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Saharanpur: 'अब अपमान बर्दाश्त नहीं होता, मेरी लाश से दूर रहे पत्नी', सुसाइड नोट छोड़कर जिम संचालक ने दी जान
Sun, 02 Aug 2026 12:14 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Sun, 02 Aug 2026 12:14 PM IST
सार
सहारनपुर के सरसावा में डिग्री कॉलेज के अकाउंटेंट व जिम संचालक देवदत्त शर्मा ने तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपनी भांजी को व्हॉट्सएप के जरिये सुसाइड नोट भेजा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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देवदत्त शर्मा की फाइल फोटो और जांच करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सरसावा नगर के रेलवे रोड निवासी डिग्री कॉलेज में अकाउंटेंट देवदत्त शर्मा (52) ने शनिवार शाम अपने घर पर तमंचे से छाती में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पत्नी के चिल्लाने पर पहुंचे पड़ोसियों ने उन्हे राजकीय मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया। खुद को गोली मारने से पहले देवदत्त शर्मा ने अपनी भांजी को सुसाइड नोट भी भेजा था। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल करते हुए मौके से तमंचा और खोखा बरामद किया है।
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देवदत्त शर्मा बालाजी डिग्री कॉलेज में अकाउंटेंट थे। वह कॉलेज के बाद अपने घर के अगले हिस्से में बने जिम को भी संचालित करते थे। घटना के समय जिम में मौजूद पड़ोसी सुशील ने बताया कि करीब सात बजे देवदत्त शर्मा उसे घर जाने की बात कहकर अंदर चले गए थे। जिम में उस वक्त म्यूजिक सिस्टम बज रहा था।
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कुछ देर बाद ही उनकी पत्नी सीमा चिल्लाती हुई जिम में आई। वह दौड़कर अंदर गए तो देवदत्त खून से लथपथ पड़े थे। इसके बाद वे उन्हें लेकर आनन फानन में राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर थानाध्यक्ष प्रवेश कुमार शर्मा पुलिस और फोरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और जांच पड़ताल की।
देवदत्त शर्मा के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अभिषेक सऊदी अरब में नौकरी करता है जबकि छोटा बेटा आदित्य (22) चंडीगढ़ में रहकर पढ़ रहा है। वह एक दिन पहले ही देहरादून किसी प्रतियोगिता में भाग लेने आया था। घटना के वक्त वह घर पर नहीं था। एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि देवदत्त ने तमंचे से खुद को गोली मार कर आत्महत्या की है। उन्होंने एक सुसाइड नोट भी अपनी रिश्तेदार को भेजा है। उसकी जांच की जा रही है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब अपमान सहन नहीं होता, बार-बार मरने से अच्छा एक ही बार मर जाऊं
अकाउंटेट देवदत्त शर्मा ने मरने से पहले सुसाइड नोट अपनी भांजी को व्हाट्सएप पर टाइप करके भेजा है। शाम करीब सात बजे भेजे इस सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि अब अपमान सहन नहीं होता है। बार-बार मरने से बेहतर है कि एक ही बार मर जांऊ। उन्होंने लिखा कि वह कायर नहीं हैं, लेकिन अपमान ने उनकी आत्मा को अंदर से मार दिया है। भांजी के लिए उन्होंने लिखा कि वह अपनी मां का ख्याल रखे। इसके साथ ही उन्होंने अपनी अंतिम इच्छाएं भी लिखी है। इसमें मौत के बाद किसी भी धार्मिक अनुष्ठान पर रुपये खर्च न करने की बात लिखी है। दाह संस्कार में उपलों का प्रयोग न किया जाए। आत्मा की शांति के लिए कोई धार्मिक कार्यक्रम न किया जाए। वह चाहते हैं कि उनकी आत्मा भटकती रहे। उन्होंने अपने मृत शरीर से पत्नी को दूर रखने की बात लिखी है।
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अकाउंटेट देवदत्त शर्मा ने मरने से पहले सुसाइड नोट अपनी भांजी को व्हाट्सएप पर टाइप करके भेजा है। शाम करीब सात बजे भेजे इस सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि अब अपमान सहन नहीं होता है। बार-बार मरने से बेहतर है कि एक ही बार मर जांऊ। उन्होंने लिखा कि वह कायर नहीं हैं, लेकिन अपमान ने उनकी आत्मा को अंदर से मार दिया है। भांजी के लिए उन्होंने लिखा कि वह अपनी मां का ख्याल रखे। इसके साथ ही उन्होंने अपनी अंतिम इच्छाएं भी लिखी है। इसमें मौत के बाद किसी भी धार्मिक अनुष्ठान पर रुपये खर्च न करने की बात लिखी है। दाह संस्कार में उपलों का प्रयोग न किया जाए। आत्मा की शांति के लिए कोई धार्मिक कार्यक्रम न किया जाए। वह चाहते हैं कि उनकी आत्मा भटकती रहे। उन्होंने अपने मृत शरीर से पत्नी को दूर रखने की बात लिखी है।
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