरी तरह से जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसमें काफी ज्यादा दिक्कत हो रही है। -अली
वर्जन
सड़क निर्माण के लिए सड़कें कतार में हैं। सभी सड़कों का निर्माण कार्य करा दिया जाएगा। जो मरम्मत के लिए सड़कें हैं, उनको भी चिह्नित किया गया है। जल्द ही निर्माण कार्य होगा। -दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, रामपुर
