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Saharanpur News: खारा जल विद्युत परियोजना के ट्यूबवेल कनेक्शनों को लेकर बढ़ा विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 14 Jun 2026 01:17 AM IST
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मिर्जापुर। खारा जल विद्युत परियोजना से जुड़े पांच गांवों के लोगों ने ओवरलोड और ट्रिपिंग के लिए नए ट्यूबवेल कनेक्शनों को जिम्मेदार ठहराते हुए इन्हें तत्काल बंद न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। पिछले सप्ताह ही एक फार्म हाउस पर दिए गए नलकूप के कनेक्शन को ग्रामीणों ने भीड़ ने खुद ही उतार फेंका था। ग्रामीणों के विरोध के बाद खारा परियोजना प्रशासन ने भी विद्युत निगम को पत्र लिखकर नए कनेक्शनों पर रोक लगाने की बात कही है।
बता दें, कि खारा जल विद्युत परियोजना की स्थापना वर्ष 1987 में की गई थी। परियोजना निर्माण के लिए रहना, आरिफपुर, फैजाबाद, मगनपुरा और जानीपुर के किसानों की 1500 बीघा भूमि अधिग्रहित की गई थी। उस समय इन गांवों को 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने का भरोसा दिया गया था। इसी वादे के अनुरूप लंबे समय तक इन गांवों को बेहतर विद्युत आपूर्ति मिलती रही। आबादी बढ़ने के साथ कनेक्शनों की संख्या लगातार बढ़ती गई, लेकिन विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का उस अनुपात में विस्तार नहीं किया गया। इसके कारण ओवरलोडिंग की समस्या हो गई है और बार-बार ट्रिपिंग होती है।
ऐसे में अब नए ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने पर खारा परियोजना प्रशासन संसाधनों की कमी का हवाला देकर आपत्ति जता रहा है, जबकि विद्युत निगम बेहट द्वारा लगातार ट्यूबवेल के नए कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्राम प्रधान इनायत चौधरी, जिला पंचायत सदस्य ताहिर पहलवान, हसना चौधरी, साजिद चौधरी आदि का कहना है कि लगातार नए बन रहे फार्म हाउस पर कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विद्युत निगम बेहट द्वारा नए ट्यूबवेल के कनेक्शन पर रोक नहीं लगाई गई तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे।
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बता दें, कि खारा जल विद्युत परियोजना की स्थापना वर्ष 1987 में की गई थी। परियोजना निर्माण के लिए रहना, आरिफपुर, फैजाबाद, मगनपुरा और जानीपुर के किसानों की 1500 बीघा भूमि अधिग्रहित की गई थी। उस समय इन गांवों को 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने का भरोसा दिया गया था। इसी वादे के अनुरूप लंबे समय तक इन गांवों को बेहतर विद्युत आपूर्ति मिलती रही। आबादी बढ़ने के साथ कनेक्शनों की संख्या लगातार बढ़ती गई, लेकिन विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का उस अनुपात में विस्तार नहीं किया गया। इसके कारण ओवरलोडिंग की समस्या हो गई है और बार-बार ट्रिपिंग होती है।
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ऐसे में अब नए ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने पर खारा परियोजना प्रशासन संसाधनों की कमी का हवाला देकर आपत्ति जता रहा है, जबकि विद्युत निगम बेहट द्वारा लगातार ट्यूबवेल के नए कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्राम प्रधान इनायत चौधरी, जिला पंचायत सदस्य ताहिर पहलवान, हसना चौधरी, साजिद चौधरी आदि का कहना है कि लगातार नए बन रहे फार्म हाउस पर कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विद्युत निगम बेहट द्वारा नए ट्यूबवेल के कनेक्शन पर रोक नहीं लगाई गई तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे।