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Saharanpur News: 58 वार्डों में सफाई के लिए पांच फर्मों ने ठोका दावा, शर्तों में उलझी
Tue, 14 Jul 2026 01:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 14 Jul 2026 01:15 AM IST
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सहारनपुर। नगर निगम की चर्चित 58 वार्डों की सफाई व्यवस्था ठेके पर देने की योजना टेंडर की शर्तों में उलझ गई है। पांच फर्मों ने टेंडर प्रक्रिया में आवेदन करते हुए दावा ठोका, लेकिन एक भी फर्म शर्त पूरी नहीं कर सकी। अब दोबारा से टेंडर निकालने की तैयारी की जा रही है।
महानगर में 70 वार्डों की सफाई व्यवस्था अभी तक नगर निगम खुद संभाल रहा है, लेकिन मौजूदा बोर्ड और निगम प्रशासन इनमें से 58 वार्डों की सफाई व्यवस्था ठेके पर देने जा रहा है। हालांकि, कार्यकारिणी समिति में प्रस्ताव पास होने के बाद मई 2026 में टेंडर प्रक्रिया शुरू होते ही इसका विरोध शुरू हो गया था। सफाईकर्मियों ने कई दिन तक हड़ताल कर धरना और प्रदर्शन किया था। उसके बाद सफाईकर्मियों की कुछ मांगों को मानते हुए इस प्रस्ताव को कार्यकारिणी समिति में दोबारा पास किया गया। उसके बाद बोर्ड में भी पास कराया गया।
टेंडर की प्रक्रिया को दोबारा आगे बढ़ाया गया। विभागीय सूत्रों ने बताया कि कुल पांच फर्मों ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया, लेकिन जब टेक्निकल बिड खोली गई तो एक भी फर्म टेंडर की शर्तों पर खरी नहीं उतर सकी। ऐसे में किसी भी फर्म को टेंडर नहीं मिल सका। बताया जा रहा है कि अब दोबारा से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
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29 करोड़ रुपये बढ़ेगा खर्च
जिन 58 वार्डों की सफाई व्यवस्था ठेके पर दी जा रही है। अभी तक उनकी सफाई व्यवस्था पर सालाना करीब 49 करोड़ रुपये खर्च होता है, लेकिन निजी हाथों में व्यवस्था देने के बाद यह खर्च 78 करोड़ रुपये होगा। यानी 29 करोड़ रुपये अधिक।
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निगम के वाहनों का इस्तेमाल करेगी फर्म
जिस भी फर्म को ठेका जाएगा, उसे कोई भी साधन खरीदने की जरूरत नहीं होगी। केवल ठेके पर सफाईकर्मी रखे जाएंगे। बाकी वह फर्म नगर निगम के संसाधनों का ही इस्तेमाल करेगी, जिसमें जेसीबी, पोकलेन, ट्रक, ट्रैक्टर ट्रॉली, छोटे कचरा ढुलाई वाहन, रेहड़े, गैराज आदि शामिल होंगे। फर्म वाहनों के इस्तेमाल का नगर निगम को किराया देगी।
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सफाई व्यवस्था ठेके पर देने की टेंडर प्रक्रिया में टेक्निकल बिड खुल चुकी है। फिलहाल समिति उसकी आगे की कार्रवाई पर मंथन कर रही है।
- डॉ. प्रवीण शाह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
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महानगर में 70 वार्डों की सफाई व्यवस्था अभी तक नगर निगम खुद संभाल रहा है, लेकिन मौजूदा बोर्ड और निगम प्रशासन इनमें से 58 वार्डों की सफाई व्यवस्था ठेके पर देने जा रहा है। हालांकि, कार्यकारिणी समिति में प्रस्ताव पास होने के बाद मई 2026 में टेंडर प्रक्रिया शुरू होते ही इसका विरोध शुरू हो गया था। सफाईकर्मियों ने कई दिन तक हड़ताल कर धरना और प्रदर्शन किया था। उसके बाद सफाईकर्मियों की कुछ मांगों को मानते हुए इस प्रस्ताव को कार्यकारिणी समिति में दोबारा पास किया गया। उसके बाद बोर्ड में भी पास कराया गया।
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टेंडर की प्रक्रिया को दोबारा आगे बढ़ाया गया। विभागीय सूत्रों ने बताया कि कुल पांच फर्मों ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया, लेकिन जब टेक्निकल बिड खोली गई तो एक भी फर्म टेंडर की शर्तों पर खरी नहीं उतर सकी। ऐसे में किसी भी फर्म को टेंडर नहीं मिल सका। बताया जा रहा है कि अब दोबारा से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
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29 करोड़ रुपये बढ़ेगा खर्च
जिन 58 वार्डों की सफाई व्यवस्था ठेके पर दी जा रही है। अभी तक उनकी सफाई व्यवस्था पर सालाना करीब 49 करोड़ रुपये खर्च होता है, लेकिन निजी हाथों में व्यवस्था देने के बाद यह खर्च 78 करोड़ रुपये होगा। यानी 29 करोड़ रुपये अधिक।
निगम के वाहनों का इस्तेमाल करेगी फर्म
जिस भी फर्म को ठेका जाएगा, उसे कोई भी साधन खरीदने की जरूरत नहीं होगी। केवल ठेके पर सफाईकर्मी रखे जाएंगे। बाकी वह फर्म नगर निगम के संसाधनों का ही इस्तेमाल करेगी, जिसमें जेसीबी, पोकलेन, ट्रक, ट्रैक्टर ट्रॉली, छोटे कचरा ढुलाई वाहन, रेहड़े, गैराज आदि शामिल होंगे। फर्म वाहनों के इस्तेमाल का नगर निगम को किराया देगी।
सफाई व्यवस्था ठेके पर देने की टेंडर प्रक्रिया में टेक्निकल बिड खुल चुकी है। फिलहाल समिति उसकी आगे की कार्रवाई पर मंथन कर रही है।
- डॉ. प्रवीण शाह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम