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Saharanpur News: कर्ज लेकर पत्नी को दिया था मोबाइल, वही बन गया परिवार उजड़ने का कारण
Sun, 02 Aug 2026 01:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 02 Aug 2026 01:54 AM IST
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लखनौती (सहारनपुर) । गंगोह के दौलतपुर छन्नों के रहने वाले इमरान ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि पत्नी शबाना को दिया गया मोबाइल उसका गृहस्थी उजड़ने का कारण बन जाएगा। उसी मोबाइल पर इंस्टाग्राम की रील देखते-देखते शबाना हापुड़ निवासी विशाल के संपर्क में आई, जिसके बाद दोनों में प्रेम संबंध बन गए। प्रेमी ने उसके साथ जिंदगी बिताने के लिए छह माह के मासूम समीर को रास्ते से हटा दिया।
इमरान की पहली पत्नी का निधन हो गया था, जिसके बाद उसने सहारनपुर निवासी शबाना से दूसरी शादी की। शबाना की भी यह दूसरी शादी थी। पारिवारिक विवाद के चलते पहले पति ने उसे छोड़ दिया था। इमरान के साथ शादी होने के बाद वह अपने 10 वर्षीय बेटे आहद को साथ लेकर आई थी। दूसरी शादी से तीन बच्चे हुए, जिसमें जैद अली (8 ), मोहम्मद अली (4 ) और 6 माह का समीर था। आसपास के लोगों का कहना है कि इमरान मजदूरी कर किसी तरह परिवार को चला रहा था। कुछ समय पहले उसने शबाना को मोबाइल दिया था, जिसके लिए कर्ज भी उठाया था, लेकिन इमरान को यह आभास नहीं था कि शबाना की वजह से एक दिन उसे अपना मासूम बेटा गंवाना पड़ जाएगा। शबाना के घर से जाने के बाद से ही इमरान की बहनें तीनों बच्चों को अपने पास रखकर देखभाल कर रही हैं।
हर समय मोबाइल रहती थी व्यस्त
इमरान का मकान गांव के बाहरी छोर पर है। आसपास की महिलाओं की मानें तो शबाना किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करती थी। वह अधिकतर समय मोबाइल में ही व्यस्त रहती थी। खास बात यह है कि वह ज्यादा पढ़ी-लिखी भी नहीं है। इसके बावजूद मोबाइल पर इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया एप्लीकेशन का इस्तेमाल आसानी से करती थी।
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बच्चे को लेकर करती रही गुमराह
आसपास के लोगों का कहना है कि हापुड़ से लौटने के बाद शबाना बच्चे के बारे में पूछने पर अक्सर टाल देती थी। किसी को भी यह आभास नहीं होने दिया कि मासूम समीर अब इस दुनिया में नहीं है। शनिवार को जब आसपास के लोगों को पूरे मामले का पता चला तब हर कोई हैरान रह गया।
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इमरान की पहली पत्नी का निधन हो गया था, जिसके बाद उसने सहारनपुर निवासी शबाना से दूसरी शादी की। शबाना की भी यह दूसरी शादी थी। पारिवारिक विवाद के चलते पहले पति ने उसे छोड़ दिया था। इमरान के साथ शादी होने के बाद वह अपने 10 वर्षीय बेटे आहद को साथ लेकर आई थी। दूसरी शादी से तीन बच्चे हुए, जिसमें जैद अली (8 ), मोहम्मद अली (4 ) और 6 माह का समीर था। आसपास के लोगों का कहना है कि इमरान मजदूरी कर किसी तरह परिवार को चला रहा था। कुछ समय पहले उसने शबाना को मोबाइल दिया था, जिसके लिए कर्ज भी उठाया था, लेकिन इमरान को यह आभास नहीं था कि शबाना की वजह से एक दिन उसे अपना मासूम बेटा गंवाना पड़ जाएगा। शबाना के घर से जाने के बाद से ही इमरान की बहनें तीनों बच्चों को अपने पास रखकर देखभाल कर रही हैं।
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हर समय मोबाइल रहती थी व्यस्त
इमरान का मकान गांव के बाहरी छोर पर है। आसपास की महिलाओं की मानें तो शबाना किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करती थी। वह अधिकतर समय मोबाइल में ही व्यस्त रहती थी। खास बात यह है कि वह ज्यादा पढ़ी-लिखी भी नहीं है। इसके बावजूद मोबाइल पर इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया एप्लीकेशन का इस्तेमाल आसानी से करती थी।
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बच्चे को लेकर करती रही गुमराह
आसपास के लोगों का कहना है कि हापुड़ से लौटने के बाद शबाना बच्चे के बारे में पूछने पर अक्सर टाल देती थी। किसी को भी यह आभास नहीं होने दिया कि मासूम समीर अब इस दुनिया में नहीं है। शनिवार को जब आसपास के लोगों को पूरे मामले का पता चला तब हर कोई हैरान रह गया।