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Saharanpur News: वित्त वर्ष में हुए कुल 76 हजार बैनामे, औसत कमाई 71 हजार
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 23 Apr 2026 01:09 AM IST
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सहारनपुर। जिले में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त से होने वाली आय में वृद्धि हुई है। खत्म हुए वित्त वर्ष में करीब 24 करोड़ रुपये वर्ष 2024-25 से अधिक प्राप्त हुए हैं। स्टांप विभाग को 76,264 बैनामों से औसतन 71,440 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि कुल राजस्व 544 करोड़ रुपये रहा।
सदर तहसील में तीन सब रजिस्ट्रार कार्यालय है। अन्य चारों तहसील में हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में विभाग को 520 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। वित्त वर्ष 2025-26 में रजिस्ट्री में भी हल्की बढ़ोतरी हुई है। सबसे अधिक राजस्व सदर द्वितीय और तृतीय को मिला है। दोनों कार्यालयों ने वित्त वर्ष में करीब 243 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है। इसके अलावा सबसे अधिक बैनामे आवासीय क्षेत्र में हुए हैं। इसके बाद नंबर कृषि भूमि के बैनामों का आता है। सभी निबंधन कार्यालयों में 54,942 बैनामे आवासीय हुए हैं। इनसे 231 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।
इसके बाद कृषि भूमि के बैनामों से स्टांप एवं निबंधन विभाग को 201 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि आर्थिक तरक्की का आधार माने जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र में मात्र पूरे वर्ष में नौ रजिस्ट्रियां हुई हैं। इससे विभाग को 29.95 लाख रुपये का ही राजस्व मिला। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले में 75,018 बैनामों से 520.21 करोड़ रुपये की आय हुई थी। बैनामों से औसत आय 69,345 रुपये हुई थी। इस प्रकार जहां बैनामों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी हुई है, वहीं राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है।
एआईजी स्टांप बृजेश सिंह चौधरी ने बताया कि वित्त वर्ष समाप्ति के बाद राजस्व के आंकड़े प्राप्त हुए हैं। जिले की सातों निबंधन कार्यालयों को 544 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जो वित्त वर्ष 2024-25 से 24 करोड़ रुपये अधिक है।
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सदर तहसील में तीन सब रजिस्ट्रार कार्यालय है। अन्य चारों तहसील में हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में विभाग को 520 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। वित्त वर्ष 2025-26 में रजिस्ट्री में भी हल्की बढ़ोतरी हुई है। सबसे अधिक राजस्व सदर द्वितीय और तृतीय को मिला है। दोनों कार्यालयों ने वित्त वर्ष में करीब 243 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है। इसके अलावा सबसे अधिक बैनामे आवासीय क्षेत्र में हुए हैं। इसके बाद नंबर कृषि भूमि के बैनामों का आता है। सभी निबंधन कार्यालयों में 54,942 बैनामे आवासीय हुए हैं। इनसे 231 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।
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इसके बाद कृषि भूमि के बैनामों से स्टांप एवं निबंधन विभाग को 201 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि आर्थिक तरक्की का आधार माने जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र में मात्र पूरे वर्ष में नौ रजिस्ट्रियां हुई हैं। इससे विभाग को 29.95 लाख रुपये का ही राजस्व मिला। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले में 75,018 बैनामों से 520.21 करोड़ रुपये की आय हुई थी। बैनामों से औसत आय 69,345 रुपये हुई थी। इस प्रकार जहां बैनामों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी हुई है, वहीं राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है।
एआईजी स्टांप बृजेश सिंह चौधरी ने बताया कि वित्त वर्ष समाप्ति के बाद राजस्व के आंकड़े प्राप्त हुए हैं। जिले की सातों निबंधन कार्यालयों को 544 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जो वित्त वर्ष 2024-25 से 24 करोड़ रुपये अधिक है।

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