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Saharanpur News: शुल्क प्रतिपूर्ति के नाम 17 लाख का घोटाला, दी तहरीर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 27 May 2026 12:47 AM IST
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सहारनपुर। आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत शुल्क प्रतिपूर्ति में अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने भगवती देवी मेमोरियल पब्लिक स्कूल लेबर कॉलोनी और बीडीएम पब्लिक स्कूल शांतिनगर प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने को दो अलग-अलग थानों में तहरीर दी है। आरोप है कि प्रतिपूर्ति के नाम पर करीब 17 लाख का घोटाला किया गया।
वर्ष 2024 में रामकुमार नाम के व्यक्ति द्वारा दोनों विद्यालयों की शिकायत की गई थी। उनका आरोप था कि बीडीएम पब्लिक स्कूल शांतिनगर और भगवती देवी मेमोरियल स्कूल लेबर कॉलोनी प्रबंधन द्वारा कम छात्र संख्या होने के बाद भी आरटीई में गुमराह करते हुए अधिक संख्या दर्शाकर शुल्क प्रतिपूर्ति प्राप्त की गई। शिकायत के बाद कई स्तरों पर जांच समितियां गठित की गईं। जांच में पाया गया कि विद्यालयों में कई छात्र अनुपस्थित थे तथा अभिभावकों के मोबाइल नंबर भी बंद या गलत पाए गए। इसके आधार पर दोनों स्कूलों की फीस प्रतिपूर्ति पर रोक लगा दी गई।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित समिति ने जांच की। पाया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा गलत तथ्यों और जाली दस्तावेजों का उपयोग कर विभाग को गुमराह किया गया। जांच आख्या में सरकारी धन के गबन, अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाने, विभागीय कार्यों में बाधा पहुंचाने तथा झूठी शिकायतों के माध्यम से भ्रम फैलाने जैसे आरोप भी शामिल किए गए। कुल मिलाकर 17 लाख का घोटाला किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रबंधकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा सरकारी धन की वसूली भी सुनिश्चित की जाए।
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विभागीय अधिकारी कर रहे साजिश : मलिक
दोनों विद्यालयों के प्रबंधक डॉ. अशोक मलिक का आरोप है कि फर्जी शिकायत के आधार पर जांच की गई है। रही बात शुल्क प्रतिपूर्ति में गलत तरह से पैसा हड़पने की बात तो जब एक भी बच्चे का पैसा नहीं मिला तो घोटाला कहां से हो गया। हकीकत यह है कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हर काम के लिए सुविधा शुल्क लेते हैं। इसकी शिकायत एंटी क्रप्शन में की गई है, जिसके बाद यह पूरा षड्यंत्र रचा गया है।
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बीडीएम पब्लिक स्कूल और भगवती देवी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में आरटीई के तहत छात्रों की अतिरिक्त संख्या दर्शाकर गलत तरीके से शुल्क प्रतिपूर्ति हड़पने की शिकायत मिली थी, जो जांच में सत्य पाई गई। करीब 17 लाख रुपये का गबन है, जिसकी दोगुनी वसूली होनी है। दोनों स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य के विरुद्ध संबंधित थानों में तहरीर दी गई है।
कोमल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
वर्ष 2024 में रामकुमार नाम के व्यक्ति द्वारा दोनों विद्यालयों की शिकायत की गई थी। उनका आरोप था कि बीडीएम पब्लिक स्कूल शांतिनगर और भगवती देवी मेमोरियल स्कूल लेबर कॉलोनी प्रबंधन द्वारा कम छात्र संख्या होने के बाद भी आरटीई में गुमराह करते हुए अधिक संख्या दर्शाकर शुल्क प्रतिपूर्ति प्राप्त की गई। शिकायत के बाद कई स्तरों पर जांच समितियां गठित की गईं। जांच में पाया गया कि विद्यालयों में कई छात्र अनुपस्थित थे तथा अभिभावकों के मोबाइल नंबर भी बंद या गलत पाए गए। इसके आधार पर दोनों स्कूलों की फीस प्रतिपूर्ति पर रोक लगा दी गई।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित समिति ने जांच की। पाया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा गलत तथ्यों और जाली दस्तावेजों का उपयोग कर विभाग को गुमराह किया गया। जांच आख्या में सरकारी धन के गबन, अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाने, विभागीय कार्यों में बाधा पहुंचाने तथा झूठी शिकायतों के माध्यम से भ्रम फैलाने जैसे आरोप भी शामिल किए गए। कुल मिलाकर 17 लाख का घोटाला किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रबंधकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा सरकारी धन की वसूली भी सुनिश्चित की जाए।
विभागीय अधिकारी कर रहे साजिश : मलिक
दोनों विद्यालयों के प्रबंधक डॉ. अशोक मलिक का आरोप है कि फर्जी शिकायत के आधार पर जांच की गई है। रही बात शुल्क प्रतिपूर्ति में गलत तरह से पैसा हड़पने की बात तो जब एक भी बच्चे का पैसा नहीं मिला तो घोटाला कहां से हो गया। हकीकत यह है कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हर काम के लिए सुविधा शुल्क लेते हैं। इसकी शिकायत एंटी क्रप्शन में की गई है, जिसके बाद यह पूरा षड्यंत्र रचा गया है।
बीडीएम पब्लिक स्कूल और भगवती देवी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में आरटीई के तहत छात्रों की अतिरिक्त संख्या दर्शाकर गलत तरीके से शुल्क प्रतिपूर्ति हड़पने की शिकायत मिली थी, जो जांच में सत्य पाई गई। करीब 17 लाख रुपये का गबन है, जिसकी दोगुनी वसूली होनी है। दोनों स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य के विरुद्ध संबंधित थानों में तहरीर दी गई है।
कोमल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।