Rampur Seat: छह प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद, रामपुर में 55.75% मतदान, पिछले चुनाव से कम वोट पड़े
रामपुर लोकसभा सीट पर मतदान संपन्न होने के साथ छह प्रत्याशियों की चुनावी किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। इस लोकसभा सीट पर पिछले के मुकाबले 8.65 प्रतिशत मतदान कम हुआ।
विस्तार
शुक्रवार को हुए मतदान के बाद रामपुर लोकसभा क्षेत्र से अपनी किस्मत आजमा रहे छह प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई। अब इसका फैसला चार जून को सुनाया जाएगा। लोकसभा चुनाव में 1789 बूथों पर पहले चरण में शुक्रवार को मतदान संपन्न हो गया। सुबह सात बजे से शुरू हुआ मतदान शाम छह बजे तक चला। मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हो जाने के बाद प्रशासनिक अमले ने राहत की सांस ली।
मतदान संपन्न होने के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कर्मचारी ईवीएम को लेकर वापस मंडी पहुंचे, जहां अफसरों की मौजूदगी में ईवीएम को जमा करने का काम शुरू किया गया जो कि देर रात तक चला। इस दौरान मंडी समिति में अफरातफरी का माहौल रहा। सामान्य प्रेक्षक धनराजू एस के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी जोगिंदर सिंह, एसपी राजेश द्विवेदी की मौजूदगी में ईवीएम को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखने का काम होता रहा। चुनाव के लिए रामपुर के रण में छह प्रत्याशी मैदान में हैं।
रामपुर के छह प्रत्याशी
पार्टी प्रत्याशी
भाजपा घनश्याम लोधी
सपा मोहिब्बुल्लाह नदवी
बसपा जीशान खां
एमडीपी अरशद वारसी
निर्दलीय महमूद प्राचा
निर्दलीय शिव प्रसाद
8.65 फीसदी गिरा मतदान
लोकतंत्र के महापर्व के दिन प्रशासन की तमाम कोशिशों पर मतदाताओं की सुस्ती भारी पड़ गई। पिछले रिकॉर्ड को तोड़ना तो दूर इस बार मतदाता 2019 के चुनाव के मतदान प्रतिशत के करीब भी नहीं पहुंच सके। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में रामपुर के 64.40 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया था, जबकि इस बार 55.75 फीसदी मतदान ही हो सका। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार 8.65 फीसदी कम मतदान हुआ। ऐसे में प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है।
पहले चरण में रामपुर लोकसभा सीट के लिए शुक्रवार को मतदान संपन्न हो गया। मतदान के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं, उसके अनुसार जिले में 55.75 फीसदी मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह कुल 1731836 मतदाताओं में से 965514 मतदाताओं ने मतदान किया। इस बार मतदान प्रतिशत 2019 के मुकाबले 8.65 फीसदी कम रह गया। मतदान कम होने के पीछे कई वजह सामने आई हैं।
विधानसभावार मतदान की बात करें तो सबसे ज्यादा मतदान स्वार विधानसभा सीट पर हुआ, यहां 59.43 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले। वहीं सबसे पिछड़े मतदाता रामपुर शहर विधानसभा क्षेत्र के रहे। यहां सिर्फ 44.87 फीसदी मतदान ही हुआ। मिलक विधानसभा क्षेत्र में 58.14, चमरौवा विधानसभा क्षेत्र में 57.89 और बिलासपुर में 59.35 फीसदी मतदान हुआ।
कब कितने फीसदी हुआ मतदान
वर्ष मतदान प्रतिशत
1952 48.20
1957 46.30
1962 49.30
1967 67.20
1971 65.10
1977 67.00
1980 55.30
1984 65.70
1989 53.50
1991 57.00
1996 58.10
1998 62.40
1999 62.10
2004 57.10
2009 52.50
2014 59.20
2019 64.40
2024 55.75
तापमान भी बना कम मतदान की वजह
42 डिग्री तापमान में रामपुर लोकसभा सीट पर लोगों ने लोकतंत्र का महापर्व मनाया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि, अधिक तापमान के चलते मतदान प्रतिशत में काफी कमी आई। 2019 के चुनाव की अपेक्षा अधिक तापमान का असर इस बार मतदान पर भी दिखा। पिछले चुनाव में मतदान के दिन 36 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा था। तब 64.40 फीसदी मतदान हुआ था।
वहीं इस बार तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसके चलते मतदान प्रतिशत में गिरावट आई और 55.75 फीसदी मतदान हुआ। तापमान अधिक होने के कारण दोपहर के समय बूथों पर मतदाता कम दिखे। हालांकि, चार बजे के बाद मतदान केंद्रों पर भीड़ बढ़ी जा मतदान खत्म होने तक दिखाई दी।
मतदान से वंचित रह गए सैकड़ों लोग
शाहबाद में मतदाता पर्ची को बीएलओ ने घर-घर तक नहीं पहुंचाया। साथ ही सैकड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं थे। जिसके कारण लोग मतदान से वंचित रहे। सूची में नाम नहीं मिला तो लोगों ने बीएलओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीएलओ ने मतदाता पर्ची भी घर नहीं पहुंचाईं। ऐसे में लोगों को मतदाता सूची में अपना नाम ढूंढने में परेशानी हुई। इसके चलते क्षेत्र के सैकड़ों लोग मतदान नहीं कर सके।